दिवाली के लिए 10 लाख व्यापारियों ने बनाया था यह प्लान, अब बिक्री देख खुशी से फूले नहीं समा रहे

भारतीय कारोबारियों ने त्‍योहारी सीजन में घरेलू मांग को पूरा करने की तैयारी दो महीने पहले ही शुरू कर दी थी.

कारोबारी अब सीधे वॉट्सऐप (Whatsapp), फेसबुक (Facebook) और दूसरी सोशल मीडिया साइट्स पर जाकर ग्राहकों को अपना सामान बेच रहे हैं. किराने वाला भी ग्राहक को वॉट्सऐप पर जोड़कर ऑनलाइन ऑर्डर (Online order) ले रहा है.

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नई दिल्ली. कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) और फिर लगाए गए लॉकडाउन (Lockdown) के चलते देशभर में सभी तरह का कारोबार (Business) ठप्प पड़ा हुआ था. लॉकडाउन खुलने के बाद भी बाज़ार एकदम से रफ्तार पकड़ लेगा, इसकी भी उम्मीद कम ही थी. इसी के चलते अगस्त में देशभर के कारोबारियों की सबसे बड़ी संस्था कंफेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने दिवाली (Diwali) और दूसरे त्योहरों को देखते हुए एक प्लान बनाया. प्लान भी सभी व्यापारियों को भेज दिया गया. त्योहारों पर बाज़ार की तैयारी करने को कुछ सुझाव दिए गए और अब फ्री की उस ज़रा सी कोशिश से त्योहारों की बिक्री (Sale) को देख व्यापारी खासे खुश हैं.

देशभर के कारोबारियों के लिए यह था कैट का प्लान  

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया और राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने बताया कि कैट का अपना ई कामर्स पोर्टल 'भारतईमार्केट' दिसंबर में लॉन्च होगा, लेकिन दिवाली के बाज़ार की बिक्री को ध्यान में रखते हुए कैट ने अगस्त महीने में देशभर में फैले व्यापारी संगठनों के ज़रिये एक प्लान भेजा था. प्लान के तहत व्यापारियों को बताया था कि वॉट्सऐप पर अपने सामान के पावर पाइंट प्रेजेंटेशन बनाकर अपने ग्राहकों, मिलने-जुलने वालों, रिहायशी सोसाइटियों, कॉलोनियों आदि में रहने वाले लोगों को भेजकर उनसे वॉट्सऐप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन ऑर्डर लेने का सुझाव दिया था.

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साथ ही अपनी दुकानों के कर्मचारियों द्वारा ग्राहकों के घर तक सुरक्षित डिलिवरी करने का सुझाव दिया था. जिसे देशभर में व्यापारियों ने स्वीकार किया और अब सोशल मीडिया के ज़रिए एक बड़ा व्यापार न केवल व्यापारी कर रहे हैं बल्कि महिला उद्यमी, ग्रहणियां, पढ़े-लिखे युवा और युवतियां बेहद उत्साह से कर रहे हैं, जिसमें लागत लगभग न के बराबर है और फायदे भरपूर हैं.

कैट ने इसी योजना के तहत देश के विभिन्न राज्यों के शिल्पकारों, कारीगरों, हस्तकला कारीगरों आदि को भी जोड़ा है, जिनके साथ मिलकर व्यापारी संगठन कैट के बैनर तले स्व-रोजगार के बड़े अवसर प्रदान कर रहे हैं. भरतिया और खंडेलवाल ने बताया की अकेले दिल्ली-एनसीआर में लगभग 50 हजार से ज्यादा लोग तथा देशभर में लगभग 10 लाख से ज्यादा लोग वॉट्सऐप और दूसरी सोशल मीडिया साइट्स के जरिये व्यापार कर रहे हैं.

WhatsApp और Facebook इतना किया कारोबार

कैट के प्रवीन खंडेलवाल के मुताबिक दिवाली के इस त्यौहारी माहौल में व्यक्तिगत रखरखाव (18.45 फीसदी) सामान, खाने एवं ग्रोसरी का (16.51), वस्त्र (15.09), इलेक्ट्रॉनिक्स (11.37), स्वास्थ्य (7.60), घरेलु वस्तुएं एवं साफ़-सफाई की वस्तुएं (4.59), और जूलरी का (3.83 फीसदी) सोशल साइट्स पर बिका है. इससे साफ़ ज़ाहिर है कि धीरे-धीरे सोशल मीडिया के जरिये छोटे व्यापारी अपने व्यापार का दायरा फैला रहे हैं, जो देश के लिए एक अच्छा संकेत है.

भरतिया और खंडेलवाल ने बताया की शिपराकेट द्वारा 1 सितम्बर से 30 सितम्बर के बीच देश के विभिन्न राज्यों में 40,816 व्यापारियों के बीच एक सर्वे कराया गया था. सर्वे में यह खुलासा हुआ है कि सोशल मीडिया के जरिये देश में एक नया बाजार तेजी से विकसित हो रहा है. सर्वे के अनुसार नए विक्रेताओं में लगभग 17 .96 प्रतिशत व्यापारी व्यापार के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं. जबकि पहले से ही व्यापार कर रहे व्यापारियों में 35 .19 प्रतिशत व्यापारी ऑनलाइन वेबसाइट का इस्तेमाल कर रहे हैं. दूसरी ओर नए विक्रेताओं में 12 .04 प्रतिशत व्यापारी ऑफलाइन बाजार के जरिये व्यापार कर रहे हैं.

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