बड़ी खबर! इस वजह से One Nation One Ration Card की डेडलाइन बढ़ सकती है मार्च 2021 से आगे

बड़ी खबर! इस वजह से One Nation One Ration Card की डेडलाइन बढ़ सकती है मार्च 2021 से आगे
मोदी सरकार की वन नेशन वन राशन कार्ड (One Nation, One Ration Card) योजना की आखिरी तारीख मार्च 2021 से आगे बढ़ाई जा सकती है. अब तक 24 राज्य इस योजना से जुड़ने के लिए हामी भर चुके हैं. बाकी राज्यों की स्थिति के बारे में अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं है.

मोदी सरकार की वन नेशन वन राशन कार्ड (One Nation, One Ration Card) योजना की आखिरी तारीख मार्च 2021 से आगे बढ़ाई जा सकती है. अब तक 24 राज्य इस योजना से जुड़ने के लिए हामी भर चुके हैं. बाकी राज्यों की स्थिति के बारे में अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं है.

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नई दिल्ली. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (National Democratic Alliance -NDA) मोदी सरकार की वन नेशन वन राशन कार्ड (One Nation, One Ration Card) योजना की आखिरी तारीख मार्च 2021 से आगे बढ़ाई जा सकती है. अब तक 24 राज्य इस योजना से जुड़ने के लिए हामी भर चुके हैं. बाकी राज्यों की स्थिति के बारे में अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं है. इस योजना के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली (Public Distribution System-PDS) का लाभ लेने वाले लोग किसी राज्य से बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन युक्त किसी भी दुकान से राशन ले सकते हैं.

ये राज्य नहीं होंगे शामिल 
इस योजना की सबसे बड़ी बाधा पश्चिम बंगाल (West Bengal), तमिलनाडु (Tamil Nadu), असम (Assam) ओडिशा (Odisha) और छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) समेत कुछ राज्य हैं, जिन्होंने इस योजना पर चिंता जताई है और केंद्र सरकार की इस योजना का हिस्सा नहीं बनने का फैसला किया है. पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने कहा है कि चावल और दाल जैसी रियायती खाद्य सामग्री प्रवासी मजदूरों (migrant labourers) और असंगठित सेक्टर के मजदूरों (unorganized sector labourers) के लिए मई 2021 तक उपलब्ध होगी. भले ही उसके पास राशन कार्ड हो या न हो.

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राशन की दुकानों में अभी तक पॉइंट ऑफ सेल मशीन नहीं


स्टैंडिग कमेटी ऑन लेबर (standing committee on labour) के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि सिर्फ 24 राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश इस योजना से जुड़े हैं. लेकिन केंद्रीय उपभोक्ता मामलों, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय (Union ministry of consumer affairs, food and public distribution) के सीनियर अधिकारी अन्य राज्य सरकारों को नहीं मना पाए. इस योजना को मार्च 2021 के आगे खिसकने का एक कारण ये भी हो सकता है कि राशन की दुकानों में इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल (electronic point of sale -e-POS) मशीन नहीं लगाई गई हैं.

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लेबर कमेटी (labour committee) के एक सीनियर सदस्य ने कहा कि ओडिशा चाहता है कि वन नेशन, वन राशन कार्ड एक हाइब्रिड सिस्टम (hybrid system) हो, ताकि यह उन क्षेत्रों को भी कवर कर सके, जहां सार्वजनिक वितरण प्रणाली बहुत प्रभावी नहीं है. छत्तीसगढ़ की सलाह की थी कि इसमें पहले से ही एक मजबूत पीडीएस प्रणाली है जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराती है. केंद्र सरकार को राज्य सरकारों को उन्हें बोर्ड पर लाने की आवश्यकता होगी.
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