जीरो डॉलर के नीचे लुढ़का कच्चे तेल का भाव, सैंकड़ों अमेरिकी तेल कंपनियां हो सकती हैं दिवालिया

जीरो डॉलर के नीचे लुढ़का कच्चे तेल का भाव, सैंकड़ों अमेरिकी तेल कंपनियां हो सकती हैं दिवालिया
सैंकड़ों अमेरिकी तेल कंपनियां हो सकती हैं दिवालिया

कच्चे तेल की कीमतें गिरकर जीरो के नीचे चली गई, जिससे अमेरिकी तेल कंपनियों के लिए पैसा कमाना मुश्किल हो गया है. इसके चलते अमेरिकी तेल कंपनियां 2021 के अंत तक दिवालिया हो सकती हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 21, 2020, 10:50 AM IST
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नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) संकट के मद्देनजर मांग घटने से कच्चे तेल की कीमत (Crude oil Prices) सोमवार को जीरो डॉलर/बैरल से भी नीचे चली गई. कोरोना वायरस के कारण आर्थिक गतिविधियां थमने के कारण अमेरिकी एनर्जी कंपनियों के पास कच्चे तेल के भंडारण के लिए जगह ही नहीं बची है. अब जब क्रूड ऑयल रखने की जगह ही नहीं है तो कोई भी क्रूड कॉन्‍ट्रैक्‍ट की डिलीवरी नहीं लेना चाहता. इसलिए तेल की कीमतें जीरो डॉलर से नीचे आ गई है. कच्चे तेल के भाव में ऐतिहासिक गिरावट से सैंकड़ों अमेरिकी तेल कंपनियां दिवालिया हो सकती हैं. बता दें कि मई डिलीवरी के लिए यूएस बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमिडिएट की कीमत सोमवार को पहली बार शून्य से नीचे गिरी. मंगलवार को मई की डिलीवरी के लिए कारोबार का आखिरी दिन है. ऐसे में सोमवार को बाजार में कच्चा तेल की कीमत जीरो से नीचे यानी -37.63 डॉलर/बैरल पहुंच गयी.

सैंकड़ों तेल कंपनियां हो सकती हैं दिवालिया
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट से अमेरिका में सैंकड़ों तेल कंपनियां दिवालिया हो सकती हैं. कोरोना वायरस संकट के कारण कच्चे तेल की मांग में कमी आयी और तेल की सभी भंडारण सुविधाएं भी अपनी पूर्ण क्षमता पर पहुंच गई है. इसी समय, रूस और सऊदी अरब ने अतिरिक्त आपूर्ति के साथ दुनिया में कच्चे तेल की बाढ़ ला दी. इस दोहरे मार से तेल की कीमतें गिरकर जीरो के नीचे चली गई, जिससे अमेरिकी तेल कंपनियों के लिए पैसा कमाना मुश्किल हो गया है.

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हालांकि, मंगलवार को अमेरिका में कच्चे तेल की कीमतें निचले स्तर से वापसी कर जीरो से ऊपर पहुंच गई. इससे पहले तेल का फ्यूचर जीरो से नीचे कारोबार कर रहा था. मई डिलीवरी के लिए यूएस बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट की कीमत सोमवार को पहली बार शून्य से नीचे गिरी. मंगलवार को मई डिलीवरी के लिए कारोबार की अंतिम तिथि है. ऐसे में सोमवार को बाजार में कच्चा तेल की कीमत शून्य से नीचे 37.63 डॉलर/बैरल पहुंच गयी थी. यह अब 0.56 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है.



1100 से अधिक कंपनियां हो सकती है दिवालिया
Rystad एनर्जी के शेल रिसर्च हेड अर्टेम अब्रामोव का कहना है कि 30 डॉलर पहले से ही काफी खराब है, लेकिन एक बार जब यह 20 डॉलर या 10 डॉलर में पहुंच जाता है तो यह बहुत बुरा होगा. कई तेल कंपनियों ने अच्छे समय के दौरान बहुत अधिक लोन लिया है. उनमें से कुछ इस ऐतिहासिक गिरावट से नहीं बच पाएंगे.

Rystad एनर्जी के मुताबिक, 20 डॉल प्रति बैरल कच्चे तेल का दाम होने की स्थिति में 533 अमेरिकी ऑयल एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन कंपनियां 2021 के अंत तक दिवालियापन के लिए दायर करेंगी. Rystad का अनुमान है कि 10 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर 1,100 से अधिक कंपनियां दिवालिया होंगी.

रिपोर्ट के मुताबिक, नोबल एनर्जी (NBL), Halliburton (HAL), मैराथन ऑयल (MRO) और ऑक्सीडेंटल (OXY) ने दो-तिहाई से ज्यादा वैल्यू गंवा दी है. वहीं, एक्सॉनमोबिल (XOM) 38 फीसदी गिरा है.

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