अपनी कंपनी खोलने वालों के लिए बड़ी खबर! ससंद में मिली कंपनी संशोधन बिल को मंजूरी

अगर आप भी अपनी कंपनी खोलना चाहते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि केंद्र की मोदी सरकार ने कंपनी खोलने से जुड़े नए बिल (कंपनी संशोधन विधेयक-2019 बिल) को राज्यसभा में पास करा लिया है.

News18Hindi
Updated: July 31, 2019, 12:29 PM IST
अपनी कंपनी खोलने वालों के लिए बड़ी खबर! ससंद में मिली कंपनी संशोधन बिल को मंजूरी
कंपनी संशोधन विधेयक-2019 को लोकसभा के बाद अब राज्यसभा से मिली मंजूरी
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Updated: July 31, 2019, 12:29 PM IST
अगर आप भी अपनी कंपनी खोलना चाहते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि केंद्र की मोदी सरकार ने कंपनी खोलने से जुड़े नए बिल (कंपनी संशोधन विधेयक-2019 बिल) को राज्यसभा में पास करा लिया है. इसमें में किए प्रावधानों के मुताबिक, अब देश के किसी भी हिस्से में फर्जी पते पर कंपनी बनाकर कारोबार करने पर रोक लगेगी. साथ ही, कंपनी के रजिस्टर्ड पते की जांच के बाद ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी. जांच का अधिकार कंपनी रजिस्ट्रार के पास रहेगा. आपको बता दें कि कंपनी संशोधन विधेयक-2019 बिल को मंजूरी मिल गई है. मंगलवार को राज्यसभा में यह विधेयक पारित हो गया. लोकसभा इसे पहले ही मंजूरी दे चुकी है.

अब बिजनेस करना होगा आसान- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में इस बिल पर चर्चा का जवाब देते हुए बताया है कि नए कानून बनने के बाद बिजनेस करना आसान हो जाएगा. मौजूदा व्यवस्था में पते के नाम पर महज पोस्ट बैग नंबर के सहारे ही कुछ कंपनियां चलाई जा रही थीं.

>> लेकिन, नए प्रावधान लागू होने पर कंपनियों के पते की जांच अधिकारी एड्रेस पर आकर होगा. कंपनी रजिस्टार की ओर से इसकी जांच की जाएगी.

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अब बिजनेस करना होगा आसान


>> अगर कंपनी के पते में कोई फर्जीवाड़ा पाया गया तो संचालकों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई होगी. इससे फर्जी कंपनियों पर लगाम लगेगी.

>> निर्मला सीतारमण ने बताया कि अब तक चार लाख निष्क्रिय और शेल कंपनियों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा चुका है.
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>> ये कंपनियां दो साल की अवधि से काम नहीं कर रही थीं, न ही इन्होंने सालाना रिटर्न दाखिल किया था. वित्त मंत्री ने कहा कि नया कानून बनने से राष्ट्रीय कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल पर काम का बोझ कम होगा.

कंपनी संशोधन विधेयक-2019 बिल को मंजूरी


>> वित्त मंत्री ने कहा कि कंपनियों को अब यह बताना होगा कि सीएसआर (कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व) की राशि कितनी है और इसे कहां खर्च किया गया. खर्च नहीं किए जाने पर यह राशि प्रधानमंत्री राहत कोष और अन्य मद में स्थानांतरित कर दी जाएगी.

>>  सीएसआर के लिए कंपनियों को तीन साल की अवधि दी गई है. सीतारमण ने स्पष्ट किया कि कम से कम पांच करोड़ रुपये का लाभ अर्जित करने वाली या एक हजार करोड़ रुपये सालाना कारोबार वाली या फिर 500 करोड़ रुपये शुद्ध परिसंपत्ति (नेट वर्थ) वाली कंपनियां सीएसआर के दायरे में आएंगी.

 

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First published: July 31, 2019, 12:19 PM IST
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