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इमरान खान के राज में दो वक्त की रोटी के लिए भी तरस रहा पाकिस्तान, इतना महंगा हुआ आटा

News18Hindi
Updated: January 19, 2020, 7:04 PM IST
इमरान खान के राज में दो वक्त की रोटी के लिए भी तरस रहा पाकिस्तान, इतना महंगा हुआ आटा
पाकिस्तान में रोटी के भी लाले

पाकिस्तान में आटे की कीमतों में भारी तेजी देखने को मिल रही है. इसको ध्यान में देखते हुए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने जमाखोरी रोकने के लिए सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया है.

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  • Last Updated: January 19, 2020, 7:04 PM IST
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नई​ दिल्ली. पाकिस्तान (Pakistan) की खस्ताहाल अर्थव्यवस्था से निपटना प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) के लिए लगातार मुश्किल होता जा रहा है. अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों में तेजी के बाद अब पाकिस्तान में आटे के भाव में भारी तेजी देखने को मिल रही. गेहूं की आवक कम होने की वजह से पूरे पाकिस्तान में अब आटे के भाव में आग लगना शुरू हो चुका है. पाकिस्तान अखबार द डॉन ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि बीते कई महीनों से इस बात की आशंका जताई जा रही थी. आटे की कीमतों में भारी इजाफे के बाद अब पीएम इमरान खान ने जमाखोरी से निपटने और कीमतों को कम करने के लिए सख्त आदेश दिए हैं.

संस्थाओं ने सरकार को 5 दिन का दिया अल्टीमेटम
पाकिस्तान में खैबर पख्तूनख्वा की एक संस्था ने सरकार के इस फैसले के विरोध में सोमवार से हड़ताल करने का ऐलान किया है. पंजाब प्रांत की कई अन्य संस्थाओं ने सरकार को 5 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर सरकार उन्हें कीमतें नहीं बढ़ाने देती है तो वो अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे. इस संदर्भ में रेस्तरां संचालकों की एसोसिएशन ने इमरान खान सरकार से पुराने रेट पर आटा मुहैया कराने को कहा है. साथ ही उन्होंने कहा है कि अगर सरकार ऐसा नहीं करती है, तो उन्हें नान और रोटी की कीमतों को बढ़ाने की इजाजत दी जाए.

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मामले ने पकड़ा राजनीतिक तूल
आटे के भाव में यह तेजी अब पाकिस्तान में राजनीतिक तूल भी पकड़ने लगा है. पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी ने गेहूं की कमी का ठीकरा पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी पर फोड़ा है. सिंध में पीपीपी की सरकार है और इस पार्टी ने पाकिस्तानी केंद्र सरकार को आटे की कीमतों में इजाफे का जिम्मेदार ठहराया है.

क्या है आटे की कीमतों में इस तेजी का कारण
पाकिस्तान के नेशनल फूड सिक्योरिटी के सचिव हाशिम पोपलजाई के मुताबिक, आटे के भाव में इस तेजी का सबसे बड़ा कारण हाल के दिनों में ट्रांसपोर्टर्स का हड़ताल है. पोपलजाई का कहना है कि हड़ताल की वजह मिलों को समय पर गेहूं की सप्लाई नहीं मिल सकी. लिहाजा सप्लाई कम होने और मांग बढ़ने से कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है.

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मंत्री के वादे के बाद भी नहीं हुई आटे की कीमतों में कटौती
पिछले साल सिंध सरकार ने 7 लाख मीट्रिक टन आटा खरीदना था, लेकिन इस सरकार आटे की खरीद नहीं की. पड़ोसी प्रांत के मंत्री हरी राम किशोरी लाल ने 13 दिसंबर को यह वादा किया था कि एक सप्ताह में एक किलो आटे का दाम 43 रुपये हो जाएगा. उन्होंने कहा था कि आटे की कीमत में तीन रुपये की कटौती की जाएगी. कराची की 75 मिलों में एक से 24 दिसंबर तक 22,500 टन आटा आया है, जबकि इस दौरान उन्हें 92,000 टन आटा मिलने की बात कही गई थी. कराची में प्रतिदिन 7,000 से 8,000 टन आटे की खपत होती है.

क्या है पाकिस्तान में आटे का भाव
कराची में 5 किलो आटे के पैकेट के लिए लोगों को 340-350 रुपये और 10 किलो के लिए 660-670 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं. दो दिन पहले ये भाव क्रमश: 310-330 और 630-640 रुपये था. कुछ रिटेलर्स तो 10 किलोग्राम आटे के लिए 680 से 700 रुपये तक खर्च कर रहे हैं.

नोट: भाव पाकिस्तानी रुपये के आधार पर है. वर्तमान में 1 भारतीय रुपये में 2.18 पाकिस्तानी रुपया है.

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First published: January 19, 2020, 4:32 PM IST
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