रात में ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों को रेलवे का तोहफा, जानकर खुश हो जाएंगे आप

रेलवे ओवरनाइट इंटरसिटी सफर को तेज बनाने कर रही हैं ये कोशिशें. नए हाई स्पीड कॉरिडोर्स पर ट्रेनें 200-250 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी.

News18Hindi
Updated: February 13, 2018, 11:10 AM IST
रात में ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों को रेलवे का तोहफा, जानकर खुश हो जाएंगे आप
रेलवे ओवरनाइट इंटरसिटी सफर को तेज बनाने कर रही हैं ये कोशिशें. नए हाई स्पीड कॉरिडोर्स पर ट्रेनें 200-250 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी.
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Updated: February 13, 2018, 11:10 AM IST
इंडियन रेलवे की इस पॉलिसी के बाद रात में यात्रा करने वालों की संख्या बढ़ सकती है. इसकी वजह यह है कि रेलवे ओवरनाइट इंटरसिटी सफर को और तेज बनाने पर विचार कर रही है. इस वर्ष अप्रैल में घोषित होने वाले नए हाई स्पीड कॉरिडोर्स पर ट्रेनें 200-250 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी.

10 हजार किलोमीटर के नए हाई स्पीड कॉरिडोर की घोषणा
रेलमंत्री पीयूष गोयल ने रेलवे बोर्ड को हाईस्पीड कॉरिडोर्स की पहचान करने और निर्माण लागत को आधा करने की जिम्मेदारी सौंपी है. खबरों के मुताबिक अप्रैल 2018 में ऐसी 10 हजार किलोमीटर नए हाई स्पीड कॉरिडोर की घोषणा की जा सकती हैं. जिन पर 200-250 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनें दौड़ेंगी.

सरकार की कोशिश कॉरिडोर बनाने के लिए खर्च हो जाए आधा

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रेलवे की योजना है कि ट्रेनें अपने गंतव्य पर ऐसे समय पर पहुंचे जिससे यात्री को घर पहुंचने के बाद दफ्तर जाने का पर्याप्त समय मिल सके. साथ ही इसका खर्च भी कम हो. फिलहाल हाई स्पीड कॉरिडोर बनाने के लिए प्रति किलोमीटर 100 करोड़ रुपये का खर्च आता है, रेलवे की कोशिश है कि इसे घटाकर आधे से कम पर लाया जाए.

इस कदम से प्रॉजेक्ट की टाइमलाइन भी कमी आएगी. इसके साथ ही रेलवे छोटे रूट्स के लिए कॉरिडोर निर्माण पर भी विचार कर रहा है ताकि वह एयरलाइंस के विकल्प के रूप में सामने आ सके.

स्पीड ट्रेनों की बढ़ावा देने के लिए रेलवे की स्ट्रेटेजी
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अधिकारी ने कहा कि मुंबई और पुणे के बीच फिलहाल इंटरसिटी करीब तीन घंटे का समय लेती है. अगर हम सफर के वक्त को एक या डेढ़ घंटे तक ले आते हैं तो यात्री शायद हाई-स्पीड ट्रेनों का चयन करेंगे.
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