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Lockdown Heroes: सड़क किनारे दर्द से कराह रही महिला को ओला ड्राइवर ने की मदद

News18Hindi
Updated: May 18, 2020, 7:35 PM IST
Lockdown Heroes: सड़क किनारे दर्द से कराह रही महिला को ओला ड्राइवर ने की मदद
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एक ओला इमरजेंसी ड्राइवर ने दिल्ली-गुड़गांव सीमा के करीब सड़क किनारे दर्द से कराह रही महिला की मदद. महिला के इलाज के बाद ड्राइवर ने उसे उसके घर तक भी छोड़ा.

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नई दिल्ली. लॉकडाउन (Lockdown in India) ने पूरे देश को एक साथ ला दिया है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के लोग जरूरतमंद लोगों की मदद कर रहे हैं. एनसीआर सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों और प्रतिबंधों के बीच होने के कारण, कई लोगों को सहायता प्राप्त करना मुश्किल हो रहा है. अधिकतर लोग घर के अंदर बंद हैं पर हमारे बीच कुछ ऐसे हीरोज़ है जो दूसरों की मदद करने के लिए अतिरिक्त कदम उठा लेते हैं.

ओला ड्राइवर ने की मदद
ऐसे ही एक हीरो हैं गुड़गांव के रहने वाले ओला इमरजेंसी ड्राइवर-पार्टनर (Ola Emergency Driver-Partner) राजीव कुमार, जिन्होंने स्थिति बिगड़ने से पहले एक महिला को चिकित्सकीय सहायता सुनिश्चित करने के लिए समय पर सहायता की. जब वह कुछ दिन पहले दिल्ली-गुड़गांव सीमा से गुजर रहा थे, तो उन्होंने देखा कि एक महिला सड़क किनारे दर्द के मारे रो रही हैं और वो हिलने-डुलने में असमर्थ थी. आसपास मदद के कोई संकेत नहीं होने के कारण, राजीव ने सुनिश्चित किया कि उन्हें पास के अस्पताल में ले जाया जाए. वह तब तक उसके साथ रहा जब तक कि डॉक्टर ने उसे ठीक नहीं किया. दर्द कम न होने के कारण, उसने अतिरिक्त कदम उठाकर उसे घर छोड़ने का फैसला किया.

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पुलिस की मदद से बैरिकेड पार कर घर पहुंचाया


सीमा को सील होने की वजह से उन्होंने पुलिस से ​बैरिकेड से गुजरने के लिए मदद मांगी, ताकि वह उस महिला को घर छोड़ सके. इस पूरी घटना में 8 घंटे से ज्यादा का समय लगा, जिसके चलते उसे अपने पूरे दिन की कमाई से हाथ धोना पड़ा. अपनी खुद की चुनौतियों का सामना करने के बावजूद, राजीव ने प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना किया और उसने अन्य नागरिकों के लिए एक उदाहरण के रूप में सेवा की.

राजीव ने क्या कहा?
राजीव कुमार ने कहा, “इस वाकये ने एहसास दिलाया कि जब हर कोई संघर्ष कर रहा है, तब भी ऐसे लोग हैं जिन्हें अभी भी दूसरों की तुलना में अधिक मदद की आवश्यकता है. मैं बहुत आभारी हूं कि मैं इस महिला की मदद कर सका जब उसे इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी. मुझे जो प्रशंसा और सम्मान मिला वह अतुलनीय था और मुझे विश्वास था कि मैं जितना सोच सकता था उससे अधिक कर सकता हूं.”

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घर पर, राजीव अपनी पत्नी, दो बच्चों और अपनी मां के साथ रहते हैं. अपनी ओर से, राजीव मास्क पहनने, दस्ताने पहनने और हर दिन से पहले अपनी कार को साफ करने के साथ-साथ ओला इमरजेंसी ड्राइवर पार्टनर के रूप में काम कर रहे हैं.

20 शहरों में इमरजेंसी सेवा देती है ओला
बता दें कि ओला इमरजेंसी 20 से अधिक शहरों में काम कर रही है और नागरिकों को बिना किसी देरी के आवश्यक चिकित्सा सुविधा प्राप्त करने में सक्षम बनाती है. इमरजेंसी कैब चलाने वाले सभी ड्राइवर स्वच्छता प्रथाओं का पालन करते हैं और ओला द्वारा लागू सुरक्षित सवारी के उपायों के लिए ‘10 steps to a Safer Ride’ का पालन करना सुनिश्चित करती हैं. कंपनी और ये ड्राइवर-पार्टनर लगातार यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि नागरिकों के पास सभी गैर-कोविड मेडिकल यात्राओं के लिए सुविधाजनक, विश्वसनीय और सुरक्षित परिवहन सेवाओं तक पहुंच हो.

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First published: May 18, 2020, 7:35 PM IST
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