6 महीने पहले निर्यात किये जा रहे आलू-प्याज को आयात करने की नौबत, आखिर क्यों 4 गुना बढ़ गये दाम?

प्याज और आलू की कीमतों ने गरीब वर्ग से लेकर मीडिल क्लास के लिए भी परेशानियां खड़ी कर दी है.
प्याज और आलू की कीमतों ने गरीब वर्ग से लेकर मीडिल क्लास के लिए भी परेशानियां खड़ी कर दी है.

Onion-Potato Prices: आलू और प्याज की कीमतों में तेजी ने गरीब वर्ग से लेकर मीडिल क्लास तक की कमर तोड़ दी है. जून के महीने से अब तक प्याज 4 गुना तक महंगा हो चुका है. इस साल जून में देश से प्याज का निर्यात हो रहा था, अब आयात करने की नौबत आ चुकी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 1, 2020, 2:51 PM IST
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नई दिल्ली. देशभर की मंडियों में आलू और प्याज (Onion and Potato Price) के भाव थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. अगर आप एक किलो आलू और एक किलो प्याज लेने बाजार जाएंगे तो इसके लिए आपको कम से कम 150 रुपये खर्च करने पड़ेंगे. देश का एक बड़ा वर्ग सब्जियों के लिए इन्हीं पर सबसे ज्यादा निर्भर रहता है. कृषि एक्सपर्ट्स का मानना है कि बीते कुछ समय में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों के साथ कमाई में गिरावट (Wage Deflation) और बढ़ती बेरोजागारी (Unemployment) ने कई परिवारों को गरीबी की तरफ धकेल रहा है. सरकार द्वारा राहत के कदम उठाये जाने के बाद इन समस्यों से निजात मिलना मुश्किल दिख रहा है. दिहाड़ी मजदूरी करने वाले या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग ही नहीं, बल्कि मीडिल क्लास परिवारों की रसोई पर भी इसका असर पड़ रहा है.

पिछले कुछ महीने में 4 गुना बढ़े प्याज के दाम
थोक बाजार (Onion in Wholesale Market) से लेकर खुदरा बाजार तक प्याज और आलू की कीमतों में तेजी ने सबकी परेशानियां बढ़ा दी है. सरकार का कहना कि इस साल भारी बारिश की वजह से प्याज की फसलों को नुकसान पहुंचा, जिससे बाजार में आवक कम रही. इसी वजह से कीमतों में इजाफा देखने को मिल रहा है. ​राजधानी दिल्ली में 21 अक्टूबर को प्रति किलो आलू का भाव 80 रुपये थे. जून में यह 20 रुपये प्रति किलो के भाव से बिक रहा था. इसी प्रकार जून में 30 रुपये प्रति किलो बिकने वाले आलू का भाव 70 रुपये तक पहुंच गया है.

एक मीडिया रिपोर्ट जानकारों के हवाले से कहा गया कि जब तक महंगाई बढ़ेगी और कमाई घटने के साथ-साथ बेरोजगारी में इजाफा होगा, तब तक आम लोगों को सरकार द्वारा अब तक उठाये गये कदमों का लाभ नहीं मिलेगा.
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नहीं मिल रहा सरकार द्वारा उठाये गये कदमों का पूरा लाभ
गरीब और कमजोर वर्ग को कोरोना वायरस महामारी के बीच राहत देने के लिए सरकार ने कई तरह के कदम उठाये हैं. केंद्र सरकार 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना' के तहत इन परिवारों को हर महीने 5 किलोग्राम प्रति व्यक्ति अनाज मुफ्त में महुैया करा रही है. सरकार की यह योजना नवंबर तक ही है. इसके अलावा आत्मनिर्भर भारत के तहत SVANidhi योजना को लॉन्च किया है ताकि रेहड़ी-पटरी लगाकर कमाई करने वालों को कुछ लाभ मिल सके.

जून तक 8 लाख टन से ज्यादा प्याज का निर्यात
ध्यान देने वाली बात है कि कुछ महीने पहले तक ही भारत से प्याज और आलू का निर्यात हो रहा था. अब इसके आयात की जरूरत आ पड़ी है. आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि इस साल जून तक देश से करीब 8,05,259 टन प्याज का निर्यात हुआ है. मई 2020 तक 1,26,728 टन आलू का निर्यात किया गया है.

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दिवाली से पहले आयात होंगे 25,000 टन प्याज
पिछले सप्ताह ही खाद्य मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने कहा कि अब तक प्राइवेट व्यापारियों ने 7,000 टन प्याज का आयात किया है. दिवाली से पहले 25,000 टन अतिरिक्त प्याज आयात किए जाएंगे. साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि भुटान से 30,000 टन आलू भी आयात किया जा रहा है. इससे घरेलू स्तर पर सप्लाई बढ़ाने में मदद मिलेगी और दाम काबू में किये जा सकेंगे.
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