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हर माह 4000 रुपये लगाकर NPS से कमाएं 60 लाख रुपये, अब सरकार ने बदले नियम

News18Hindi
Updated: February 9, 2020, 11:36 AM IST

रूंगटा सिक्योरिटी के डायरेक्टर हर्षवर्धन रूंगटा कहते हैं कि एनपीएस में हर महीने 4 हजार रुपये लगाकर 30 साल में 60 लाख रुपये का फंड बना सकते हैं. आइए जानें एक अप्रैल से लागू होने वाले बजट प्रस्तावों में NPS के कौन से नियम बदलेंगे.

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  • Last Updated: February 9, 2020, 11:36 AM IST
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नई दिल्ली. आम बजट 2020 में नए इनकम टैक्स सिस्टम का ऐलान हुआ है. इसके बाद आम लोगों में इसके लेकर उलझने बनी हुई हैं. खासकर सेविंग्स स्कीम्स को लेकर बहुत ज्यादा कन्फ्यूजन हैं. ऐसे ही एक स्कीम एनपीएस से जुड़ी आपकी परेशानियां को दूर करने के लिए आज हम आपको संडे स्पेशल में इस स्कीम से जुड़े सवालों के जवाब दे रहे हैं..आपको बता दें कि NPS यानी नेशनल पेंशन सिस्टम आज देश में बचत का एक लोकप्रिय विकल्प है. 1 मई 2009 को यह निजी क्षेत्र या अन-ऑर्गनाइज्ड सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए भी शुरू किया गया है. इसका फायदा देखते हुए कुल 1.25 करोड़ सब्सक्राइबर्स में से 44 लाख निजी क्षेत्र से जुड़े हैं. असल में यह पेंशन सेविंग स्कीम है जो भविष्य में वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है. सवाल उठता है कि एनपीएस के जरिए 60 हजार रुपये मंथली पेंशन के लिए किस तरह से प्लानिंग कर सकते हैं.

NPS में 4 हजार रुपये लगाकर 30 साल में बना सकते हैं 60 लाख रुपये 
रूंगटा सिक्योरिटी के डायरेक्टर हर्षवर्धन रूंगटा कहते हैं कि एनपीएस में हर महीने 4 हजार रुपये लगाकर 30 साल में 60 लाख रुपये का फंड बना सकते हैं. आपको बता दें कि 1 जनवरी 2004 के बाद नौकरी ज्वाइन करने वाले केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एनपीएस लाया गया था. इसके बाद धीरे-धीरे सभी राज्य सरकारों ने अपने कर्मचारियों के लिए इसे अनिवार्य कर दिया. मई 2009 से इसका विस्तार स्वैच्छिक आधार पर सभी भारतीय नागरिकों के लिए किया गया. दिसंबर 2011 से यह कॉरपोरेट्स और अक्टूबर 2015 से अनिवासी भारतीयों यानी एनआरआई के लिए लाया गया था.



सवाल-बजट के नए इनकम टैक्स ऑप्शन के बात क्या बदलेगा एनपीएस स्कीम में
जवाब- 
हर्षवर्धन रूंगटा  का कहना हैं कि अगर आप इनकम टैक्स की नए सिस्टम को अपनाते हैं तो आपकी तरफ से एनपीएस में किए गए 1.5 लाख रुपये का निवेश पर अब 80C के तहत टैक्स छूट नहीं मिलेगी. लेकिन 80CCCD (2) के तहत 50 हजार रुपये तक की छूट मिलेगी. अगर आसान शब्दों में कहें तो आपकी कंपनी की ओर एनपीएस में किए गए निवेश पर टैक्स छूट बरकरार रहेगी. प्रस्ताव के मुताबिक, EPF और एनपीएस की कुल रकम 7.5 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.

(1) आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत टैक्स के लाभ प्रदान करता है, नई धारा 80सीसीडी (1बी) के तहत निर्धारक 50000 रुपए का अतिरिक्त टैक्स लाभ भी प्राप्त कर सकता है. करीब 10 साल पहले जब एनपीएस को आम लोगों के लिए खोला गया था तो इसके नियम काफी कड़े थे और इसका स्ट्रक्चर भी टैक्स के लिहाज से अच्छा नहीं था.(2) हाल के वर्षों में इसके नियमों में बदलाव कर इसे ज्यादा टैक्स एफिशिएंट बनाया गया है. इसमें विकल्प भी बढ़ाए गए हैं. इसके साथ ही, कई चार्जेज के बावजूद यह काफी कम लागत वाला इंस्ट्रूमेंट है. एनपीएस में आप कॉरपस का 75 फीसदी तक हिस्सा इक्विटी में लगा सकते हैं.

