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चीन ने पाकिस्तान को दी 3 लाख करोड़ रुपये की मदद, अब इन चीजों पर हुआ समझौता

फाइल फोटो
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चीन और पाकिस्तान के बीच हुई 60 अरब डॉलर की डील, जानें किन मुद्दो पर हुई रजामंदी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 29, 2019, 1:51 PM IST
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ऐसा माना जाता है कि चीन और पाकिस्तान के रिश्ते अच्छे हैं. अब ये साबित भी हो गया है हाल ही में चीन और पाकिस्तान ने 60 अरब डॉलर की चीन-पाकिस्तान आर्थिक गालियारे (सीपीईसी) के तहत विभिन्न समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं. दोनों देशों ने कराची-पेशावर रेलवे लाइन के अपग्रेडेशन, द्वितीय चरण के मुक्त व्यापार समझौते और एक शुष्क बंदरगाह (ड्राई पोर्ट) के विकास के अग्रीमेंट पर दस्तखत किए. इन समझौतों को सीपीईसी (चीन-पाकिस्तान इकॉनोमिक कॉरीडोर) के विकास के तौर पर देखा जा रहा है. (ये भी पढ़ें: नहीं किया ये काम तो रद्द हो जाएगा आपका PAN कार्ड! ऐसे चेक करें स्टेटस)

कराची-पेशावर के बीच नया रेलवे ट्रैक बनेगा
आपको बता दें कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान इन दिनों वन बेल्ट-वन रोड (ओबीओआर) अभियान के तहत हो रहे दूसरे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल होने के लिए चीन के दौरे पर हैं. प्रधानमंत्री बनने के बाद इमरान का चीन का यह दूसरा दौरा है. पाकिस्तान के आर्थिक विकास के लिए कराची-पेशावर रेलवे ट्रैक का डबल ट्रैक में परिवर्तन जरूरी समझा जा रहा था, इसलिए पाकिस्तान ने इसके विकास पर दस्तखत किए हैं. इस परियोजना के तहत 1,680 किलोमीटर की लंबाई में नया रेलवे ट्रैक बनेगा. इसके लिए चीन 8.4 अरब डॉलर (58 हजार करोड़ रुपये) की सहायता देगा. पाकिस्तान की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए 19 अरब डॉलर (1.32 लाख करोड़ रुपये) की मदद दे रहा है.

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बुरी आर्थिक स्थति के बावजूद पाकिस्तान को मिल रहा है क़र्ज़


पाकिस्तान को यह सारा कर्ज उसकी जर्जर आर्थिक स्थिति के बीच मिल रहा है. सीपीइसी को लेकर उसका चीन के साथ हुआ समझौता स्पष्ट नहीं है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आइएमएफ) ने पाकिस्तान को सहायता देने से पहले उससे चीन की परियोजनाओं का ब्योरा मांगा है. लेकिन पाकिस्तान उसे देने में आनाकानी कर रहा है. अमेरिका और आइएमएफ को आशंका है कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सहायता से चीन का कर्ज चुका सकता है.

चीन का भारत-पाक संबंधों में चाहता है सुधार 
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों में सुधार की आवश्यकता जताई है. यह बात उन्होंने रविवार को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान से मुलाकात के दौरान कही. फरवरी में पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद चीन ने दूसरी बार दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार पर बल दिया है. जिनपिंग और इमरान की मुलाकात में दक्षिण एशिया के हालातों पर चर्चा हुई. वन बेल्ट-वन रोड अभियान के तहत आयोजित दूसरे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए इमरान चीन आए हुए हैं. गुलाम कश्मीर होकर चीन-पाकिस्तान कॉरीडोर के गुजरने के विरोध में भारत इस अभियान से अलग है. उसने दूसरी बार भी सम्मेलन का बहिष्कार किया है.

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