ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर सरकार का बड़ा फैसला, अब 31 जुलाई तक मिलेगी ये छूट

ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर सरकार का बड़ा फैसला, अब 31 जुलाई तक मिलेगी ये छूट
बड़ी खबर: केंद्र सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस और गाड़ियों के परमिट की वैधता 30 सितंबर तक बढ़ा दी है.

सड़क, परिवहन और राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय ने रविवार को मोटर व्हीकल संबंधित डॉक्युमेंट्स की डेडलाइन 31 जुलाई तक के लिए बढ़ा दी है. यह 1 फरवरी के बाद एक्सपायर हुए या रिन्युवल किए जाने वाले डॉक्युमेंट्स पर लागू होगा.

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नई दिल्ली. सरकार ने रविवार को कहा मोटर वाहन अधिनियमों के तहत विभिन्न दस्तावेजों और प्रमाण पत्रों की वैधता की तिथि 31 जुलाई तक बढ़ा दी गयी है. इस निर्णय के तहत एक फरवरी से नवीनीकरण में विलम्ब के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क या विलम्ब शुल्क नहीं लिया जाएगा. प्राप्त जानकारी के अनुसार कोविड-19 के दौरान लोगों की सुविधा के उद्देश्य से सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (Ministry of Road Transport and National Highways) ने एक वैधानिक आदेश जारी किया है.

जाम शुल्क अब भी होगा वैध
आदेश में कहा गया है कि इन दस्तावेजों के नवीकरण सहित किसी गतिविधि के लिए एक फरवरी या उसके बाद यदि शुल्क जमा भी कर दिया गया है और कोविड-19 महामारी (COVID-19 Pandemic) की रोकथाम से उभरी स्थितियों की वजह से वह गतिविधि पूरी नहीं हो सकी है तो जमा शुल्क को अब भी वैध माना जाएगा.

यदि शुल्क जमा करने में एक फरवरी 2020 से लॉकडाउन की अवधि तक विलंब हुआ है तो ऐसे विलंब के एवज में 31 जुलाई 2020 तक किसी भी तरह का अतिरिक्त या विलंब शुल्क नहीं लिया जाएगा.



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इसके पहले मार्च में बढ़ी थी डेडलाइन
बता दें कि गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) के 24 मार्च 2020 के दिशा-निर्देशों और उसके बाद कोविड-19 के प्रकोप की वजह से पूरी तरह लॉकडाउन लागू करने के संबंध में किए गए संशोधनों के आलोक में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 (Motor Vehicle Act, 1988) और केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम, 1989 से संबंधित दस्तावेजों की वैधता के विस्तार के संबंध में 30 मार्च 2020 को एक एडवाइजरी जारी की थी.

इन दस्तावेजों को भी वैध माना जाएगा
इसमें प्रवर्तन अधिकारियों को यह सलाह दी गई थी कि जिन दस्तावेजों की वैधता में विस्तार नहीं दी जा सकी या लॉकडाउन की वजह से नहीं दी जा सकती है और जिनकी वैधता एक फरवरी 2020 को समाप्त हो गई या 30 जून 2020 तक समाप्त हो जाएगी, उन दस्तावेजों को 30 जून 2020 तक वैध माना जाए.

सरकार की जानकारी में यह भी आया है कि देश में लॉकडाउन लागू होने और सरकारी परिवहन कार्यालयों (RTO) के बंद रहने की वजह से केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम 1989 के नियम 32 और 81 में निर्दिष्ट विभिन्न शुल्कों और विलंब शुल्कों को लेकर लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

इसे देखते हुए मंत्रालय ने वाहनों के विभिन्न दस्तावेजों की वैधता की अवधि बढ़ाने का यह निर्णय किया है.

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First published: May 25, 2020, 9:55 AM IST
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