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बदल गया सरकारी पेंशन स्कीम से जुड़ा नियम, अब भारतीय मूल के विदेशी नागरिक को मिलेगा फायदा

News18Hindi
Updated: October 30, 2019, 7:50 PM IST
बदल गया सरकारी पेंशन स्कीम से जुड़ा नियम, अब भारतीय मूल के विदेशी नागरिक को मिलेगा फायदा
विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए बड़ी खबर

PFRDA द्वारा मैनेज किए जाने वाले नेशनल पेंशन स्कीम (NPFS) में भारत में रह रहे विदेशी नागरिकता वाले भारतीय निवेश कर सकता है.

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  • Last Updated: October 30, 2019, 7:50 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिकों को बड़ा तोहफा दिया है. पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) को नॉन-रेजिडेंट इंडियन (NRI) को नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) में नामांकन करने की अनुमति दे दी है. पीएफआरडीए ने 29 अक्टूबर को सर्कुलर जारी की.

विदेशी विनिमय प्रबंधन (गैर-बांड उत्पाद) नियम, 2019 पर आर्थिक मामलों के विभाग की 29 अक्टूबर 2019 को जारी अधिसूचना के तहत ओसीआई एनपीएस को अपना सकते हैं. एनपीएस का संचालन और उसके देख-रेख का जिम्मा पीएफआरडीए के पास है. भारतीय मूल के जो विदेशी नागरिक एनपीएस लेना चाहते हैं, वे पीएफआरडीए कानून के प्रावधानों के तहत निवेश के लिये पात्र होंगे. वे सेवानिवृत्ति राशि/जमा राशि अपने देश ले जा सकेंगें यह फेमा (विदेशी विनिमय प्रबंधन कानून) दिशानिर्देश पर निर्भर करेगा.

26 अक्टूबर 2019 की स्थिति के अनुसार एनपीएस और अटल पेंशन योजना के तहत अंशधारकों की कुल संख्या 3.18 करोड़ पार कर गयी है. इन योजनाओं के अंतर्गत प्रबंधन अधीन परिसपंत्ति 3,79,758 करोड़ रुपये थी.

बजट 2019 में सरकार ने एनपीएस के तहत मैच्योरिटी राशि पर टैक्स फ्री कंपोनेन्ट को 40 फीसदी से बढ़ाकर 60 फीसदी कर दिया था. NPS के टियर 1 और टियर 2, दो तरह के खाते खोले जा सकते हैं. टियर 1 अकाउंट अनिवार्य होता है, वहीं टियर 2 के तहत खाते के वैकल्पिक होता है. टियर 1 खाते पर विड्रॉल का प्रतिबंध होता है. वहीं, टियर 2 अकाउंट से सब्सक्राइबर कभी भी निवेश की रकम निकाल सकता है.

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क्या है नेशनल पेंशन स्कीम?
नेशनल पेंशन स्कीम केंद्र सरकार की एक सोशल सिक्योरिटी स्कीम (Social Security Schemes) है, जिसमें पब्लिक, प्राइवेट और असंगठित क्षेत्र (Unorganized Sector) के लोग भी निवेश कर सकते हैं. हालांकि, सेना में काम करने वाले कर्मचारी इसमें निवेश नहीं कर सकते है. इस स्कीम की मदद से पेंशन अकाउंट में निवेश कर सकते है. रिटायरमेंट के बाद इसका कुछ हिस्सा निकाला जा सकता है. एनपीएस अकाउंट होल्डर (NPS Account Holder) को बाकी रकम प्रति माह पेंशन के रूप में मिलेगी.
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क्या हैं एनपीएस के फायदे?
NPS के तहत 1.5 लाख रुपये की टैक्स छूट मिलती है. इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80CC(1) के तहत सेल्फ कन्ट्रीब्युशन पर टैक्स छूट मिलता है. इसकी सीमा 20 फीसदी तक है. वहीं सेक्शन 80CC(2) के तहत नियोक्ता के कंट्रीब्युशन पर टैक्स छूट मिलती है. आप सेक्शन 80CC(1B) के त​हत 50,000 रुपये का ​अतिरिक्त छूट प्राप्त कर सकते हैं. इस प्रकार एनपीएस के तहत आप 2 लाख रुपये की टैक्स छूट प्राप्त कर सकते हैं.

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कैसे खोल सकते हैं NPS में अकाउंट?
>> ऑफलाइन- ऑफलाइन एनपीएस अकाउंट खोलने के लिए आप बैंक या प्वाइंट ऑफ प्रेजेंस (Point of Pressence, PoP) जा सकते हैं. यहां आपको एक KYC पेपर के साथ फॉर्म दिया जाएगा. ध्यान रहे आप हर साल 1,000 रुपये से कम नहीं निवेश कर सकते. इस फॉम के भरने और शुरुआती रकम निवेश करने के बाद आपको पर्मानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (PARN) दिया जाएगा. इस नंबर के साथ आपको वेलकम किट भी मिलेगा, जिसमें पासवर्ड भी होगा. इसके लिए आपको वन टाइम रजिस्ट्रेशन फीस के तौर पर 125 रुपये देना होगा.
> ऑनलाइन- आप चाहें तो आधे घंटे से भी कम समय में ऑफलाइन एनपीएस अकाउंट खोल (Online NPS Account Opening) सकते हैं. इसके लिए एनपीएस की आधिकारिक साइट पर जाना होगा. अगर आपके बैंक अकाउंट से पहले ही पैन, आधार और फोन नंबर लिंक है तो आपके लिए यह स्टेप्स और भी आसान हो जाएगा. आप ओटीपी की मदद से वैलिडेट कर सकेंगे, जिसके बाद आपका पर्मानेंट रिटायरमेंट अकाउंट जेनरेट हो जाएगा. इसके बाद आप अपने एनपीएस अकाउंट लॉगइन कर निवेश कर सकते हैं.

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First published: October 30, 2019, 3:46 PM IST
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