NTPC को मिली ड्रोन इस्तेमाल करने की अनुमति, होगा यह काम

प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Ministry of Civil Aviation) ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनटीपीसी (NTPC) को उसके तीन प्रोजेक्टों में ड्रोन के इस्तेमाल करने की अनुमति दी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 23, 2020, 6:19 PM IST
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नई दिल्ली. सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनटीपीसी (NTPC) को कुछ शर्तों के साथ ड्रोन (Drone) के इस्तेमाल करने की अनुमति मिल गई है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Ministry of Civil Aviation) ने एनटीपीसी को उसके तीन प्रोजेक्टों में ड्रोन के इस्तेमाल करने की अनुमति दी है. एनटीपीसी अब अपने तीन अहम पॉवर प्रोजेक्ट्स विंध्याचल सुपर थर्मल पॉवर प्लांट्स-मध्य प्रदेश, गदरवारा सुपर थर्मल पॉवर प्लांट मध्य प्रदेश और सिपत सुपर थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट छत्तीसगढ में शोध और जांच गतिविधियों में रिमोटली पॉयलेटेड एयरक्रॉफ्ट सिस्टम यानि ड्रोन का इस्तेमाल करेगी.

ड्रोन के जरिए कंपनी इलाकों की मैपिंग,स्टॉकपाइल वोल्यूमेट्रिक विश्लेषण और हवाई निरीक्षण करेगी. उम्मीद की जा रही है कि ड्रोन के इस्तेमाल से कंपनी को प्रोजेक्टों की सटिक आंकड़ा और जानकारी मिल पायेगी. हाल ही में केंद्र सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर, खनन, कृषि और आपदा राहत में इंडस्ट्रियल ड्रोन के इस्तेमाल को बढ़ावा दिए जाने की बात कही थी.

ड्रोन के इस्तेमाल के लिए NTPC को इन शर्तों को मानना होगा
1. रिमोटली पॉयलेटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम के इस्तेमाल करने से पहले स्थानीय प्रशासन, रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय, भारतीय वायुसेना से एयर डिफेंस क्लियरेंस और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से सभी आवश्यक मंजूरी लेनी होगी.
2. एनटीपीसी सिर्फ उन्ही ड्रोनों का इस्तेमाल करेगा जिसके लिए वैध ड्रोन एक्नॉलेजमेंट यानी डीएएन नंबर जारी किया गया हो।जिसके बारे में भारत सरकार को सूचना दी गई हो.


3. ड्रोन के इस्तेमाल करने संबंधी एक व्यापक रिपोर्ट और एसओपी की कॉपी डीजीसीए के फ्लाइट स्टेण्डर्ड्स डायरेक्टोरेट को सौंपनी होगी.
4. अगर प्रावधान है तो एनटीपीसी को एयरियल फोटोग्राफी (हवा से तस्वीर खींचना) के लिए डीजीसीए से मंजूरी लेनी होगी.
5. ड्रोन से खींची गई तस्वीर या बनाया गया विडियों का इस्तेमाल सिर्फ एनटीपीसी ही करेगा. आरपीएस की सुरक्षा और इसके जरिए कलेक्ट किए डेटा की जिम्मेदारी एनटीपीसी की होगी.
6. ड्रोन का इस्तेमाल सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच विजुअल लाईन ऑफ साईट के भीतर किया जायेगा
7. ड्रोन संचालन की वजह से पैदा हुए कानूनी या अन्य मामला आने पर डीजीसीए को बीच में नहीं लायेगा
8. एनटीपीसी को सुनिश्चित करना होगा कि ड्रोन सही तरीके से काम कर रहा है. उपकरण सहित किसी भी तरह की खराबी होने पर पूरी जिम्मेदारी कंपनी की होगी.
9. ड्रोन संचालन के दौरान इसके संपर्क में आने से अगर किसी व्यक्ति को चोट लगती है तो कानूनी या चिकित्सकीय मामलों के लिए एनटीपीसी जिम्मेदार होगा. एनटीपीसी को समुचित बीमा की भी व्यवस्था करनी होगी.
10. एनटीपीसी को सुनिश्चित करना होगा आरपीए के जरिए किसी खतरनाक सामानों को नहीं ढोया जायेगा।
11. एनटीपीसी को ऑपरेटरों,संपत्ति और पब्लिक की सेफ्टी, सिक्यूरिटी और निजता सुनिश्चित करनी होगी। अगर कुछ मामला आता है तो डीजीसीए जिम्मेदार नहीं होगा.
12. नो-फ्लाई जोन में एनटीपीएसी ड्रोन का इस्तेमाल नहीं करेगा. एयरपोर्ट क्षेत्र के आस-पास ड्रोन के इस्तेमाल की पाबंदी होगी. अगर एयरपोर्ट के आसपास ड्रोन का इस्तेमाल करने की जरूरत पड़ती है तो एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से मंजूरी लेनी होगी.
13. सिर्फ प्रशिक्षित व्यक्तियों द्वारा ही ड्रोन का इस्तेमाल किया जा सकेगा.
14. ड्रोन संचालन की वजह से कोई दुर्घटना या घटना होती है तो इसकी रिपोर्ट डीजीसीए के एयर सेफ्टी डायरेक्टोरेट को देना होगा.
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