अगर आपके बैंक खाते में ऐसे हुआ है ऑनलाइन फ्रॉड, तो वापस मिलेगी पूरी रकम

अगर आपके बैंक खाते में ऐसे हुआ है ऑनलाइन फ्रॉड, तो वापस मिलेगी पूरी रकम
प्रतीकात्मक फोटो.

तेजी के साथ तरह-तरह के ऑनलाइन फ्रॉड भी हो रहे हैं. जरूरत है बस अलर्ट रहने की. और आपका अलर्ट रहना ही बैंक से आपको आपकी रकम वापस दिलाता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 26, 2019, 12:16 PM IST
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आपका एटीएम कार्ड आपकी जेब में है. पिन नंबर भी आपने किसी को बताया नहीं. बावजूद इसके बैंक खाते से 85 हजार रुपये निकाल लिए गए. अब आप सोच रहे होंगे कि ये कैसे संभव हुआ. जितनी तेजी से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन बढ़ रही हैं उतनी ही तेजी के साथ तरह-तरह के ऑनलाइन फ्रॉड भी हो रहे हैं. जरूरत है बस अलर्ट रहने की. और आपका अलर्ट रहना ही बैंक से आपको आपकी रकम वापस दिलाता है.

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योगेश जैन पेशे से एक दवा कंपनी में एरिया मैनेजर हैं. सफर पर रहने के चलते योगेश अक्सर ऑनलाइन ट्रांजेक्शन ही करते हैं. मार्च में एक दिन योगेश के बैंक खाते से दो बार में 45 हजार रुपये निकाल लिए गए. जबकि एटीएम कार्ड योगेश के पास ही था. फ्रॉड होने के तीन घंटे बाद योगेश को ये घटना पता चली. योगेश ने तुरंत ही बैंक को इस बारे में सूचित किया. दूसरे दिन शहर वापस लौटने पर बैंक मैनेजर को एक प्रार्थना पत्र दिया. कुल मिलाकर 24 घंटे के भीतर ही योगेश ने अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली. जबकि कोई और होता तो ये सोचाकर हाथ पर हाथ धरे बैठा रहता कि अब जो होना था सो हो गया.



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अब आगे की जांच बैंक को करनी थी. 5 दिन बाद योगेश को मालूम हुआ कि बैंक के सॉफ्टवेयर की लापरवाही के चलते उनका खाता हैक हो गया था. अब चूंकि ये बैंक की लापरवाही थी, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की गाइड लाइन के अनुसार तीन दिन से पहले-पहले योगेश ने बैंक को सूचित कर दिया था तो पैसा वापस मिल गया.

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इस बारे में बैंक मैनेजर नवीन कुमार बताते हैं, “जिस फ्रॉड में ग्राहक की लापरवाही होती है. ग्राहक पिन नंबर या कार्ड के पीछे लिखे तीन अंक के सीवीवी नम्बर को किसी के साथ साझा कर लेता है या उसके कार्ड का क्लोन बन जाता है तो ये ग्राहक की गलती मानी जाती है.

कार्ड, पिन और सीवीवी नंबर के बिना जो फ्रॉड होता है तो ऐसे केस में बैंक की जिम्मेदारी होती है और वो ग्राहक को 10 दिन के भीतर रुपये वापस करेगा. लेकिन शर्त वही है कि आपको 3 दिन में शिकायत दर्ज करानी होगी. शिकायज दर्ज कराने में आप जितनी देर करेंगे मुआवजे की रकम उतनी ही कम होती जाएगी. अगर आप 4 से 7 दिन में शिकायज दर्ज कराते हैं कि आपके दावे की रकम आधी रह जाएगी.”

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