यूपी के एक दर्जन से ज्‍यादा शहरों में लग रहे ऑक्‍सीजन प्‍लांट, 75 जिलों में 81 यूनिट रोज बना रहीं 900 मीट्रिक टन ऑक्‍सीजन

उत्‍तर प्रदेश में 13 नए ऑक्‍सीजन प्‍लांट लग रहे हैं.

उत्‍तर प्रदेश में 13 नए ऑक्‍सीजन प्‍लांट लग रहे हैं.

डीआरडीओ (DRDO) राम मनोहर लोहिया लखनऊ, कैंसर इंस्टीट्यूट लखनऊ, मेडिकल कॉलेज कानपुर, आगरा और झांसी में ऑक्सीजन प्लांट (Oxygen Plants) लगा रहा है. वहीं, सीएम योगी आदित्‍यनाथ (CM Yogi Adityanath) के निर्देश के बाद कई इकाइयों ने ऑक्‍सीजन का उत्पादन बढ़ा दिया है.

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  • Last Updated: April 19, 2021, 10:53 PM IST
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नई दिल्‍ली. उत्‍तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कोरोना संकट के दौरान ऑक्सीजन आपूर्ति (Oxygen Supply) को गंभीरता से लिया है. उनके निर्देश पर प्रदेश में 13 ऑक्सीजन प्लांट (Oxygen Plants) और लग रहे हैं. केंद्र सरकार ने भी उत्तर प्रदेश को 750 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का आवंटन किया है. इसके अलावा इस समय उत्‍तर प्रदेश के 75 जिलों में 81 इकाइयां रोजाना 900 मीट्रिक टन से ज्यादा ऑक्सीजन उत्पादन कर रही हैं. सीएम के निर्देश पर सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योग (MSMEs) विभाग ने ऑक्सीजन की आपूर्ति मेडिकल उपयोग में ही लाने के लिए तत्काल अफसरों की ड्यूटी लगाकर प्लांटों से बात करना शुरू कर दिया है.

सीएम योगी आदित्‍यनाथ के आदेश पर प्रदेश में ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग ने पहले ही युद्धस्तर पर प्रयास शुरू कर दिए थे. परिणाम स्वरूप हाल में आठ राजकीय मेडिकल कॉलेजों और स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालयों में ऑक्सीजन प्लांट के आदेश जारी कर दिए गए. इसमें राजकीय मेडिकल कॉलेज आजमगढ़, बांदा और स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय अयोध्या, बस्ती, बहराइच, राजकीय मेडिकल कॉलेज सहारनपुर, अंबेडकरनगर तथा स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय फिरोजाबाद में प्लांट लगाने का काम जारी है.

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डीआरडीओ प्रदेश में लगा रहा है ये पांच ऑक्‍सीजन प्‍लांट
चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने बताया कि हमारी प्राथमिकता हर संक्रमित की जान बचाना है. कोरोना महामारी को देखते हुए मेडिकल कॉलेजों, संस्थानों और चिकित्सा महाविद्यालयों में युद्धस्तर पर संसाधनों में बढ़ोतरी की जा रही है. इसी क्रम में प्रदेश में कुल 13 ऑक्सीजन प्लांट लग रहे हैं, जिसमें डीआरडीओ पांच प्लांट राम मनोहर लोहिया लखनऊ, कैंसर इंस्टीट्यूट लखनऊ, मेडिकल कॉलेज कानपुर, आगरा और झांसी में लगा रहा है. इसके लिए भी राज्य सरकार की ओर से मंजूरी दी जा चुकी है. एमएसएमई के अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने बताया कि प्रदेश में ऑक्सीजन इकाइयों से समन्वय के लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगा दी गई है.

दो दर्जन से ज्यादा इकाइयों की इंडस्ट्रियल सप्लाई रोकी गई

खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन ने हाल में ऑक्सीजन का उत्पादन और रीफिलिंग की क्षमता को तत्काल बढ़ाने का आदेश दिया था. इसके बाद कई इकाइयों ने उत्पादन और रीफिलिंग बढ़ाई है. इसके अलावा यह सुनिश्चित किया गया है कि ऑक्सीजन की सप्लाई सिर्फ मेडिकल उपयोग में ही लाई जाए. इसके तहत दो दर्जन से ज्यादा इकाइयों की इंडस्ट्रियल सप्‍लाई रोकी गई है.



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उत्‍तर प्रदेश के इन जिलों में हो रहा उत्पादन और रीफिलिंग

प्रदेश के 75 जिलों में 81 इकाइयों में गौतमबुद्धनगर में एक, गाजियाबाद में एक मैन्यूफैक्चरर व 15 रीफिलर, आगरा में 7 रीफिलर व एक मैन्यूफैक्चरर, मथुरा में दो मैन्यूफैक्चरर, अलीगढ़ में तीन रीफिलर व एक मैन्यूफैक्चरर, कानपुर नगर में दो रीफिलर व दो मैन्यूफैक्चरर, कानपुर देहात में एक मैन्यूफैक्चरर व एक रीफिलर, लखनऊ में तीन रीफिलर व दो प्रोड्यूसर, प्रयागराज में एक मैन्यूफैक्चरर, मुजफ्फरनगर में दो मैन्यूफैक्चरर व एक रीफिलर, वाराणसी में एक मैन्यूफैक्चरर, चंदौली में छह मैन्यूफैक्चरर और संतकबीरनगर में एक मैन्यूफैक्चरर है. इसके अलावा अयोध्या में एक, बाराबंकी में एक, अंबेडकरनगर में एक, फिरोजाबाद में तीन, अमेठी में दो, बरेली में तीन, बहराईच में एक, गोरखपुर में दो, झांसी में तीन, औरैया में एक, शामली में एक, बुलंदशहर में एक, मेरठ में एक, बिजनौर में दो, मुरादाबाद में चार, मीरजापुर में एक रीफिलर इकाई ऑक्सीजन का उत्पादन कर रही है.
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