वित्त मंत्री ने भारत के लोगों को धोखा दिया, बजट से इतनी निराशा कभी नहीं हुई: चिदंबरम

पी. चिदंबरम

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  • Last Updated: February 2, 2021, 1:37 AM IST
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नई दिल्ली. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने अगले वित्त वर्ष के बजट को लेकर सोमवार को आरोप लगाया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश के लोगों को धोखा दिया है और इससे पहले कभी भी बजट से इतनी निराशा नहीं हुई. पूर्व वित्त मंत्री ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘वित्त मंत्री ने भारत के लोगों खासकर गरीबों, कामकाजी तबके, मजूदरों, किसानों, स्थायी रूप से बंद हुईं औद्योगिक इकाइयों और बेरोजगार हुए लोगों को धोखा दिया है." उन्होंने उनका भाषण सुन रहे सांसदों समेत उन सभी लोगों के साथ धोखा किया है जिनको इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी कि पेट्रोल एवं डीजल समेत कई उत्पादों पर उपकर लगा दिया गया है.’’



चिदंबरम ने कहा कि वित्त मंत्री ने अपने भाषण में रक्षा समेत कई महत्वपूर्ण विषयों का उल्लेख नहीं किया. उन्होंने कहा, ‘‘सरकार से बड़ी उम्मीदें थी कि खर्च में बढ़ोतरी की जाएगी ताकि निजी निवेश और उपभोग को बढ़ावा मिल सके, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि मामूली बढ़ोतरी हुई है जो 34,50,305 करोड़ रुपए से बढ़कर 34,83,236 करोड़ रुपए हो गया है.’’ पूर्व वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘इस बजट से इतनी निराशा हुई है जितनी कभी नहीं हुई. पिछले साल की तरह इस बजट की सच्चाई सामने आ जाएगी.’’ कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया, ‘‘इस बजट का नाम धोखेबाज बजट है. इसमें सिर्फ लोगों को धोखा दिया गया है.’’



केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को बजट पेश किया. इसमें सरकार ने देश में बुनियादी अवसंरचना के सृजन के जरिए आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिए वित्त वर्ष 2021-22 में पूंजीगत व्यय को 34.5 प्रतिशत बढ़ाकर 5.5 लाख करोड़ रुपए करने का प्रस्ताव किया है. सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों तथा वित्तीय संस्थानों में हिस्सेदारी बिक्री से वित्त वर्ष 2021-22 में 1.75 लाख करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य रखा गया है. इसके साथ ही कोरोना के टीकाकरण अभियान के लिए 35,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है.



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सीतारमण ने टैबलेट से पढ़ा बजट भषण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लीक छोड़ते हुए इस बार आम बजट कागजी दस्तावेज के बजाय टैबलेट से पढ़ा. सीतारमण 2021-22 का बजट पेश करते हुए सत्ता पक्ष की दूसरी कतार में रहीं. इस बार का बजट कागज पर प्रिंट नहीं हुआ है. बजट दस्तावेज सभी सांसदों समेत आम जनता के लिए डिजिटल स्वरूप में उपलब्ध कराया जाने वाला है.


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