पतंजलि आयुर्वेद ने ​पिछले वित्त वर्ष में कमाए 425 करोड़ रुपये, बाबा रामदेव ने कही ये बात

पतं​जलि आयुर्वेद का कुल खर्च 5.34 फीसदी बढ़कर 8,521.44 करोड़ रुपये हो गया है. (Image: Reuters)
पतं​जलि आयुर्वेद का कुल खर्च 5.34 फीसदी बढ़कर 8,521.44 करोड़ रुपये हो गया है. (Image: Reuters)

पतंजलि आयुर्वेद (Patanjali Ayurved) ने पिछले वित्त वर्ष में 424.72 करोड़ रुपये की कमाई की है. बिजनेस इंटेलीजेंस प्लेटफॉर्म Tofler ने इस बारे में जानकारी दी. पतंजलि आयुर्वेद के नतीजों पर बयान देते हुए स्वा​मी रामदेव (Swami Ramdev) ने कहा कि ​रुचि सोया (Ruchi Soya) के अधिग्रहण की वजह से पिछला वित्त वर्ष चुनौतीपूर्ण रहा.

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नई दिल्ली. वित्त वर्ष 2019-20 में पतंजलि आयुर्वेद (Patanjali Ayurved) का कुल मुनाफा 21.56 फीसदी बढ़कर 424.72 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. बिजनेस इंटेलीजेंस प्लेटफॉर्म Tofler ने इस बारे में जानकारी दी है. इसके पिछले साल यानी वित्त वर्ष 2018-19 में कंपनी का कुल प्रॉफिट 349.37 करोड़ रुपये था. 31 मार्च को खत्म हुई तिमाही में पतंजलि का रेवेन्यू (Patanjali Revenue) पिछले साल की तुलना में 5.86 फीसदी बढ़कर 9,022.71 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. इस दौरान पतं​जलि आयुर्वेद का कुल खर्च 5.34 फीसदी बढ़कर 8,521.44 करोड़ रुपये हो गया. पिछले साल की तुलना में टैक्स से पहले का प्रॉफिट 25.12 फीसदी बढ़कर 566.47 करोड़ रुपये रहा. एक साल पहले यह आंकड़ा 452.72 करोड़ रुपये था.

पतंजलि के नतीजों पर बाबा रामदेव ने क्या कहा?
अन्य इनकम के जरिए होने वाली कमाई भी करीब तीन गुना की छलांग लगाते हुए 18.89 करोड़ रुपये से बढ़कर 65.19 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है. पतंजलि आयुर्वेद के नतीजों पर बयान देते हुए स्वा​मी रामदेव ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, 'पिछला वित्त वर्ष हमारे लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहा था, जिस दौरान हमने रुचि सोया का अधिग्रहण किया था. वित्तीय चुनौतियों के बावजूद हमने निरंतर काम किया है.'

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कंपनी की आउटलुक के बारे में बात करते हुए रामदेव ने कहा कि पतंजलि के उत्पादों पर लोगों का भरोसा बढ़ा है. उनका यह भरोसा शुद्ध एवं किफायती उत्पाद मिलने की वजह से बढ़ा है, जिसका असर कंपनी की ग्रोथ में देखने को मिलेगा. उन्होंने यह भी कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में इस वित्तीय वर्ष (2020-21) में हमारी ग्रोथ ज्यादा होगी. दिव्य फार्मेसी (Divya Pharmacy) जैसे कुछ सेगमेंट में बड़ी तेजी देखने को मिलेगी.

बाबा रामदेव ने कहा, 'लॉकडाउन के दौरान भी कुछ दिनों को छोड़ दें तो हमारी सर्विसेज बंद नहीं रहीं. अन्य कंपनियों को स्थिति को संभालने में एक से दो महीने लगे. हमारे पास खुद का ट्रांसपोर्टेशन और डिस्ट्रीब्यूशन लाइन है और हमने पहले दिन से ही प्रोडक्शन का काम शुरू कर दिया था.'



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पिछले साल दिसंबर में किया था रुचि सोया का अधिग्रहण
बता दें कि कंपनी की बिस्किट, नूडल्स, डेयरी कारोबार, सोलर पैनल, अपैरल और ट्रांसपोर्टेशन पतंजलि आयुर्वेद के अंतर्गत नहीं आता है. पिछले साल दिसंबर महीने में ही कंपनी ने दिवालिया हो चुकी ​​रुचि सोया का 4,350 करोड़ रुपये में अधिग्रहण किया था. पतंजलि ने यह अधिग्रहण दिवाला प्रक्रिया के तहत किया था.
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