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बेहद आसान हुआ छोटी बचत योजनाओं में इन्वेस्ट करना

News18Hindi
Updated: October 21, 2017, 12:37 PM IST
बेहद आसान हुआ छोटी बचत योजनाओं में इन्वेस्ट करना
इमर्जेंसी फंड जरूर रखें: इमरजेंसी फंड का होना बहुत जरूरी है क्योंकि आपको अंदाजा नहीं है कि कब आपको पैसे की जरूरत पड़ जाएगी. इसलिए पैसे कमाना शुरू करने के साथ ही एक इमरजेंसी फंड तैयार करने पर ध्यान देना चाहिए. यदि आप बहुत ज्यादा पैसे बचाकर नहीं रख पा रहे हैं तब भी समय के साथ थोड़ा-थोड़ा करके एक इमरजेंसी फंड तैयार कर लेना चाहिए. एक इमरजेंसी फंड में आमतौर पर 6 महीने तक खर्च करने लायक धनराशि होनी चाहिए, लेकिन अलग-अलग मामले में यह अलग-अलग भी हो सकता है.

सरकार ने आसान किया NSC और MIP में इन्वेस्टमेंट

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  • Last Updated: October 21, 2017, 12:37 PM IST
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बचत को बढ़ावा देने के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने तीन प्राइवेट सेक्‍टर बैंकों सहित सभी वाणिज्यिक बैंकों को राष्‍ट्रीय बचत पत्र (एनएससी) और मंथली इनकम प्लान जैसी कई स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स के अंतर्गत डिपॉजिट लेने को मंजूरी प्रदान कर दी है.अधिकांश लघु बचत योजनाएं फिलहाल सिर्फ पोस्‍ट ऑफि‍स के जरिए ही संचालित की जा रही थीं.

सरकारी और प्राइवेट बैंक में कर सकते है निवेश
सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, सभी सरकारी बैंक और निजी क्षेत्र के टॉप 3 बैंक- ICICI बैंक, HDFC बैंक और एक्सिस बैंक विस्तार किए गए पोर्टफोलियो के तहत स्मॉल सेविंग्स स्कीम के लिए आवेदन ले सकेंगे.अभी तक इन बैंकों को पब्लिक प्रॉविडेंट फंड, किसान विकास पत्र-2014, सुकन्या समृद्धि खाता, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना- 2004 के अंतर्गत सब्सक्रिप्शन लेने की अनुमति थी.

कितना मिलता है ब्याज



> पीपीएफ स्कीम में निवेश करने पर सालाना 7.8 प्रतिशथ ब्याज मिलेगा वहीं, किसान विकास पत्र में निवेश करने पर सालाना 7.5 प्रतिशथ ब्याज मिलेगा और इसकी मैच्यॉरिटी 115 महीने में होगी.


> लड़कियों के लिए शुरू की गई सुकन्या समृद्धि योजना पर सालाना 8.3 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलेगा.
> वरिष्ठ नागरिक बचत योजना पर भी इसी दर से ब्याज मिलेगा.

सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन
सरकार ने हाल ही में एक नोटिफिकेशन जारी कर बताया है कि अब बैंक भी नेशनल सेविंग्स टाइम डिपॉजिट स्कीम 1981, नैशनल सेविंग्स (मंथली इनकम अकाउंट) स्कीम 1987, नैशनल सेविंग्स रिकरिंग डिपॉजिट 1981 और नैशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट VIII इशू बेच सकते हैं.

सरकार ने क्यों उठाया ये कदम
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स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की बिक्री के लिए आउटलेट्स बढ़ने से इन स्कीम के अंतर्गत ज्यादा पैसा जुटाया जा सकेगा.
पिछले महीने सरकार ने अक्टूबर-दिसंबर क्वॉर्टर के लिए स्मॉल सेविंग्स पर इंट्रेस्ट रेट में कोई बदलाव नहीं किया था.
अप्रैल 2016 से ही स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स पर ब्याज दर की तिमाही आधार पर समीक्षा की जा रही है.

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First published: October 21, 2017, 11:31 AM IST
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