देशभर के 10 लाख कारोबारी व्हाट्सऐप और दूसरी सोशल मीडिया साइट्स से कर रहे बिजनेस

सोशल मीडिया के जरिये देश में एक नया बाजार तेजी से विकसित हो रहा है
सोशल मीडिया के जरिये देश में एक नया बाजार तेजी से विकसित हो रहा है

कारोबारी अब सीधे व्हाट्सऐप (Whatsapp), फेसबुक (Facebook) और दूसरी सोशल मीडिया साइट्स पर जाकर ग्राहकों को अपना सामान बेच रहे हैं. किराने वाला भी ग्राहक को व्हाट्सऐप पर जोड़कर ऑनलाइन ऑर्डर (Online order) ले रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 13, 2020, 1:39 PM IST
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नई दिल्ली. ग्राहकों से सीधे जुड़ने के लिए कारोबारियों ने ई-कॉमर्स साइट्स (E-commerce sites) के अलावा अब दूसरा रास्ता खोज लिया है. कारोबारी अब सीधे व्हाट्सऐप (Whatsapp), फेसबुक (Facebook) और दूसरी सोशल मीडिया साइट्स पर जाकर ग्राहकों को अपना सामान बेच रहे हैं. किराने वाला भी ग्राहक को व्हाट्सऐप पर जोड़कर ऑनलाइन ऑर्डर (Online order) ले रहा है. दिल्ली-एनसीआर में इस तरह से कारोबार करने वाले ऐसे कारोबारियों की संख्या करीब 50 हज़ार है. वहीं देशभर में 10 लाख कारोबारी इस तरह से अपने कारोबार को आगे बढ़ा रहे हैं. यह सर्वे (Survey) शिपराकेट द्वारा किया गया है.

कैट के सर्वे में यह हुआ है खुलासा

देश के व्यापारियों की सबसे बड़ी संस्था कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्ज़ (कैट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया और राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने बताया, शिपराकेट द्वारा 1 सितम्बर से 30 सितम्बर के बीच देश के विभिन्न राज्यों में 40816 व्यापारियों के बीच एक सर्वे कराया गया था. सर्वे में यह खुलासा हुआ है कि सोशल मीडिया के जरिये देश में एक नया बाजार तेजी से विकसित हो रहा है. सर्वे के अनुसार नए कारोबारियों में लगभग 17.96 फीसद व्यापारी कारोबार के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं. जबकि पहले से ही व्यापार कर रहे 35.19 फीसद कारोबारी ऑनलाइन वेबसाइट का इस्तेमाल कर रहे हैं. उधर दूसरी ओर नए कारोबारियों में 12.04 फीसदी कारोबारी ही ऑफलाइन बाज़ार के जरिये कारोबार कर रहे हैं.



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दिवाली के दौरान सोशल साइट्स पर यह बिका सामान

कैट के प्रवीन खंडेलवाल के मुताबिक दिवाली के इस त्यौहारी माहौल में व्यक्तिगत रखरखाव (18.45 फीसदी) सामान, खाने एवं ग्रोसरी का (16.51), वस्त्र (15.09), इलेक्ट्रॉनिक्स (11.37), स्वास्थ्य (7.60), घरेलु वस्तुएं एवं साफ़-सफाई की वस्तुएं (4.59), और ज्वेलरी का (3.83 फीसदी) सोशल साइट्स पर बिका है. इससे साफ़ ज़ाहिर है की धीरे-धीरे सोशल मीडिया के जरिये छोटे व्यापारी अपने व्यापार का दायरा फैला रहे हैं, जो देश के लिए एक अच्छा संकेत है.
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