Paytm ने जारी की एनुअल रिपोर्ट, वित्त वर्ष 2020-21 में हुआ 1704 करोड़ रुपये का घाटा

पेटीएम

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नई दिल्ली. देश की सबसे बड़ी ई-वॉलेट कंपनी पेटीएम (Paytm) ने बताया कि वित्त वर्ष 2020-21 में उसका एकीकृत शुद्ध घाटा गिरावट दर्शाता 1,704 करोड़ रुपये रह गया. कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट (Annual Report) में यह जानकारी दी गई है. कंपनी को वित्त वर्ष 2019-20 में 2,943.32 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था.

पेटीएम के प्रवक्ता ने कहा, ''विशेष रूप से पिछले वित्त वर्ष की पहली छमाही में महामारी के कारण हमारे व्यावसायिक भागीदारों के व्यवसाय में महत्वपूर्ण व्यवधान होने के बाद भी दूसरी छमाही में स्थिति में मजबूत वसूली से हमारे हमारे रेवेन्यू पर प्रभाव हल्का ही रहा.''

रेवेन्यू भी कम हुआ

यह लगातार दूसरा वित्त वर्ष है जब कंपनी ने घाटे में कमी दिखाई है. कंपनी का कुल रेवेन्यू पिछले वर्ष के 3,540.77 करोड़ रुपये की तुलना में वर्ष 2020-21 में लगभग 10 फीसदी घटकर 3,186 करोड़ रुपये रहा.
रिपोर्ट में कहा गया है, ''कोविड-19 महामारी भारत और दुनिया हर जगह फैली है. इसका स्थानीय और वैश्विक हर स्तार की आर्थिक गतिविधियों पर प्रभाव पड़ा है. भारत सरकार ने वायरस के प्रसार को रोकने और निगमों और व्यक्तियों पर होने वाले आर्थिक प्रभाव को सीमित करने के लिए कई उपाय किए हैं.''

Paytm से कमाई करने का मौका, कंपनी लाएगी भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO

गौरतलब है कि पेटीएम अपनी झोली इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी आईपीओ (IPO) से भरने का प्लान बना रही है. आईपीओ के जरिए कंपनी निवेशकों को भी मोटी कमाई करने का मौका देने वाली है. कंपनी प्राइमरी मार्केट से 3 बिलियन डॉलर यानी करीब 22 हजार करोड़ रुपये जुटाने की योजना में है. इसके लिए कंपनी इस साल दिवाली के आसपास अपना आईपीओ लॉन्च करेगी. इस आईपीओ के जरिए पेटीएम ने अपना वैल्यूएशन 25 से 30 बिलियन डॉलर यानी 1.80 लाख करोड़ रुपये से 2.20 लाख करोड़ रुपये के बीच करने का लक्ष्य निर्धारित किया है.

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