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    पाकिस्‍तान को FATF से नहीं मिली राहत! टेरर फंडिंग के लिए ग्रे लिस्ट में ही बना रहेगा

    पाकिस्‍तान इस बार कोरेाना वायरस महामारी के कारण एफएटीएफ की ब्‍लैक लिस्‍ट में शामिल होने से बच गया है.
    पाकिस्‍तान इस बार कोरेाना वायरस महामारी के कारण एफएटीएफ की ब्‍लैक लिस्‍ट में शामिल होने से बच गया है.

    एफएटीएफ (FATF) की तय कार्ययोजना (Action Plan) का पालन नहीं करने पर पाकिस्‍तान (Pakistan) को ब्लैक लिस्ट (FATF Black List) में डाले जाने की भी आशंका थी. पाकिस्तान को अक्टूबर 2019 के बाद से दो बार ब्‍लैक लिस्‍ट में डाले जाने से छूट मिल चुकी है.

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    इस्लामाबाद. भारत में बार-बार आतंकी हमलों (Terror Attacks) को अंजाम देने वाले आतंकी संगठनों (Terror Outfits) को पालने वाले पाकिस्तान (Pakistan) को अंतरराष्ट्रीय मंच पर फिर तगड़ा झटका लगा है. पाकिस्तान को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (Financial Action Task Force) ने फिर राहत देने से इनकार कर दिया है. एमएटीएफ के मुताबिक, टेरर फंडिंग (Terror Funding) को लेकर फिलहाल पाकिस्‍तान एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट (Gray List) में ही बना रहेगा.

    अक्‍टूबर 2020 तक जारी रखी जाएगी स्‍क्रूटनी
    एफएटीएफ ने बुधवार को फैसला लिया कि सभी देशों को टेरर फंडिंग और मनी लॉन्डरिंग की अक्टूबर 2020 तक स्‍क्रूटनी जारी रखी जाएगी. कोविड-19 महामरी (COVID-19) के कारण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुए एफएटीएफ के अधिवेशन में फैसला किया जाना था कि पाकिस्‍तान को ग्रे लिस्ट में रखा जाएगा या ब्लैक लिस्ट (Black List) में डाला जाएगा. एफएटीएफ ने टेरर फंडिंग रोकने और मनी-लॉन्डरिंग (Money Laundering) के खिलाफ कदम उठाने को लेकर 27 बिंदुओं वाली कार्ययोजना बनाई थी.

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    इस बार कोरोना संकट के कारण बचा पाकिस्‍तान


    एफएटीएफ की कार्ययोजना (Action Plan) का पालन नहीं करने पर पाकिस्‍तान को ब्लैक लिस्ट में डाले जाने की भी आशंका थी. पाकिस्तान को अक्टूबर 2019 के बाद से दो बार ब्‍लैक लिस्‍ट में डाले जाने से छूट मिल चुकी है. इस बार कोरोना वायरस महामारी (Pandemic) का हवाला देते हुए एफएटीएफ ने उन सभी देशों को ग्रे लिस्ट में ही रखने का फैसला किया, जो पहले से इसमें शामिल थे. वहीं, ब्लैक लिस्ट में शामिल देशों पर भी कोई फैसला नहीं लिया गया. बता दें कि भारत (India) लगातार पाकिस्‍तान को ब्‍लैकलिस्‍ट में डालने की मांग करता रहा है.

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    सख्‍ती के बाद भी कई समूहों को टेरर फंडिंग जारी
    अमेरिका (America), भारत (India) और अफगानिस्तान (Afghanistan) लंबे समय से पाकिस्तान पर तालिबान, हक्कानी नेटवर्क, लश्कर-ए-तैयबा व जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकवादी संगठनों को सुरक्षित पनाहगाह देने का आरोप लगाते रहे हैं. एफएटीएफ की ओर से आतंक के वित्त पोषण पर सख्ती के बावजूद गैरकानूनी गतिविधियों और दुनिया भर में समर्थकों से जुटाए गए धन से कई आतंकवादी समूहों को अभी भी फायदा मिल रहा है.
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