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NSE ने निवेशकों को किया सावधान, डिटेल जान लीजिए वरना हो सकता है भारी नुकसान

 NSE ने निवेशकों को किया सावधान

NSE ने निवेशकों को किया सावधान

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने निवेशकों से बिना नियमन वाले डेरिवेटिव उत्पादों में निवेश से बचने को कहा है. एक्सचेंज का कहना है कि निवेशकों को इंटरनेट आधारित ट्रेडिंग मंचों के डिफरेंस और बाइनरी ऑप्शन विकल्पों से बचना चाहिए.

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    नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने निवेशकों से बिना नियमन वाले डेरिवेटिव उत्पादों में निवेश से बचने को कहा है. एक्सचेंज का कहना है कि निवेशकों को इंटरनेट आधारित ट्रेडिंग मंचों के डिफरेंस और बाइनरी ऑप्शन विकल्पों से बचना चाहिए.

    एनएसई ने सोमवार को बयान में कहा कि निवेशक इन मंचों के बड़े रिटर्न के वादे जाल में फंस जाते हैं. अंतत: उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता है. एक्सचेंज ने कहा कि इसके मद्देनजर निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे ऐसे उत्पादों में निवेश करने से बचें.

    क्या है मामला
    एक्सचेंज के संज्ञान में आया है कि कुछ बिना नियमन वाले मंच या वेबसाइट डेरिवेटिव उत्पादों…डिफरेंस के लिए अनुबंध (सीएफडी) या बाइनरी ऑप्शन की पेशकश कर रहे हैं. इसके मद्देनजर एक्सचेंज ने यह परामर्श जारी किया है.

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    क्या है सीएफडी और बायनरी ऑप्शंस का मतलब
    सीएफडी का मतलब खरीदार और विक्रेता के बीच एक कांट्रैक्ट है जिसके तहत खरीदार को किसी एसेट के करेंट वैल्यू और कांट्रैक्ट के समय इसकी वैल्यू के अंतर को चुकाना होता है. इसके जरिे ट्रेडर्स और निवेशकों को बिना अंडरलाइंग एसेट्स को अपने पास रखे ही प्राइस मूवमेंट से प्रॉफिट कमाने का मौका मिलता है. बाइनरी ऑप्शन फिक्स्ड पेआउट पर एक ऑप्शन है जिसमें निवेशक दो संभावित परिणामों का अनुमान का अनुमान लगाता है. अगर अनुमान सही निकलता है तो निवेशक को एग्रीड पेआउट मिलता है और अगर अनुमान सहीं नहीं निकलता है तो निवेशक को अपनी पूंजी गंवानी होती है. इसे बाइनरी इसलिए कहते हैं क्योंकि इसमें सिर्फ या तो जीत होती है या हार यानी कि या तो मुनाफा होगा या पूंजी गंवा देंगे.

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    बाइनरी ऑप्शन के तहत निश्चित भुगतान करना होता है. इसमें निवेशक दो संभावित नतीजों में एक का अनुमान लगाता है. यदि उसका अनुमान सही साबित होता है तो निवेशक को तय भुगतान मिलता है. लेकिन उसका अनुमान गलत होने पर वह अपना शुरुआती भुगतान गंवा देता है.

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