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लॉकडाउन के बीच अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर दी गई वाधवन ब्रदर्स को महाबलेश्वर जानें की अनुमति: रिपोर्ट

लॉकडाउन के बीच अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर दी गई वाधवन ब्रदर्स को महाबलेश्वर जानें की अनुमति: रिपोर्ट

डीएचएफएल के प्रोमोटर कपिल वाधवान

डीएचएफएल के प्रोमोटर कपिल वाधवान

वाधवन ब्रदर्स (Wadhawan Brothers) को लॉकडाउन के दौरान खंडाला से महाबलेश्वर जाने की अनुमति देने वाले अधिकारी अब जांच के घेरे में आ चुके हैं. इस मामले में महाराष्ट्र के गृह मंत्री को रिपोर्ट भी सौंपी जा चुकी है

    नई दिल्ली. महाराष्ट्र के प्रिंसिपल सेक्रेटरी (होम) अमिताभ गुप्ता ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर DHFL के प्रोमोटर धीरज और कपिल वाधवन (Kapil Wadhawan) और 21 अन्य को लॉकडाउन के दौरान ट्रैवल की अनुमति दी थी. सरकार द्वारा एक जांच में यह सामने आया है. एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (फाइनेंस) मनोज सौनिक ने शनिवार को इस संबंध में रिपोर्ट स​बमिट की है.

    यस बैंक मामले में वाधवन ब्रदर्स की हो रही जांच
    9 अप्रैल को वाधवन ब्रदर्स को खंडाला से महाबलेश्वर तक ट्रैवल करने की अनुमति के बाद गुप्ता को छुट्टी पर भेज दिया गया है. बता दें कि यस बैंक फ्रॉड मामले में प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो वाधवान ब्रदर्स की जांच कर रहा है. रविवार को CBI की एक टीम ने दोनों भाइयों को हिरासत में लिया है. लॉकडाउन के उल्लंघन में सतारा पुलिस ने इन 23 लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज किया है.

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    मानवीय आधार पर दी गई अनुमति
    सरकार को सबमिट की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि अमिताभ गुप्ता ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर लेटर जारी किया था. इसके लिए उन्होंने तर्क दिया है कि मानवीय पहलू को ध्यान में रखकर यह कदम उठाया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर सरकार उनकी बात मान भी लेती है, तो भी भविष्य में उन्हें अत्यधिक चौकन्ना रहना चाहिए. किसी को भी मदद करने से पहले उसको होने वोल लाभ का भी ध्यान रखना चाहिए.

    इस रिपोर्ट के दूसरे हिस्से में कहा गया है कि जहां तक वाधवन ब्रदर्स और गुप्ता के बीच किसी पिछले व्यवहार या दुर्भाग्यपूर्ण इरादे की चिंता है तो इसके लिए फॉरेन्सिक इन्वेस्टिगेशन की जरूरत होगी. इस अरोप के लिए किसी सक्षम जांच एजेंसी की मदद ली जानी चाहिए.

    हितों को ध्यान में रखकर मदद तो नहीं की गई?
    एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह भी देखना जरूरी है कि इस पहले क्या दोनों पक्षों में कोई लिंक है. उन्होंने कहा, 'अगर सरकार को लगता है कि यह मामला गंभीर है तो इसकी जांच होनी चाहिए कि क्या दोनों पक्षों में पहले से कोई लिंक है?'

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    सोमवार को गृह मंत्री ले सकते हैं एक्शन
    वर्तमान में महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख शहर में नहीं हैं और इस रिपोर्ट को पढ़ने के बाद ही कोई उचित कदम उठाएंगे. इसमें कम से कम सोमवार तक का समय लगेगा. इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि ऐसा प्रतीत नहीं होता कि अमिताभ गुप्ता ने यह आदेश दोनों भाइयों द्वारा कानून को ताक पर रखने के लिए दिया था. ऐसे में किसी गंभीर आगामी परिणाम से बचने में उनको मदद मिल सकती है.

    ​गुप्ता ने कहा- लेटर कोई बाध्यकारी आदेश नहीं था
    सूत्रों ने यह भी बताया कि 1992 बैच के गुप्ता ने यह भी कहा कि लॉकडाउन के बाद मरीज, प्रवासी, टूरिस्ट समेत कई लोगों को मानवीय आधार पर ट्रैवल करने की छूट दी गई. सरकार के ही कई लोगों ने यह छूट दी. उन्होंने यह भी कहा कि वाधवान ब्रदर्स के अलावा उन्होंने कई अन्य मामलों भी छूट दी. उन्होंने अपने पक्ष में यह भी कहा कि ​जो लेटर उन्होंने लिखा था वो कोई बाध्यकारी आदेश नहीं था. इसके लिए उन्होंने तर्क दिया कि सतारा पुलिस ने उनके इस लेटर को नहीं माना.

    गुप्ता ने कहा कि वाधवन ब्रदर्स ने उन्हें बताया कि वो खंडाला में किराये के किसी घर में फंसे हुए हैं. उन्होंने महाबलेश्वर स्थित अपने घर पर जाना है. यह एक ही राज्य के अंदर एक जगह से दूसरी जगह जाने का मामला था.

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    Tags: CBI, Maharashtra, Yes Bank

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