रक्षा मंत्रालय ने राज्यसभा में बताया! कैंटीन में केवल स्वदेशी सामान बेचने पर नहीं हुआ कोई निर्णय

राज्यसभा में बोला रक्षा मंत्रालय
राज्यसभा में बोला रक्षा मंत्रालय

राज्यसभा में रक्षा मंत्रालय ने बताया कि रक्षा कैंटीन में केवल 'मेड इन इंडिया' सामान बेचने पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है.

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  • Last Updated: September 19, 2020, 12:22 PM IST
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नई दिल्ली. संसद के मानसून सत्र (Parliament Monsoon session) के दौरान आज राज्यसभा में रक्षा मंत्रालय ने बताया कि रक्षा कैंटीन में केवल 'मेड इन इंडिया' सामान बेचने पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है. जबकि मई माह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) जैसी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की सभी कैंटीनों में एक जून से केवल स्वदेशी उत्पादों की ही बिक्री होगी.

शाह ने कहा था कि सीएपीएफ के करीब 10 लाख जवानों के परिवार के 50 लाख सदस्यों के लिए स्वदेशी उत्पादों की बिक्री की जाएगी. शाह ने इस संबंध में माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर पर कई ट्वीट किए और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को आत्मनिर्भर बनाने और भारत में बने उत्पाद उपयोग करने की अपील की, जिसके बाद गृह मंत्रालय ने यह निर्णय लिया है.


1 जून 2020 से देशभर की सभी कैंटीनों पर लागू हुआ नियम-उन्होंने कहा, 'गृह मंत्रालय ने यह निर्णय लिया है कि सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की कैंटीनों पर अब सिर्फ स्वदेशी उत्पादों की ही बिक्री होगी. यह एक जून 2020 से देशभर की सभी सीएपीएफ कैंटीनों पर लागू होगा. इससे लगभग 10 लाख सीएपीएफ कर्मियों के 50 लाख परिजन स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करेंगे.' सीएपीएफ में सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, एनएसजी और असम रायफल्स आते हैं और इनकी कैंटीनों में सालाना 2,800 करोड़ रुपये मूल्य के उत्पादों की बिक्री होती है.



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FDI की लिमिट को 49% से बढ़ाकर 74% किया-डिफेंस प्रोडक्शन में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए सरकार ने कहा था कि डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में स्वचालित प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की लिमिट को 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 74 प्रतिशत कर दिया जाएगा. यानी FDI का जो रूट है उसकी लिमिट को बढ़ा दिया जाएगा. और टाइम बॉन्ड डिफरेंस प्रफोर्मेंस प्रोसेस हमारा हो उसके लिए त्वरित फैसले लेने का भी काम किया जाएगा. इसके साथ ही अनुबंध प्रबंधन के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट का गठन किया जाएगा. रक्षा उत्पादन क्षेत्र में 1849 करोड़ रुपये FDI स्वचालित उत्पादन के माध्यम से प्राप्त होती है.
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