पेंशन फंड मैनेजर्स की फीस बढ़ी, जानें PFMs और ग्राहकों को कैसे होगा फायदा

नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के जनवरी 2021 तक 98 लाख ग्राहक थे. इस समय तक इसका एयूएम 5.56 लाख करोड़ रुपये था.

नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के जनवरी 2021 तक 98 लाख ग्राहक थे. इस समय तक इसका एयूएम 5.56 लाख करोड़ रुपये था.

पेंशन फंड रेग्‍युलेटर पीएफआरडीए (PFRDA) ने 10,000 करोड़ रुपये तक के असेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUMs) के लिए अधिकतम इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट फीस (Investment Management Fees) 0.09 फीसदी निर्धारित की है. वहीं, 10,001 करोड़ से 50,000 करोड़ तक के लिए 0.06 फीसदी तक फीस लेने की अनुमति दी गई है.

  • Share this:

नई दिल्‍ली. पेंशन फंड रेग्‍युलेटरी एंड डेवपलमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में पेंशन फंड्स मैनेजर्स की ओर से ली जाने वाली इंवेस्‍टमेंट मैनेजमेंट फीस बढ़ा दी है. बढ़ाई गई फीस 1 अप्रैल 2021 से लागू हो कर दी गई है. इंवेस्‍टमेंट मैनेजमेंट फीस में इस बढ़ोतरी के साथ ही ज्‍यादातर पेंशन फंड मैनेजर्स मुनाफे में आ जाएंगे. यह बीमा में नई एफडीआई कैप के साथ विदेशी पेंशन फंड मैनेजर्स से ब्याज आमंत्रित कर सकता है. अब तक फंड मैनेजमेंट फीस एसेट की 0.01 फीसदी थी, जो अब बढ़ जाएगी. हालांकि, इसकी सीमा पेंशन फंड के टोटल असेट्स अंडर मैनेजमेंट के 0.09 फीसदी पर ही रखी जाएगी.

कितने असेट्स अंडर मैनेजमेंट के लिए कितनी होगी फीस

पेंशन फंड्स के लिए संशोधित रेवेन्यू ढांचे के तहत असेट्स अंडर मैनेजमेंट पर मैनेजमेंट फीस के अलग-अलग स्लैब लागू होंगे. इनके मुताबिक, 10 हजार करोड़ तक के एयूएम के लिए अधिकतम फीस 0.9 प्रतिशत निर्धारित की गई है. वहीं, 10,001 रुपये से 50,000 करोड़ रुपये तक के लिए फीस 0.06 फीसदी पर सीमित है. इसके बाद 50,001 करोड़ रुपये से 1,50,000 करोड़ रुपये के लिए 0.05 फीसदी पर है और 1,50,000 करोड़ रुपये से ज्‍यादा वाले एयूएम के लिए मैनेजमेंट फीस 0.03 फीसदी रहेगी.

ये भी पढ़ें- वित्त वर्ष 2022 की पहली आरबीआई पॉलिसी 7 अप्रैल को आएगी, जानें नीतिगत दरों में हो सकती है कटौती या नहीं
नई निविदा में 5 पेंशन फंड मैनेजर्स को मिला है लाइसेंस

सब्सक्राइबर्स को जारी किए गए नोटिस के मुताबिक, नया स्लैब आधारित स्ट्रक्चर उन पेंशन फंड्स के लिए लागू होगा, जिनके लिए पीएफआरडीए ने 30 मार्च 2021 को रजिस्ट्रेशन के नए सर्टिफिकेट जारी किए हैं. बता दें कि नई निविदा में पांच पेंशन फंड मैनेजर्स को लाइसेंस मिला है. इनमें एसबीआई पेंशन फंड प्राइवेट लिमिटेड, एलआईसी पेंशन फंड लिमिटेड, यूटीआई रिटायरमेंट सॉल्यूशन लिमिटेड और एचडीएफसी पेंशन फंड कंपनी के साथ आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल पेंशन फंड मैनेजमेंट कंपनी को नई फीस के तहत मंजूरी दी गई है. इनमें सिर्फ यूटीआई रिटायरमेंट सॉल्‍यूशंस 10 हजार करोड़ रुपये तक के एयूएम के लिए 0.07 फीसदी सालाना फीस लेगी. बाकी सभी की दरें समान हैं.

ये भी पढ़ें- अप्रैल-जून 2021 में मिलेगा मोटी कमाई का मौका! पेश किए जाएंगे 15 IPOs, सिर्फ अप्रैल में आएंगे 6 पब्लिक ऑफर



जनवरी 2021 तक एनपीएस के थे कुल 98 लाख ग्राहक

नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के जनवरी 2021 तक 98 लाख ग्राहक थे. इस समय तक इसका एयूएम 5.56 लाख करोड़ रुपये था. हालांकि, बल्क असेट्स को तीन सेक्टर पीएमएफ एसबीआई म्यूचुअल फंड प्राइवेट लिमिटेड, यूटीआई रिटायरमेंट सॉल्यूशन लिमिटेड और एलआईसी पेंशन फंड लिमिटेड द्वारा मैनेज किया जाता है. बता दें कि पेंशन फंड्स की ओर से ली जाने वाली इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट फीस सभी स्कीम के तहत पेंशन फंड के कुल एयूएम पर निर्भर होगी और रोजाना आधार पर लगाई जाएगी. नियामक ने वर्ष 2020 में जारी किए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल्स (RFP) में हाई फीस स्ट्रक्चर का प्रस्ताव दिया था, जो पीएफएम के लिए लाइसेंस के नए दौर के बाद प्रभावी होना था.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज