Aadhaar की तरह अब Voter ID Card भी होगा डाउनलोड, आज शुरू हुआ ई-इपिक कार्यक्रम, जानें कैसे करें डाउनलोड

अब आधार की तरह डाउनलोड होगा मतदाता पहचानपत्र.

अब आधार की तरह डाउनलोड होगा मतदाता पहचानपत्र.

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद (Ravi Shankar Prasad) ने आज ई-वोटर आईडी कार्ड (E-Voter ID Card) लॉन्च कर दिया. मतदाता पहचानपत्र का डिजिटल संस्‍करण मोबाइल फोन या कंप्‍यूटर पर डाउनलोड किया जा सकेगा. चुनाव आयोग (Election Commission) के मुताबिक, इस डिजिटल कार्ड में किसी तरह की छेड़छाड़ (Edit) नहीं की जा सकेगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 25, 2021, 6:04 PM IST
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नई दिल्‍ली. कोरोना संकट के बीच केंद्र सरकार ने ज्‍यादातर विभागों के कामकाज को डिजिटल फॉर्मेट में तब्‍दील कर दिया है. इससे लोगों को दफ्तरों के चक्‍कर नहीं लगाने पड़ेंगे और वे कोविड-19 से काफी हद तक बचे रहेंगे. इसी कड़ी में अब देश का हर मतदाता अपना पहचानपत्र ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेगा. इसके लिए केंद्र सरकार ने इलेक्ट्राॅनिक मतदाता पहचानपत्र (E-Voter ID Card) जारी कर दिया है. आसान शब्‍दों में समझें तो अब आप आधार कार्ड की ही तरह मतदाता पहचानपत्र को भी ऑनलाइन डाउनलोड कर डिजिटल संस्करण (Digital Edition) हासिल कर पाएंगे.

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद आज शुरू करेंगे ई-इपिक कार्यक्रम

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद (Ravi Shankar Prasad) 25 जनवरी 2021 यानी आज मतदाता पहचान पत्र का इलेक्ट्रॉनिक संस्करण लॉन्च किया. वोटर आईडी कार्ड का ई-वर्जन मोबाइल फोन या पर्सनल कंप्यूटर पर डाउनलोड (Download E-Voter ID Card) किया जा सकता है. चुनाव आयोग (Election Commission) के अधिकारियों ने कहा कि इस डिजिटल संस्करण से किसी तरह की छेड़छाड़ (Edit) नहीं की जा सकती है. वहीं, इसे डिजिटल लॉकर (Digital Locker) जैसी सुविधाओं में सुरक्षित रखा जा सकता है. इसके अलावा इस ई-वर्जन का प्रिंट भी निकाला जा सकता है. यह वोटर हेल्पलाइन ऐप, वेबसाइट https://voterportal.eci.gov.in/ और https://www.nvsp.in/ के जरिये एक्सेस किया जा सकेगा.

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मतदाता तक तेजी और आसानी से पहचानपत्र पहुंचाना है मकसद

आयोग ने कहा कि कार्ड को प्रिंट करने और मतदाता तक पहुंचने में समय लगता है. मतदाता के पास कार्ड तेजी और आसानी से पहुंचाने के लिए ही हमने यह कार्यक्रम शुरू किया है. अभी तक आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस डिजिटल फॉर्मेट में उपलब्ध थे. बता दें कि चुनाव आयोग की वर्षगांठ को मनाने के लिए मतदाता कार्ड का ई-संस्करण लॉन्च किया जा गया है. भारत के गणतंत्र दिवस के एक दिन पहले यानी 25 जनवरी 1950 को चुनाव आयोग की स्थापना हुई थी.

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ई-इपिक के जरिये ऐसे बनेगा मतदाता का ई-वोटर आईडी कार्ड

ई-इपिक के इस्‍तेमाल के लिए खास प्रक्रिया और कुछ नियमों का पालन करना होगा. डिजिटल वोटर कार्ड के लिए मतदाता को अपनी पूरी जानकारी का सत्यापन कराना होगा. मतदाता के मोबाइल नंबर के साथ ई-मेल आईडी की अनिवार्यता भी होगी. प्रक्रिया के तहत जैसे ही मतदाता का मोबाइल नंबर चुनाव आयोग की मतदाता सूची में दर्ज होगा, वैसे ही ऐप के जरिये उसे ई-मेल और फोन पर एक संदेश मिलेगा. इसमें सुरक्षा को ध्‍यान में रखते हुए पासवर्ड के तौर पर ओटीपी की सुविधा रहेगी. इसमें दो क्यूआर कोड भी होंगे. इनमें वोटर्स और उनके इलाके की पूरी जानकारी होगी. 1 फरवरी से सभी वोटर्स अपनी आईडी की डिजिटल कॉपी डाउनलोड कर सकेंगे. बता दें कि वोटर आईडी कार्ड की हार्डकॉपी मिलना भी जारी रहेगी.
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