सवाल-अगर समय से पहले एनपीएस से रकम निकालनी हो तो क्या हैं नियम?
जवाब-
जब से आपका एनपीएस अकाउंट शुरू हुआ हैं. उसके तीन साल के बाद आपका जितना भी फंड इकाट्ठा हुआ हैं. इसमें कंपनी के फंड को अलग कर. आप उसका 25 फीसदी निकाल सकते हैं. अगर समय से पहले रकम निकालनी पड़ी तो- जब से आपका एनपीएस अकाउंट शुरू हुआ हैं. उसके तीन साल के बाद आपका जितना भी फंड इकाट्ठा हुआ हैं. इसमें कंपनी के फंड को अलग कर. आप उसका 25 फीसदी निकाल सकते हैं. इसके लिए आपको वजहें बतानी होंगे.

(1) बीमारी (बीमारियों की लिस्ट दी गई हैं)
(2) बच्चों की शादी के लिए
(3) बच्चों की पढ़ाई के लिए
(4) घर बनाने और खरीदने के लिए भी रकम निकाली जा सकती हैं.
(5)  अपना बिजनेस शुरू करने के लिए भी रकम निकाली जा सकती हैं.

सवाल-समय से पहले कितनी बार एनपीएस से रकम निकाली जा सकती हैं?
जवाब-एक्सपर्ट्स का कहना हैं कि एनपीएस खाते में से सिर्फ तीन बार ही किसी बड़ी जरुरत के लिए पैसे निकाले जा सकते हैं. अगर आसान शब्दों में कहें तो ऊपर दी गए कारण बताकर आप अपने खाते से मैच्योरिटी तक 3 बार ही पैसे निकाल सकते हैं.


क्या है एनपीएस- नेशनल पेंशन सिस्टम यानी एनपीएस एक सरकारी रिटायरमेंट सेविंग स्कीम है, जिसे केन्द्र सरकार ने 1 जनवरी 2004 को लॉन्च किया था. इस तारीख के बाद ज्वाइन करने वाले सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए यह योजना अनिवार्य है.

(1) साल 2009 के बाद से इस योजना को प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों के लिए भी खोल दिया गया. अब सरकारी के साथ-साथ प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाला कोई भी कर्मचारी अपनी मर्जी से इस योजना में शामिल हो सकता है.

(2) रिटायरमेंट के बाद कर्मचारी एनपीएस का एक हिस्सा निकाल सकते हैं और बाकी रकम से रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम के लिए एनुइटी ले सकते हैं.

(3) कोई भी भारतीय नागरिक जिसकी उम्र 18 से 60 साल के बीच है, इसमें शामिल हो सकता है. इस स्कीम में शामिल होने के लिए नो योर कस्टमर (केवाईसी) नियमों का पालन करना जरूरी है.

(4) सरकार ने देश भर में पॉइंट ऑफ प्रेजेंस (पीओपी) बनाए हैं, जिनमें एनपीएस अकाउंट खुलवाया जा सकता है. देश के लगभग सभी सरकारी और प्राइवेट बैंकों को पीओपी बनाया गया है,आप पेंशन फंड रेगुलेटरी एवं डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) की बेवसाइट के जरिये https://www.npscra.nsdl.co.in/pop-sp.php भी प्वाइंट ऑफ प्रेजेंस तक पहुंच सकते हैं. किसी भी बैंक की नजदीकी ब्रांच में भी खाता खुलवाया जा सकता है.

(5) खाता खुलवाने के लिए ये हैं जरूरी दस्तावेज एड्रेस प्रूफ. आइडेंटिटी प्रूफ. बर्थ सर्टिफिकेट या दसवीं कक्षा का सर्टिफिकेट. सब्सक्राइबर रजिस्ट्रेशन फॉर्म

(6) इस योजना में दो तरह के अकाउंट होते हैं. टियर 1 और टियर 2. हर सब्सक्राइबर को एक परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (PRAN)उपलब्ध कराया जाता है, जिस पर 12 अंकों का एक नंबर होता है. यही नंबर सभी लेन-देन में काम आता है.

(7) टियर 1 अकाउंट : इस अकाउंट को खुलवाना अनिवार्य है. इस अकाउंट में जो भी रकम जमा कर रहे हैं उसे वक्त से पहले यानी रिटायरमेंट तक नहीं निकाल सकते. जब आप स्कीम से बाहर जाएंगे, तब ही इसकी रकम आप निकाल सकते हैं.

(8) टियर 2 अकाउंट : कोई भी टियर 1 अकाउंट होल्डर इस अकाउंट को खोल सकता है और अपनी इच्छा से इसमें पैसा जमा कर सकता है और निकाल भी सकता है. यह अकाउंट सभी के लिए अनिवार्य नहीं है. यह आपकी इच्छा पर निर्भर है.

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First published: February 9, 2020, 3:09 AM IST
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