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पाकिस्तानी रुपये की गिरावट से मचा हाहाकार, डूब गए करोड़ों रुपये

पाकिस्तान के रुपये की भंयकर गिरावट का असर दिखना शुरू! डूब गए इतने करोड़ रुपये
पाकिस्तान के रुपये की भंयकर गिरावट का असर दिखना शुरू! डूब गए इतने करोड़ रुपये

कंगाल पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के सभी फैसले फिलहाल बेअसर होते नज़र आ रहे है. पाकिस्तानी रुपये में आई गिरावट के चलते शुक्रवार को शेयर बाजार में भूचाल आ गया.

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कंगाल पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के सभी फैसले फिलहाल बेअसर होते नज़र आ रहे है. पाकिस्तानी रुपये में आई गिरावट के चलते शुक्रवार को शेयर बाजार में भूचाल आ गया. पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज का बेंचमार्क इंडेक्स KSE-100 कुछ घंटों के दौरान ही 800 अंक से ज्यादा टूट गया. इस गिरावट में निवेशकों के 1000 करोड़ पाकिस्तानी रुपये डूब गए. माना जा रहा है कि शेयर बाजार की गिरावट के पीछे IMF की ओर से मिले राहत पैकेज को लेकर बढ़ी चिंताएं हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आने वाले दिनों में रुपया और टूट सकता है. ऐसा होने पर पाकिस्तान में महंगाई और तेजी से बढ़ने की आशंका है, क्योंकि पाकिस्तान अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल विदेश से खरीदता है. साथ ही, रोजमर्रा के इस्तेमाल में आने वाली कई चीज़ें भी विदेशों से मंगाई जाती हैं. ऐसे में पाकिस्तान की इमरान खान सरकार के लिए इंपोर्ट महंगा हो जाएगा. लिहाजा महंगाई और तेजी से बढ़ सकती है.

पाकिस्तान के शेयर बाजार में क्यों आया भूचाल- शेयर बाजार में कारोबार करने वाले ट्रेडर्स का कहना है कि देश की अर्थव्यवस्था को लेकर बढ़ती चिंताओं और रुपये में आई कमजोरी का असर पाकिस्तानी शेयर बाजार पर दिख रहा है. अगर सरकार की ओर से पुख्ता कदम नहीं उठाए गए तो शेयर बाजार की गिरावट और गहरा सकती है.




क्यों गिर रहा है पाकिस्तान का रुपया- पाकिस्तान के अखबार डॉन में छपी खबर में बताया गया है कि आईएमएफ के साथ हुए समझौते के बाद मिले पैकेज से करेंसी बाजार पर दबाव बढ़ा है. साथ ही, करेंसी में कारोबार करने वाले ट्रेडर्स का कहना है कि अभी तक सरकार और आईएमएफ के बीच हुई डील की शर्तों का खुलासा नहीं हुआ है. ऐसे में सभी निवेशक और कारोबारियों की चिंताएं बढ़ी हुई हैं. इसीलिए वो तेज़ी से रुपया बेच रहे हैं.



आम लोगों पर लगाई पाबंदी-गल्फ न्यूज में छपी खबर के मुताबिक, पाकिस्तानी रुपये के अवमूल्यन को रोकने के लिए प्रधानमंत्री इमरान खान ने देश से बाहर जाने वाले व्यक्ति पर अमेरिकी डॉलर ले जाने पर पाबंदी लगा दी है. अब पाकिस्तान से बाहर जाने वाला शख्स अपने साथ सिर्फ 3000 अमेरिकी डॉलर ले सकता है. पहले ये सीमा 10,000 अमेरिकी डॉलर थी.

आखिर हुआ क्या है पाकिस्तान में....



(1) गंभीर आर्थिक संकट के बीच पाकिस्तान को पिछले हफ्ते अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) से छह अरब डॉलर का बेल आउट पैकेज मिला. लेकिन यह कर्ज़ पाकिस्तान को तीन साल के दौरान मिलेगा. इससे लंबे समय से आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के आधारभूत ढांचे और क़र्ज़ की देनदारी में सुधार की उम्मीदों को लेकर चिंताएं अभी भी कायम है. इसीलिए शेयर बाजार और रुपये में बिकवाली है.

(2) पाकिस्तान के मौजूदा प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के लिए इस समझौते की शर्तें बेहद चिंताजनक है. स्थानीय मीडिया में अभी से आलोचना शुरू हो गई है. पाकिस्तानी अखबारों के मुताबिक, आईएमएफ़ ने लाखों लोगों पर जो कमरतोड़ आर्थिक बोझ डाला है उसके परिणाम जल्द सामने आएंगे. आईएमएफ़ की शर्तें लागू करने से आम लोगों पर महंगाई का बोझ बढ़ जाएगा.

(3) अर्थशास्त्री मानते हैं कि मौजूदा समय में पाकिस्तान महंगाई की मार को झेल रहा है. ऐसे में बढ़ती बेरोज़गारी के बीच इस बेलआउट पैकेज से ईंधन पर टैक्स बढ़ेगा, बिजली महंगी होगी और पाकिस्तानी रुपये में और गिरावट आएगी.

 
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