इस सरकारी स्कीम ने 1 साल में दिलाया 12 फीसदी रिटर्न, जानिए आपको कैसे होगा मुनाफा

नेशनल पेंशन सिस्टम
नेशनल पेंशन सिस्टम

नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) को साल 2004 में केवल सरकारी कर्मचारियों के लिए लाया गया था. बाद में इसे सभी नागरिकों के लिए खोल दिया गया है. पिछले एक साल के दौरान इसमें डबल डिजिट रिटर्न देखने को मिला है. लंबी अवधि में इसे सबसे बेहतर निवेश विकल्पों में से एक माना जाता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 19, 2020, 5:46 AM IST
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नेशनल ​पेंशन सिस्टम (NPS) के डेट ​स्कीम्स ने बीते एक साल में डबल डिजिट रिटर्न दिया है. दूसरी ओर अन्य फिक्स्ड इनकम इन्वेस्टमेंट विकल्प में कुछ खास रिटर्न नहीं मिला है. बीते एक साल में NPS के स्कीम G ने औसतन 12 फीसदी का रिटर्न दिया है. NPS के स्कीम G सरकारी बॉन्ड्स व अन्य सिक्योरिटीज (Government Bonds and Securities) में निवेश करता है. यह एक कम जोखिम वाला इन्वेस्टमेंट विकल्प माना जाता है. यही कारण है कि अनुभवहीन निवेशक भी बेहतर रिटर्न की लालच में बिना किसी तर्क के NPS के इस स्कीम्स में निवेश कर देते हैं. ऐसे में जरूरी है कि भविष्य में करीब इतनी ही रिटर्न की उम्मीद करने से पहले यह जान लें कि एनपीएस के खास फीचर्स क्या हैं.

साल 2004 में केवल सरकारी कर्मचारियों के लिए पुराने पेंशन सिस्टम को खत्म करन नेशनल पेंशन सिस्टम (National Pension System) को लाया गया था. इसके 5 साल बाद यानी 2009 में NPS को सभी नागरिकों के लिए खोल दिया गया. NPS की सबसे खास बात है यह एक लो-कॉस्ट स्ट्रक्चर वाला निवेश विकल्प है. साथ ही, टैक्स छूट इसे रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए सबसे बेहतर नि​वेश विकल्प में से एक बनाता है.

NPS के स्कीम G को इतना शानदार रिटर्न कैसे मिला?
इसके लिए हम सबसे पहले एक बेसिक बातें को समझ लेते हैं. बॉन्ड यील्ड (Bond Yield) और बॉन्ड प्राइस में अप्रत्यक्ष रूप से संबंध होता है. जैसे-जैसे यील्ड नीचे की ओर जाता है, वैसे-वैसे मौजूदा डेट स्कीम्स (Debt Schemes) का प्राइस उपर जाता है. उच्च ब्याज दर की वजह से ये सिक्योरिटीज ज्यादा अनुकूल हो जाते हैं. इसका मतलब है कि डेट स्कीम का नेट एसेट वैल्यू यानी एनएवी उपर चला जाता है. अगर बॉन्डी यील्ड में इजाफा होगा तो एनएवी कम होगा.
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ये रहे हैं बेस्ट परफॉर्मर
इसी एक मौलिक बात से पता चलता है कि बीते एक साल के दौरान कैसे NPS के स्कीम G में डबल डिजिट रिटर्न मिला. बेंचमार्क 10-साल G सिक्योरिटी यील्ड 6.70 फीसदी से कम होकर 5.94 फीसदी पर आ गया है. 13.43 फीसदी रिटर्न के साथ एचडीएफसी पेंशन मैनेजमेंट फंड (HDFC Pension Management Fund) बीते एक साल में बेस्ट परफॉर्मर है रहा है. दूसरे नंबर पर एलआईसी पेंशन फंड (LIC Pension Fund) रहा है, जहां 12.49 फीसदी का रिटर्न मिला है. जबकि, 12.25 फीसदी के रिटर्न के साथ ICICI Pru Pension Fund Management रहा है.

क्या आगे भी इतने ही रिटर्न की उम्मीद की जा सकती है?
NPS एक तरह का मार्केट लिंक्ड प्रोडक्ट है. NPS स्कीम्स पर रिटर्न उतार-चढ़ाव वाला होता है. इस बात की पूरी संभवना है कि आने वाले दिनों में रिटर्न कम हो या फिर मौजूदा स्तर से ज्यादा हो. हालांकि, अन्य लंबी अवधि वाले इन्वेस्टमेंट की तरह इसके लिए भी एक ही सलाह दी जाती है. वो यह कि निवेशक को अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, न कि छोटी अवधि के उतार-चढ़ाव पर. जानकारों का कहना है कि केवल रिटर्न देखकर ही इसमें निवेश करने का फैसला नहीं लेना चाहिए.

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निवेशक के लिए जरूरी है कि वो सबसे पहले इस प्रोडक्ट को समझे. NPS में केवल रिटर्न प्राप्त करने के लिए नहीं निवेश करना चाहिए. इस निवेश का लक्ष्य होना चाहिए की लंबी अवधि में रिटायरमेंट के लिए बचत की जा सके. एनपीएस में कई तरह के निवेश विकल्प मौजूद होते हैं, जैसे - इक्विटी, कॉरपोरेट बॉन्ड, सरकारी सिक्योरिटीज व वैकल्पिक निवेश फंड्स. एनपीएस में एसेट क्लास के मिश्रण के जरिए भी निवेश किया जा सकता है.
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