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खिलजी के समय में अंडा नहीं होता इतना महंगा!

खिलजी के समय में अंडा नहीं होता इतना महंगा!

फाइल फोटो.

फाइल फोटो.

संजय लीला भंसाली की फिल्‍म पद्मावती इन दिनों खासा विवादों में है.

    संजय लीला भंसाली की फिल्‍म पद्मावती इन दिनों खासा विवादों में है. साथ ही चर्चा में है फिल्म का किरदार अलाउद्दीन खिलजी. खिलजी दिल्ली सल्तनत का सुल्तान था. उसने अपने शासनकाल (1296-1316) में ऐसे आर्थिक सुधार किए थे, जो उन दिनों के लिहाज से न केवल क्रांतिकारी थे, बल्कि आम जनता के लिए लाभदायक भी. लिहाजा कहा जा सकता है कि अंडों और सब्जियों की कीमतें इस समय जिस तरह उछाल मार रही हैं, वैसा कम से कम उसके शासनकाल में नहीं होता.

    खिलजी के आर्थिक सुधारों में बाजार के रेगुलेशन से लेकर आवश्‍यक खाद्य पदार्थों की कीमतों में नियंत्रण तक शामिल था. उपभोक्‍ता वस्‍तुओं की कीमतें नियंत्रित करने की पहल करने वाला वह पहला शासक था. इस पहल के कारण खिलजी के शासनकाल में करीब 10 साल तक कीमतें नियंत्रण में रहीं, जिसका लाभ आम लोगों को हुआ था. खिलजी के शासनकाल के पांच महत्‍वपूर्ण आर्थिक सुधारों के बारे में हमें भी जानना चाहिए, जो आज भी असरदार हो सकते हैं -

    • कृषि बाजार यानी मंडी का निर्माण और नियमन: खिलजी ने दीपालपुर और लाहौर से लेकर यूपी के इलाहाबाद के पास कारा तक कृषि बाजार का रेगुलेशन किया था. इस पूरे क्षेत्र की सभी जमीनों को एक छतरी के तहत लाकर भू-राजस्‍व को उत्‍पादन मूल्‍य का आधा तय किया गया. उन्‍होंने जमीन का भी नाप करवाया. ग्रामीणों पर कोई अतिरिक्‍त ड्यूटी नहीं लगाई. माना जाता है कि इन सुधारों से दूर-दराज स्थित गांवों के लोग भी सल्‍तनत के करीब आए. शहर तथा गांवों के बीच की दूरी कम हुई.

    • खिलजी ने दिल्‍ली में तीन बाजार बनाए- एक खाद्य पदार्थों के लिए, दूसरा कपड़ों, चीनी, घी, तेल और ड्राई फ्रूट्स जैसी महंगी चीजों के लिए और तीसरा घोड़ों, दासों और मवेशियों के लिए. माना जाता है कि पुष्‍कर और सोनपुर जैसे मवेशी मेलों का कॉन्‍सेप्‍ट यहीं से आया.

    • खाद्य पदार्थों की कीमतों पर नियंत्रण: खिलजी ने गांवों से खाद्य पदार्थों की आपूर्ति पर नियंत्रण के लिए एक सिस्‍टम बनाया. इसके तहत व्यापारियों को गांवों से अनाज खरीदना अनिवार्य कर दिया गया. इससे कीमतों पर लगाम लगी. आज जो काम भारतीय खाद्य निगम यानि एफसीआई कर रहा है, उसे इसी का विकसित रूप कहा जा सकता है.

    • जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक: खिलजी ने दिल्‍ली में रॉयल स्‍टॉर्स खुलवाए, ताकि वहां खाद्य पदार्थों का पर्याप्‍त स्‍टॉक रखा जा सके. सामानों की कृत्रिम कमी पैदाकर और फिर उसकी कीमतें बढ़ाकर मुनाफाखोरी नहीं की जा सके. खिलजी के शासनकाल में अनाजों का पहले स्‍थानीय स्‍तर पर भंडारण होता था. फिर उसे दिल्‍ली भेजा जाता था. इससे खाद्य सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाती थी. आज एफसीआई कमोवेश यही काम करता है.

    • खिलजी ने कपड़ों के मार्केट में भी सुधार किया. उन्‍होंने अमीर मुल्‍तानी व्‍यापारियों को संरक्षण देकर उन्‍हें विदेशों समेत दूर-दराज के इलाकों से कपड़े समेत अन्‍य कमोडिटी मंगवाने का जिम्‍मा सौंपा. उनसे कहा गया था कि वो इन सामानों को बीच में किसी को नहीं बेचकर कपड़ों के लिए तय मार्केट सराई-अदल में ही सल्‍तनत द्वारा तय कीमत पर बेचें.

    Tags: Deepika padukone, Sanjay leela bhansali

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