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महंगे पेट्रोल-डीजल के लिए हो जाएं तैयार, तेल कंपनियां इतने रुपये बढ़ाने जा रहीं दाम!

महंगे पेट्रोल-डीजल के लिए हो जाएं तैयार, तेल कंपनियां इतने रुपये बढ़ाने जा रहीं दाम!

ऐसे घर बैठे चेक करें अपने शहर में पेट्रोल-डीजल के नए रेट्स

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तेल कंपनियों (Oil Companies) ने BS-VI ईंजन के आधार पर नया इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलप किया है. इसी खर्च की भरपाई करने के लिए इन कंपनियों ने सरकार से पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाने की अनुमति मांगी है.

    नई दिल्ली. बहुत जल्द पेट्रोल-डीजल (Petrol-Diesel Price) पर होने वाला खर्च आपके बजट को बिगाड़ सकता है. केंद्र सरकार (Central Government) विचार कर रही है कि तेल कंपनियों (Oil Companies) को कम प्रदूषण वाले ईंधन के लिए प्रीमियम चार्ज वसूलने की मंजूरी दे दी जाए. दरअसल, इन कंपनियों ने नए इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर हुए खर्च की भरपाई करने के लिए सरकारी पेट्रोल-डीजल की दरें बढ़ाने की मांग की है.​

    नए इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हुए खर्च को रिकवर करने का प्लान
    सरकारी और प्राइवेट तेल विपणन कंपनियों ने पेट्रोलियम मंत्रालय (Ministry of Petroleum) से मांग है कि वो उनके इन्वेस्टमेंट के कुछ हिस्से की भरपाई दरें बढ़ाकर करने की अनुमति मिले. दरअसल, इन कंपनियों ने अगले साल अप्रैल माह से लागू होने वाले BS Stage-VI वाहनों के ईंधन के लिए नए इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश किया है.

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    1.50 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ सकते हैं दाम
    अगर तेल विपणन कंपनियों (OCM's) के इस प्रस्ताव को सरकार मान लेती है तो आपको एक लीटर पेट्रोल या डीजल के लिए 80 पैसे से लेकर 1.50 रुपये प्रति लीटर तक खर्च करना पड़ सकता है. खास बात ये भी हैं यह बढ़ोतरी अगले पांच साल के लिए जारी रह सकती है.

    सरकार की अनुमति के बाद क्या बदलेगा
    बीते कुछ महीनों में कच्चे तेल के वैश्विक बाजार में कुछ खास उतार-चढ़ाव नहीं देखने को मिला है. यही कारण है कि बीते कुछ सप्ताह में देसी तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कई बार कटौती भी किया है. लेकिन, अब अगर सरकार की तरफ से उन्हें यह मंजूरी मिल जाती है तो देश में पेट्रोल-डीजल का भाव वैश्विक प्राइस ट्रेंड (Global Price Trends) पर ही केवल निर्भर नहीं करेगा और यहां तेल की कीमतें लगातार अधिक ही रहेंगी.

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    तेल कंपनियों को सरकार के निर्देश का इंतजार
    प्राइवेट सेक्टर की तेल कंपनी में काम करने वाले एक ​वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तेल कंपनियों को नए इन्फ्रास्ट्रक्चर की लागत की भरपाई करने के लिए खुदरा पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफा करना कई विकल्पों में से एक है. इसके लिए मंत्रालय को उन्हें पूरे कॉस्ट रिकवरी के बारे में जानकारी देना होगा और निर्देश का इंतजार करना होगा.



    तेल कंपनियों ने कितना किया खर्च
    गौरतलब है कि सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने BS-VI ईंजन के लिए ईंधन तैयार करने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर पर करीब 80 हजार करोड़ रुपये खर्च किया है. वहीं, प्राइवेट तेल विपणन कंपनियों ने भी बड़े स्तर पर खर्च किया है.

    क्या है मौजूदा व्यवस्था
    कुछ साल पहले ही केंद्र सरकार ने ईंधन की कीमतों में डिरेग्युलेट किया था. इसका मतलब है कि सरकार के इस कदम के बाद देश भर में पेट्रोल-डीजल का भाव अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के आधार पर ही तय होता है. वर्तमान में, हर रोज तेल कंपनियां पेट्रोल-डीजल की दरें जारी करती हैं.

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    Tags: Business news in hindi, Indian Oil, Petrol and diesel, Petrol diesel price, Petrol prices to surge

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