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NSE IFSC: भारत में पहला प्लेटफॉर्म, जो भारतीय रिटेल इन्वेस्टरों को अमेरिकी शेयरों में ट्रेडिंग की सुविधा देगा

NSE IFSC: भारत में पहला प्लेटफॉर्म, जो भारतीय रिटेल इन्वेस्टरों को अमेरिकी शेयरों में ट्रेडिंग की सुविधा देगा

nse ifsc The first platform in India to allow Indian retail investors to trade in us stocks

nse ifsc The first platform in India to allow Indian retail investors to trade in us stocks

NSE इंटरनेशनल एक्सचेंज ((NSE IFSC) की तरफ से यह जानकारी दी गई है कि वो जल्द ही चुनिंदा अमेरिकी स्टॉक में ट्रेडिंग की सुविधा देगी. बता दें कि NSE IFSC की नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है.

    मुबंई . अब भारत के भी रिटेल निवेशक देश में ही बैठे बैठे अमेरिकी कंपनी गूगल, फेसबुक और टेस्ला के शेयर खरीद सकेंगे. NSE IFSC भारत में पहला ऐसा प्लेटफॉर्म होगा जो भारतीय रिटेल इनवेस्टरों को अमेरिकी शेयरों में ट्रेडिंग की सुविधा देगा. यह सुविधा unsponsored depository receipts के रूप में होगी .

    9 अगस्त को NSE इंटरनेशनल एक्सचेंज ((NSE IFSC) की तरफ से यह जानकारी दी गई है कि वो जल्द ही चुनिंदा अमेरिकी स्टॉक में ट्रेडिंग की सुविधा देगी. बता दें कि NSE IFSC की नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है.

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    इस बारे में जारी एक प्रेस रिलीज में कहा गया है कि यह ट्रेडिंग सुविधा NSE IFSC प्लेटफॉर्म के जरिए unsponsored depository receipts के रूप में दी जाएगी. IFSCA ने यह सुविधा रेगुलेटरीज सैंडबॉक्स (Regulatory Sandbox) के जरिए दिया जाएगा.

    RBI द्वारा निर्धारित नियमों  के तहत होगा कारोबार
    इस तरह के अमेरिकी स्टॉक में पूरी ट्रेडिंग, क्लीयरिंग और होल्डिंग की प्रक्रिया IFSC अथॉरिटी के रेगुलेटरी के फ्रेमवर्क के नियमों के तहत किया जाएगा. NSE IFSC ने अपने बयान में कहा है कि यह अपने तरीके की पहली सुविधा होगी. जहां पर भारतीय रिटेल निवेशक NSE IFSC प्लेटफॉर्म पर RBI द्वारा निर्धारित Liberalized Remittance Scheme (LRS) के तहत कारोबार कर सकेंगे.

    पूरी प्रक्रिया आसान और किफायती होगी- NSE IFSC
    ध्यान रखें कि RBI के Liberalized Remittance Scheme (LRS) के फ्रेमवर्क के तहत निवासी भारतीयों को प्रति वित्त वर्ष 2,50,000 डॉलर रिमिट करने की अनुमति होती है. स्टॉक एक्सचेंज ने अपने बयान में आगे कहा है कि NSE IFSC के इस कदम से भारतीय निवेशकों को एक अतिरिक्त निवेश विकल्प मिलेगा. निवेश की यह पूरी प्रक्रिया काफी आसान और किफायती होगी.

    टुकड़ों में भी ले सकेंगे अमेरिकी शेयर
    इस सुविधा के तहते निवेशकों को अमेरिकी शेयरों में फ्रैक्शनल क्वांटिटी/ वैल्यू में भी निवेश करने की सुविधा होगी. इससे अमेरिकी महंगा स्टॉक में भारतीयों के लिए निवेश करना सस्ता हो जाएगा.

    निवेशकों को गिफ्ट सिटी में खुले उनके डीमैट अकाउंट में डिपॉजिटी रिसीट जमा करने की सुविधा मिलेगी और उनको स्टॉक से संबंधित दूसरे सारे कॉरपोरेट एक्शन बेनिफिट मिलेंगे.

    NSE के CEO और MD विक्रम लिमये (Vikram Limaye) ने इस मौके पर कहा कि NSE IFSC प्लेटफॉर्म पर अमेरिकी स्टॉक्स की ट्रेडिंग NSE के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा.

    Tags: BSE, NSE, Stock market, Stock Markets, Stock return

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