Cryptocurrency से लेनदेन की इजाजत! NPCI ने क्रिप्टोकरेंसी पर बैन लगाने से किया मना, कही ये बड़ी बात

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने क्रिप्टोकरेंसी (cryptocurrency)लेनदेन पर प्रतिबंध लगाने से इंकार कर दिया है.

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने क्रिप्टोकरेंसी (cryptocurrency)लेनदेन पर प्रतिबंध लगाने से इंकार कर दिया है.

घरेलू भुगतान प्राधिकरण, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने क्रिप्टोकरेंसी (cryptocurrency) लेनदेन पर प्रतिबंध लगाने से इंकार कर दिया है. NPCI ने यह फैसला बैंकों पर छोड़ दिया है.

  • Share this:

नई दिल्ली. घरेलू भुगतान प्राधिकरण, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने क्रिप्टोकरेंसी (cryptocurrency) लेनदेन पर प्रतिबंध लगाने से इंकार कर दिया है. NPCI ने यह फैसला बैंकों पर छोड़ दिया है. अब यह बैंक के ऊपर निर्भर करती हैं कि वह क्रिप्टोकरेंसी व्यापार के लेनदेन पर प्रतिबंध लगाएगी या नहीं. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने बैंकों से कहा है कि वे अपने कानूनी और अनुपालन विभागों की सलाह के आधार पर इस पर निर्णय लें.

बैंक ने कई निवेशकों को किया ब्लैकलिस्ट

बता दें कि NPCI की सलाह ऐसे समय में बेहद महत्वपूर्ण है जब इस वक्त कई दिग्गज बैंक धीरे-धीरे करके क्रिप्टो डील्स से जुड़े भुगतानों को ब्लॉक कर रहे हैं. इकॉनोमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, लगभग आधा दर्जन से ज्यादा बैंकों ने क्रिप्टोकरेंसी के व्यापार में शामिल व्यापारियों को ब्लैकलिस्ट करने के लिए पेमेंट गेटवे ऑपरेटरों को निर्देशित किया है. इन बैंकों ने ग्राहकों को क्रिप्टोकरंसी की खरीद या बिक्री के लिए नेटबैंकिंग और UPI जैसी ऑनलाइन फंड ट्रान्सफर सुविधाओं का इस्तेमाल करने से रोका हुआ है.

ये भी पढ़ें- आम आदमी को लग सकता है झटका: पेट्रोल होगा 5 रुपये/लीटर महंगा! इस रिपोर्ट में हुआ खुलासा
जानिए क्या कहते हैं जानकार?

इंडस्ट्री के एक जानकार का मानना है अगर एनपीसीआई क्रिप्टोकरंसी में निवेश करने के लिए यूपीआई और रूपे कार्ड को डिसेबल करने का फैसला लेता है तो यह सभी बैंकों पर लागू हो जाएगा और निवेशकों के पास कम पेमेंट विकल्प बचेंगे. जिन बैंकों ने क्रिप्टो ट्रेड को डिसेबल कर रखा है, उन बैंकों के ग्राहक यूपीआई, नेट बैंकिंग या कार्ड आदि का इस्तेमाल क्रिप्टो में निवेश के लिए नहीं कर सकते.जिन बैंकों ने इस ट्रेड की अनुमति दे रखी है, उन्हें लेकर यह स्पष्ट नहीं है कि वे कितने और वक्त तक इसकी अनुमति देंगे.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज