इनकम टैक्स रिफंड पाने का ये है नया तरीका, करें ये काम सीधे खाते में आएगा पैसा

IT रिफंड पाने का है ये नया तरीका, सीधे खाते में आएगा पैसा
IT रिफंड पाने का है ये नया तरीका, सीधे खाते में आएगा पैसा

IT डिपार्टमेंट ने टैक्स रिफंड के नियमों में बदलाव किया है. नए नियम के तहत IT डिपार्टमेंट सिर्फ ई-रिफंड (E-Refund) जारी कर रहा है. यानी रिफंड सीधे टैक्सपेयर्स के बैंक खातों में भेजा जा रहा है.

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इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) ने मौजूदा वित्त वर्ष में 64,700 करोड़ रुपये रिफंड जारी किए हैं. यह रिफंड 1 अप्रैल से 18 जून 2019 के बीच जारी किए गए. अगर आपने इन्वेस्टमेंट डिक्लेरेशन में कम रकम का जिक्र किया और टैक्स बचत के लिए वास्तव में निवेश अधिक कर दिया तो सीमा से अधिक काटा गया टैक्स आपको रिफंड के माध्यम से वापस मिल जाता है. लेकिन IT डिपार्टमेंट ने टैक्स रिफंड के नियमों में बदलाव किया है. नए नियम के तहत IT डिपार्टमेंट सिर्फ ई-रिफंड (E-Refund) जारी कर रहा है. यानी रिफंड सीधे टैक्सपेयर्स के बैंक खातों में भेजा जा रहा है. ऐसे में इनकम टैक्स रिफंड पाने के लिए आपको एक काम करना होगा. ये काम करने पर आप भी ई-रिफंड आसानी से पा सकते हैं. आइए जानते हैं IT रिफंड पाने के लिए क्या करना होगा काम?

31 जुलाई है रिटर्न भरने की आखिरी तारीख
इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने का सीजन शुरू हो चुका है. आम टैक्सपेयर्स के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2019 है.

बैंक खाते से करें PAN को लिंक 
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की एडवाइजरी के मुताबिक, टैक्स रिफंड पाने के लिए टैक्सपेयर्स को अपने बैंक खाते को PAN से लिंक करना होगा. बैंक खाता सेविंग, चालू, नकद या ओवरड्राफ्ट अकाउंट हो सकता है. अगर आपने ने अपना बैंक अकाउंट PAN से नहीं लिंक किया है तो वो इनकम टैक्स की वेबसाइट https://www.incometaxindiaefiling.gov.in पर जाकर खाते को पैन से लिंक कर सकते हैं. ये भी पढ़ें: PPF, NSC और सुकन्या योजना में पैसा लगाने वालों के लिए बड़ी खबर!





सुरक्षित मिलेगा रिफंड
इससे टैक्सपेयर्स को टैक्स रिफंड सीधे बैंक खाते में मिल जाएगा जो सुरक्षित है. फिलहाल, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट टैक्सपेयर्स को रिफंड उनके बैंक खाते या बैंक चेक के द्वारा करता है. आंकड़ों के मुताबिक इस महीने की शुरुआत तक आयकर विभाग ने अब तक 42 करोड़ पैन संख्या जारी की है, जिसमें से 23 करोड़ आधार से जुड़ चुके हैं.

ITR फॉर्म में हुआ बड़ा बदलाव
एसेसमेंट ईयर 2019-20 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फॉर्म में बदलाव हुए हैं. पिछले साल की तुलना में इस साल टैक्सपेयर्स से रिटर्न फॉर्म में ज्यादा जानकारी मांगी गई है. इन जानकारियों में टैक्सपेयर्स के भारत में निवास के दिनों की संख्या, अनलिस्टेड शेयरों की होल्डिंग और TDS होने पर किराएदार का PAN जैसी नई जानकारियां मांगी गई हैं.

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