इमरान खान ने माना पाकिस्तान की आर्थिक हालात हुई खराब, कहा- नहीं है देश को चलाने के लिए पैसे

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने देश के नाम संबोधन में कहा है कि पिछले 10 साल में पाकिस्तान का कर्ज़ पाकिस्तान 6000 अरब पाकिस्तानी रुपए से बढ़कर 30 हज़ार अरब पाकिस्तानी रुपए तक पहुंच गया है.

News18Hindi
Updated: June 12, 2019, 5:29 PM IST
इमरान खान ने माना पाकिस्तान की आर्थिक हालात हुई खराब, कहा- नहीं है देश को चलाने के लिए पैसे
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने भी देश में जारी आर्थिक संकट को लेकर बड़ा बयान दिया है.
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Updated: June 12, 2019, 5:29 PM IST
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने देश के नाम संबोधन में कहा है कि पिछले 10 साल में पाकिस्तान का कर्ज़ 6000 अरब पाकिस्तानी रुपए से बढ़कर 30 हज़ार अरब पाकिस्तानी रुपए तक पहुंच गया है.  इससे देश के पास अमेरिकी डॉलर की कमी हो गई. हमारे पास इतने डॉलर नहीं बचे कि हम अपने कर्ज़ों की किस्त चुका सकें. हम डर में रहे हैं कि कहीं पाकिस्तान डिफॉल्टर ना हो जाए. अगर ऐसा होता हैं तो देश के बुरे हालात हो जाते. मतलब साफ है कि बोरियों में रुपए भरकर ले जाते तो कुछ रोटियां मिलतीं. हमारा हाल भी वेनेज़ुएला वाला हो जाता. जब से सरकार में आया हूं तब से इसी दबाव में रहा. शुक्र है कि हमारे दोस्त मुल्क यूएई, सऊदी अरब और चीन से से मदद मिली.

आपकों बता दें कि पाकिस्तान में मंगलवार को बजट (Pakistan Budget 2019) पेश किया गया.मंगलवार को पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में वित्त मंत्री हामद अज़हर ने इमरान ख़ान सरकार का पहला पूर्ण बजट पेश किया. पूरे बजट में इनकम और सेल्स टैक्स बढ़ाने पर ज़ोर है. पाकिस्तान में एक जुलाई से शुरू हो रहे नए वित्तीय वर्ष में इनकम टैक्स भरने वालों पर बड़ा असर होगा.



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पाकिस्तान के अखबार डॉन में छपी खबर के मुताबिक, बजट में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी आईएमएफ का असर दिखाई दिया है. पाकिस्तान ने IMF से छह अरब डॉलर का कर्ज़ लिया है.लेकिन इस कर्ज़ के बदले पाकिस्तान को आईएमएफ की कई शर्तें माननी पड़ी हैं जिनके लागू होने पर महंगाई और टैक्स का बढ़ना तय है.

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बजट में हुए कड़े फैसले- पाकिस्तानी सरकार ने इनकम टैक्स की अधिकतम दर 25 फीसदी से बढ़ाकर 35 फीसदी कर दी है.इसके साथ ही मासिक आय के ब्रैकेट को भी पहले से कम कर दिया गया है. इमरान ख़ान सरकार का लक्ष्य है कि नए वित्तीय वर्ष में केवल आय कर से 258 अरब रुपए जुटाया जा सके. आपको बता दें कि पाकिस्तान का नया वित्त वर्ष 1 जुलाई 2019 से शुरू होगा.

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