सरकारी गोदामों में सड़ गया 32,000 टन प्याज! बफर स्‍टॉक में बचा सिर्फ 25 हजार टन

नैफेड ने बताया कि अब तक बफर स्‍टॉक से 40,000 टन से ज्‍यादा प्‍याज निकाला जा चुका है.
नैफेड ने बताया कि अब तक बफर स्‍टॉक से 40,000 टन से ज्‍यादा प्‍याज निकाला जा चुका है.

नैफेड (NAFED) के प्रबंध निदेशक संजीव कुमार चड्ढा ने बताया कि इस साल बफर स्टॉक के लिए 1 लाख टन प्याज (Onion Buffer Stock) की सरकारी खरीद की गई थी. अब प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए इसी स्‍टॉक का इस्तेमाल किया जा रहा है. अब तक बफर स्टॉक से करीब 43 हजार टन प्याज निकाला जा चुका है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 24, 2020, 6:44 PM IST
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नई दिल्ली. भारतीय खुदरा बाजारों में प्याज की कीमतें आसमान (Onion Prices Rise) छू रही हैं. देश के अलग-अलग राज्यों में प्‍याज 70-120 रुपये किग्रा तक बिक रहा है. अब सरकार प्याज की कीमतों पर काबू करने के लिए कुछ जरूरी कदम उठा रही है. इसी बीच पता चला है कि प्याज के एक लाख टन बफर स्टॉक (Buffer Stock) में से 32 हजार टन प्याज सड़ गया है. यह बफर स्टॉक सरकारी संस्था नैफेड (NAFED) ने तैयार किया था. बता दें कि गोदामों में सरकारी प्याज सड़ने को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं. लोकसभा (Lok Sabha) में भी प्याज सड़ने का मुद्दा उठा चुका है.

बफर स्‍टॉक से निकाला जा चुका है 43 हजार टन प्‍याज
नैफेड के प्रबंध निदेशक संजीव कुमार चड्ढा ने बताया कि इस साल बफर स्टॉक के लिए 1 लाख टन प्याज की सरकारी खरीद की गई थी. अब प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए इसी स्‍टॉक का इस्तेमाल किया जा रहा है. अब तक बफर स्टॉक से करीब 43 हजार टन प्याज निकाला जा चुका है. कुछ प्याज बर्बाद होने के बाद अब लगभग 25 हजार टन प्याज ही बचा है, जो नवंबर के पहले सप्ताह तक खत्‍म हो जाएगा. ऐसे में सरकार ने प्याज की जमाखोरी पर लगाम लगाने के लिए स्टॉक लिमिट नियम लागू करने का ऐलान कर दिया है.

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प्याज सड़ने की राम विलास पासवान को थी जानकारी


जनवरी 2020 में केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य व सार्वजनिक वितरण मंत्री राम विलास पासवान ने कहा था कि केंद्र सरकार के स्टॉक में आयातित प्याज सड़ रहा है और राज्यों ने प्याज लेने से मना कर दिया है. पिछले कुछ दिन से देश के बाजारों में प्याज की घरेलू आवक बढ़ने के कारण कीमतों में गिरावट आई है, जिसके बाद आयातित प्याज की मांग कमजोर पड़ गई. मानसून के आखिरी दौर में हुई भारी बारिश से प्याज की फसल खराब होने के कारण पिछले साल के आखिरी तीन महीनों में प्याज के दाम में बेहद इजाफा हो गया. इसके बाद केंद्र ने करीब एक लाख टन प्याज का आयात करने का फैसला लिया ताकि कीमतों को काबू किया जा सके.

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आप नेता संजय सिंह ने की थी सीबीआई जांच की मांग
दिसंबर 2019 में एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आप नेता संजय सिंह ने गोदामों में प्याज सड़ने को लेकर केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य व सार्वजनिक वितरण मंत्री राम विलास पासवान को एक लैटर लिखा था. लैटर में प्याज सड़ने का कारण और उसकी लिखापढ़ी के बारे में भी पूछा गया था कि क्या प्याज का खराब होना कहीं दर्ज किया गया है. साथ ही संजय सिंह ने कहा था कि अगर हमारे सवालों का जवाब नहीं मिला तो हम इस मामले की सीबीआई जांच की मांग भी करेंगे.
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