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अब एक ही जगह कई पोर्टल पर खरीदारी करने का मिलेगा मौका, सरकार कर रही है यह तैयारी  

कारोबारियों की संस्‍था कैट ने केंद्र सरकार से ई-कॉमर्स कंपनियों पर लगाम लगाने की मांग की थी.
कारोबारियों की संस्‍था कैट ने केंद्र सरकार से ई-कॉमर्स कंपनियों पर लगाम लगाने की मांग की थी.

कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) इसके लिए लंबे वक्त से आंदोलन कर रहा था. कैट के राष्ट्रीय महामंत्री को भी इस कमेटी (Committee) का सदस्य बनाया गया है.    

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 25, 2020, 11:50 PM IST
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नई दिल्ली. वाणिज्य मंत्रालय (Commerce industry) के आदेश पर क्वालिटी कॉउन्सिल ऑफ़ इंडिया (QCI) पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने जा रहा है. यह प्रोजेक्ट भारत में डिजिटल कॉमर्स (Digital Commerce) के लिए एक ओपन नेटवर्क तैयार करने से जुड़ा है. देश के कारोबारी इस तरह के नेटवर्क की पिछले काफी वक्त से डिमांड कर रहे थे. इस ओपन नेटवर्क से देश में काम कर रहीं सभी डिजिटल कॉमर्स कंपनियों (Commerce Company) को जोड़ा जाएगा.

इससे आम ग्राहक (Customer) को यह राहत मिलेगी कि सभी कंपनियों का सामान उसे एक प्लेटफार्म पर मिलेगा. इतना ही नहीं किस प्लेटफार्म पर कौनसा सामान किस रेट का है और उसके क्या-क्या फीचर्स हैं यह स्टडी करने में भी आसानी होगी. प्रोजेक्ट तैयार करने के लिए एक स्टीयरिंग कमेटी भी बना दी गई है.

पीएम का सपना सच हुआ



कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि सरकार के इस फैसले से सभी को ऑनलाइन मार्किट पर माल बेचने के समान अवसर मिलेगा. वहीं ग्राहक को सभी दाम पर अच्छा सामान चुनने का पूरा मौका मिलेगा. इससे पीएम नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया, लोकल पर वोकल एवं आत्मनिर्भर भारत का आव्हान काफी हद तक मजबूत होगा.
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पोर्टल की इन मनमानियों पर लगेगी लगाम

प्रवीन खंडेलवाल ने कहा की भारत के व्यापारी किसी भी प्रतिस्पर्धा से नहीं डरते हैं, लेकिन निश्चित रूप से वर्तमान में ई कॉमर्स व्यापार में तेजी से कुछ गलत काम हो रहे हैं, जैसे लागत से कम मूल्य पर माल बेचना, भारी डिस्काउंट देना,  ई कॉमर्स कंपनियों द्वारा कुछ ब्रांड एकल रूप से अपने प्लेटफार्म पर बेचना, इन्वेंट्री को नियंत्रित करना तथा कैश बैक आदि देने के लिए ईकॉम कंपनियों के साथ बैंकों की शातिर सांठगांठ जैसी कानून विरोधी गतिविधियां सामने आई हैं. यह एफडीआई नीति के प्रेस नोट नंबर 2 के गैरकानूनी है.

यह हैं स्टीयरिंग कमेटी के सदस्य

स्टीयरिंग कमेटी के अध्यक्ष डीपीआईआईटी के संयुक्त सचिव होंगे और इसमें जैम, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेक्नोलॉजी मंत्रालय, एमएसएमई मंत्रालय और नीति आयोग के प्रतिनिधि भी होंगे. कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल को भी कमेटी का सदस्य मनोनीत किया गया है. इसके साथ ही आदित्य ज़ैनुभाई, अध्यक्ष, क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया, दिलीप अस्बे, सीईओ, एनपीसीआई, सुरेश सेठ, सीईओ, एनएसडीएल, अरविंद गुप्ता, संस्थापक, मायगोव और रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के एक प्रतिनिधि भी इस कमेटी के सदस्य होंगे.
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