अब इस कंपनी ने बनाई कोविड-19 की दवा! दूसरे चरण के ट्रायल की मिली मंजूरी

अब इस कंपनी ने बनाई कोविड-19 की दवा! दूसरे चरण के ट्रायल की मिली मंजूरी
कोच्चि की दवा कंपनी पीएनबी वेस्‍पर लाइफ साइंसेस की कोविड-19 के इलाज में मददगार दवा के दूसरे चरण के क्‍लीनिकल ट्रायल को मंजूरी मिल गई है.

कोच्चि की फार्मास्‍युटिकल फर्म पीएनबी वेस्‍पर लाइफ साइंसेस (PNB Vesper Life Sciences) ने कोविड-19 के मरीजों के इलाज (Covid-19 Treatment) में मददगार एक नई दवा (New Drug) बना ली है. इसका दूसरे चरण का क्‍लीनिकल ट्रायल पुणे के बीएमजी मेडिकल कॉलेज में कोविड-19 के मरीजों पर किया जाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 13, 2020, 4:55 PM IST
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नई दिल्ली. फार्मास्‍युटिकल फर्म पीएनबी वेस्‍पर लाइफ साइंसेस (PNB Vesper Life Sciences) ने कोविड-19 के मरीजों के इलाज (Covid-19 Treatment) में मददगार एक नई दवा (New Drug) बना ली है. कोच्चि की कंपनी वेस्‍पर लाइफ की इस नई दवा के परीक्षण (Trial) की मंजूरी मिल गई है. ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DGCI) की मंजूरी के बाद अब कंपनी दूसरे दौर के परीक्षण में मरीजों पर दवा GPP-Baladol का ट्रायल करेगी. साथ ही यह दुनिया में पहली ऐसी कंपनी बन गई है, जो इस तरह का परीक्षण एक नये रासायनिक तत्व (Chemical Entity) के साथ कर रही है.

लंग्‍स कैंसर के लिए बनाया गया था पीएनबी-001
पीएनबी वेस्‍पर लाइफ साइंसेस के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि 15 साल पुरानी कंपनी ने छह नए रासायनिक तत्वों (Chemical Entities) को बनाया है. इनमें एक सबसे नया पीएनबी-001 (PNB-001) का कोरोनो वायरस के मरीजों के इलाज में ट्रायल किया जाएगा. कंपनी के सीईओ पीएन बालाराम ने बताया कि पीएनबी-001 को शुरू में फेफड़े के कैंसर (Lung Cancer) के लिए बनाया गया था. उन्होंने कहा कि कंपनी ने दूसरे चरण के क्‍लीनिकल ट्रायल (Clinical Trial) के लिए सेंट्रल लाइसेंसिंग अथॉरिटी से अनुमति हासिल कर ली है. बता दें कि कंपनी की लैबोरेटरीज ब्रिटेन (Britain) में हैं.

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पुणे के बीएमजी मेडिकल कॉलेज में होगा ट्रायल


पीएनबी वेस्पर कोविड-19 ट्रीटमेंट के लिए नए मॉलेक्यूल का क्‍लीनिकल ट्रायल शुरू करने वाली दुनिया की पहली कंपनी बन गई है. बालाराम के पास कंपनी का 100 फीसदी मालिकाना हक है. साथ ही छह अमेरिकी (US), ब्रिटिश (British) और जर्मन (German) रिसर्च पार्टनर हैं, जो अक्‍टूबर से कोच्चि कार्यालय में काम शुरू कर देंगे. पीएनबी001 (जीपीपी-बालाडोल) का अमेरिका, यूरोप और भारत समेत कई एशियाई देशों में साल 2036 तक पेटेंट है. यह ट्रायल पुणे (Pune) के बीएमजे मेडिकल कॉलेज में 40 कोविड-19 रोगियों पर किया जाएगा.

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378 रोगियों पर होगा तीसरे चरण का ट्रायल
बालाराम ने कहा कि पहले चरण का क्‍लीनिकल ट्रायल फरवरी में लंबादा मेडिकल रिसर्च की ओर से अहमदाबाद में 78 रोगियों पर किया गया था. पहले चरण के परीक्षणों के नतीजों के आधार पर उन्होंने कहा कि पीएनबी-001 एस्पिरिन की तुलना में 20 गुना ज्‍यादा असरदार है. साथ ही इसका रोगियों पर कोई खराब असर (Side Effects) भी दिखाई नहीं दिया है. अगर दूसरे चरण का ट्रायल सफल रहा तो कंपनी नई दिल्ली व लखनऊ के एम्‍स (AIIMS) समेत मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और पुणे के कुछ अस्पतालों में 378 रोगियों पर तीसरे चरण का ट्रायल करेगी.
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