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Tax Saving : नौकरी करते हैं तो कंपनी से मिला होगा इन्वेस्टमेंट डिक्लेरेशन फॉर्म, जानें कहां निवेश कर बचा सकते हैं टैक्स

Tax Saving : नौकरी करते हैं तो कंपनी से मिला होगा इन्वेस्टमेंट डिक्लेरेशन फॉर्म, जानें कहां निवेश कर बचा सकते हैं टैक्स

इन्वेस्टमेंट डिक्लेरेशन फॉर्म के आधार पर ही कंपनी तय करेगी कि टीडीएस  कितना कटेगा

इन्वेस्टमेंट डिक्लेरेशन फॉर्म के आधार पर ही कंपनी तय करेगी कि टीडीएस कितना कटेगा

Personal Finance Tax Saving Tips : इन्वेस्टमेंट डिक्लेरेशन फॉर्म में बताना होता है कि आपने किस योजना में कितना निवेश किया है. इसके आधार पर ही कंपनी तय करेगी कि आपका टीडीएस कितना कटेगा.

नई दिल्ली. अगर आप नौकरीपेशा हैं तो आपको भी कंपनी की तरफ से वित्त वर्ष 2021-22 के लिए इन्वेस्टमेंट डिक्लेरेशन फॉर्म (Investment Declaration Form) मिल गया होगा. इसमें बताना होता है कि आपने किस योजना में कितना निवेश किया है. इसके आधार पर ही कंपनी तय करेगी कि टीडीएस (Tax Calculation) कितना कटेगा.

अगर आपने अब तक निवेश नहीं किया है तो अभी 31 मार्च तक ऐसा कर सकते हैं. ज्यादातर लोग ऐसी सेविंग्स स्कीम (Tax Saving Schemes) में निवेश करते हैं, जिसमें अच्छे रिटर्न के साथ टैक्स छूट भी मिले. जोखिम भी कम हो. ये हैं निवेश के कुछ तरीके, जहां पैसे लगाकर आप रिटर्न कमाने के साथ टैक्स भी बचा सकते हैं.

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5 साल की एफडी पर टैक्स बचत
बीपीएन फिनकैप के निदेशक एके निगम के मुताबिक, सबसे आसान तरीका 5 साल के फिक्स्ड डिपॉजिट पर टैक्स की छूट लेना है. अगर बैंक में आपका केवाईसी है तो इंटरनेट बैंकिंग से भी एफडी खोल सकते हैं. नेटबैंकिंग के जरिये भुगतान को ऑटो मोड में कभी न डालें क्योंकि इससे 5 साल बाद आपकी एफडी फिर रिन्यू हो सकती है और मैच्योरिटी का पैसा आपके बैंक खाते में नहीं आएगा. एफडी पर मिला ब्याज कमाई में आता है, इसलिए टैक्स लगेगा. 5 साल से कम के लिए निवेश करते हैं तो इस पर टैक्स छूट का लाभ नहीं मिलेगा.

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टर्म लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी
टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी के प्रीमियम भुगतान पर टैक्स छूट ले सकते हैं. यह पॉलिसी सीमित अवधि के लिए होती है, जिसका प्रीमियम काफी कम होता है. यदि दुर्भाग्यवश पॉलिसी धारक की मृत्यु हो जाती है तो क्लेम अमाउंट पर आयकर की धारा 10(10D) के तहत 100% छूट मिलती है. 1.5 लाख रुपये सालाना तक के लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर इनकम टैक्स एक्ट-1961 के सेक्शन 80C के तहत छूट मिलती है.

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होम लोन के मूलधन पर छूट
होम लोन के मूलधन पर भी 80C के तहत हर साल 1.5 लाख रुपये तक टैक्स छूट का लाभ ले सकते हैं. इसके अलावा, होम लोन के ब्याज भुगतान पर धारा 24(B) के तहत हर साल 2 लाख रुपये की छूट मिलती है. इस तरह होम लोन आपके 3.5 लाख रुपये की कर बचत कराता है.

बच्चों की पढ़ाई पर टैक्स लाभ
बच्चों की पढ़ाई पर होने वाले खर्च में टैक्स छूट का लाभ ले सकते हैं. हालांकि, यह सिर्फ फीस के लिए होती है और धारा 80C के तहत छूट मिलती है. यहां ध्यान रखना होगा कि यह लाभ सिर्फ ट्यूशन फीस के लिए है, बच्चों के एडमिशन जैसे भारी-भरकम खर्च के लिए नहीं. बच्चों की पढ़ाई के लिए जो स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी की फीस जाती है, उसके लिए ही यह टैक्स छूट मिलती है. विदेश में पढ़ने वाले बच्चे की ट्यूशन फीस पर कर छूट नहीं मिलती और यह सिर्फ दो बच्चों तक ही सीमित है.

बीमा प्रीमियम प्लान
बीमा प्लान खरीदने पर भी टैक्स छूट का लाभ मिलता है. एनडोमेंट प्लान, होल लाइफ प्लान, मनी बैक, टर्म इंश्योरेंस और यूलिप जैसी पॉलिसी खरीदकर टैक्स बचा सकते हैं. इन पॉलिसी के प्रीमियम के भुगतान पर 80C के तहत साल में 1.5 लाख रुपये तक लाभ मिलता है. इसी तरह, लाइफ इंश्योरेंस में इन्युटी प्लान लेते हैं तो भी टैक्स छूट पा सकते हैं.

Tags: Investment, Personal finance

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