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वन नेशन-वन राशन कार्ड योजना में अगस्त से जुड़ेंगे ये 4 राज्य, आधार से लिंक करने के लिए बचे हैं मात्र इतने दिन

वन नेशन-वन राशन कार्ड योजना में अगस्त से जुड़ेंगे ये 4 राज्य, आधार से लिंक करने के लिए बचे हैं मात्र इतने दिन

31 अगस्त तक राशन कार्ड को आधार से लिंक कराना जरूरी है.

31 अगस्त तक राशन कार्ड को आधार से लिंक कराना जरूरी है.

देश में वन नेशन-वन राशन कार्ड (One Nation One Ration Card) की सुविधा 4 राज्यों में राशन कार्डों की अंतर्राज्यीय पोर्टेबिलिटी के साथ अगस्त, 2019 में शुरू की गई थी. तब से कुल 20 राज्य और केन्द्रशासित प्रदेश राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी समूह में शामिल किए जा चुके हैं, जो जून 2020 से प्रभावी हैं.

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नई दिल्ली. वन नेशन वन राशन कार्ड (One Nation One Ration Card) को आधार से लिंक (Aadhar Linking) करने के लिए अब सिर्फ 12 दिन ही बचे हैं. 31 जुलाई तक राशन कार्ड को आधार से लिंक करने की आखिरी तारीख है. अगर किसी राशन कार्डधारक ने अभी तक आधार से लिकिंग नहीं करवाई है तो वह पीडीएस यानी राशन दुकान पर भी जाकर आवेदन कर सकते हैं. राशन कार्ड एक ऐसा दस्तावेज है, जिससे लोगों को सस्ती दरों पर सरकार अनाज खीरदा मुहैया कराती है. देश में अब तक 20 राज्य इस व्यवस्था से जुड़ चुके हैं. अगस्त महीने से चार और राज्य और केंद्रशासित प्रदेश इस योजना से जुड़ जाएंगे. जम्मू और कश्मीर, मणिपुर, नगालैंड और उत्तराखंड में राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी की सुविधा देने के लिए जांच और परीक्षण का काम पूरा कर लिया गया है.

आधार से लिंक के लिए बचे हैं मात्र 13 दिन 
बता दें कि देश में वन नेशन-वन राशन कार्ड की सुविधा 4 राज्यों में राशन कार्डों की अंतर-राज्यीय पोर्टेबिलिटी के साथ अगस्त, 2019 में शुरू की गई थी. तब से कुल 20 राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी समूह में शामिल किए जा चुके हैं, जो जून 2020 से प्रभावी हैं. देश की 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह सुविधा एनएफएसए कार्ड धारकों को मिल रही है. ये 20 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हैं, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा, सिक्किम, मिजोरम, तेलंगाना, केरल, पंजाब, त्रिपुरा, बिहार, गोवा, हिमाचल प्रदेश, दादरा तथा नागर हवेली, दमन तथा दीव, गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान.

इस स्कीम में अब तक जुड़ चुके हैं 20 राज्य
अब चार और राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों जम्मू और कश्मीर, मणिपुर, नगालैंड और उत्तराखंड में बहुत जल्द ही वन नेशन वन राशन कार्ड के तहत राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी की सुविधा देने के लिए जांच और परीक्षण का काम पूरा कर लिया गया है. इसके अलावा अंतर्राज्यीय लेनदेन के लिए आवश्यक वेब-सेवाएं और केंद्रीय डैशबोर्ड के जरिए उनकी निगरानी भी इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए सक्रिय हो गई हैं. मोदी सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मार्च 2021 से पहले इस योजना में शामिल कर लिए जाने का लक्ष्य रखा है.

देश में कहीं से भी अनाज ले सकते हैं कार्डधारक
बता दें कि वन नेशन वन राशन कार्ड की सुविधा एक महत्वाकांक्षी योजना है. यह राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए), 2013 के तहत शामिल सभी लाभार्थियों के खाद्य सुरक्षा अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग का प्रयास है. इस प्रणाली के माध्यम से वैसे प्रवासी एनएफएसए लाभार्थी जो अक्सर अस्थायी रोजगार इत्यादि की तलाश में अपना निवास स्थान बदलते रहते हैं को अब अपनी पंसद की किसी भी उचित मूल्य की दुकान (एफपीएस) से अपने खाद्यान्न का कोटा उठाने का विकल्प दिया गया है. ऐसा एफपीएस में स्थापित इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ सेल (ईपीओएस) डिवाइस पर बायोमेट्रिक आधार आधारित प्रमाणीकरण के साथ अपने मौजूदा राशन कार्ड का उपयोग करके किया जा सकता है.

अनाज लेने के लिए राशन कार्ड ले जाने की आवश्यकता नहीं
लाभार्थी देश में किसी भी एफपीएस डीलर को राशन कार्ड नंबर या आधार नंबर बताकर इस सुविधा का लाभ ले सकता है. परिवार का कोई भी व्यक्ति जिसकी राशन कार्ड में आधार संख्या अंकित है, वह प्रमाणीकरण कराकर राशन उठा सकता है. इस सुविधा का लाभ पाने के लिए राशन डीलर को राशन कार्ड या आधार कार्ड दिखाने या इन्हें अपने साथ ले जाने की कोई आवश्यकता नहीं है. लाभार्थी अपने फिंगर प्रिंट या आईरिस आधारित पहचान का उपयोग करके अपना आधार प्रमाणीकरण कर सकता है.undefined

Tags: Aadhar cards, Modi government, Power consumers, Ration card, Ration Distribution, राशन वितरण

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