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Air India की फ्लाइट में टिकट बुक करने वालों के लिए बड़ी खबर! HPCL BPCL और IOC से मिली राहत

News18Hindi
Updated: October 18, 2019, 11:10 AM IST
Air India की फ्लाइट में टिकट बुक करने वालों के लिए बड़ी खबर! HPCL BPCL और IOC से मिली राहत
HPCL, BPCL, IOC ने Air India को फ्यूल (ATF) सप्लाई जारी रखने का फैसला किया है.

सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (HPCL, BPCL, IOC) ने एयर इंडिया (Air India) को ATF फ्यूल सप्लाई जारी रखने का फैसला किया है.

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  • Last Updated: October 18, 2019, 11:10 AM IST
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मुंबई. सरकारी एविएशन कंपनी एयर इंडिया (Air India) को बड़ी राहत मिली है. दरअसल सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (HPCL, BPCL, IOC) ने फ्यूल सप्लाई जारी रखने का फैसला किया है. ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने बकाये का भुगतान नहीं करने पर 18 तारीख से ATF सप्लाई रोकने का नोटिस दिया था. आपको बता दें कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने एयर इंडिया (Air India) से 18 अक्टूबर तक बकाए का एकमुश्त भुगतान नहीं करने पर 6 प्रमुख हवाईअड्डों (Airports of India) पर फ्यूल सप्लाई रोकने की बात कहीं थी. इससे पहले 22 अगस्त को तीनों ने 6 हवाई अड्डों- कोच्चि, मोहाली, पुणे, पटना, रांची और विशाखापट्टनम पर एअर इंडिया को फ्यूल देना बंद कर दिया था. नागरिक उड्डयन मंत्रालय के दखल के बाद 7 सितंबर को फिर से सप्लाई शुरू की गई. अब Air India की फ्लाइट में टिकट बुक करने वालों को बड़ी राहत मिली है. क्योंकि फ्यूल सप्लाई जारी रहने पर ही फ्लाइट उड़ान भर पाएंगी.

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अब क्या हुआ- सरकारी तेल कंपनी (IOC, BPCL, HPCL) ने फ्यूल सप्लाई जारी रखने का फैसला किया है.  एयर इंडिया और IOC, HPCL, BPCL के अधिकारियों के बीच हुई बैठक में यह फैसला हुआ है. तेल कंपनियों ने बकाये का भुगतान नहीं करने पर 18 तारीख यानी आज से ATF सप्लाई रोकने का नोटिस दिया था. अब एयर इंडिया ने पेमेंट प्लान सौंप दिया है. नए प्लान के मुताबिक नए बिल के भुगतान के अलावा पुराने बिल का 100 करोड़ रुपये / माह का भुगतान करना होगा. तेल कंपनियों का एयर इंडिया पर करीब 5000 करोड़ रुपये बकाया है.



हवाई ईंधन ATF के बारे में जानिए...

क्या होता है एटीएफ (ATF)- जेट फ्यूल या एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) कहते हैं. इसका इस्तेमाल हवाई जहाज को उड़ाने में होता है. अगर आम भाषा में कहें तो इसका यूज जेट और टर्बो-प्रॉप इंजन वाले विमान को पावर देने के लिए किया जाता है. यह एक विशेष प्रकार का पेट्रोलियम आधारित फ्यूल है. एटीएफ दिखने में रंगहीन और स्ट्रा की तरह होता है. ज्‍यादातर कॉमर्शियल विमानन कंपनियां फ्यूल के तौर पर जेट-ए एवं जेट ए-1 फ्यूल का इस्‍तेमाल करती है. एटीएफ का उत्पादन अंतरराष्‍ट्रीय मानकों के अनुरूप और तय दिशानिर्देशों के तहत किया जाता है. आमतौर पर टरबाइन इंजन संचालित विमानों में जेट-बी फ्यूल का ही प्रयोग किया जाता है. सर्दियों में इसका प्रयोग विमानों के बेहतर परिचालन के लिए होता है.

>> कितने तरह का होता है एटीएफ-एटीएफ एक विशेष प्रकार का पेट्रोलियम आधारित फ्यूल है. कच्चे तेल के शोधन में यह डीज़ल और केरोसीन के साथ वर्गीकृत है.
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>> जेट फ्यूल वास्तव में केरोसीन की एक उच्च परिष्कृत श्रेणी है. जेट ए-1 और जेट ए टर्बाइन सिविल कॉमर्शियल एविएशन में इस्तेमाल होने वाली फ्यूल की दो मुख्य श्रेणियां हैं.

>> अन्य विमानन ईंधनों में मिलिट्री जेट ईंधनों जिसमें प्रमुख रूप से जेपी-4, जेपी-5, और जेपी-8, शामिल हैं तथा ये सभी केरोसीन प्रकार के फ्यूल हैं.

>> कैसे तय होती है एटीएफ की कीमत - अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एटीएफ की कीमतें और क्रूड ऑयल की कीमतों के आधार पर इसके दाम तय होते है.

>> इसके अलावा डिमांड-सप्लाई, प्राकृतिक आपदाओं, मौद्रिक उतार-चढ़ाव, भू-राजनैतिक तनावों के साथ-साथ ब्याज दर और अन्य चीजें भी रेट तय करने के लिए जिम्मेदार होती है.

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First published: October 18, 2019, 10:57 AM IST
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