इस सरकारी स्कीम में PPF से जल्दी दोगुना हो जाएगा पैसा, जानें सभी जरूरी बातें

इस सरकारी स्कीम में PPF से जल्दी दोगुना हो जाएगा पैसा, जानें सभी जरूरी बातें
जानें क्या है वॉलेंटरी प्रॉविडेंट फंड स्कीम?

पीपीएफ से ज्यादा रिटर्न चाहते हैं तो आपके लिए वॉलेंटरी प्रोविडेंट फंड (VPF) बेहतर विकल्प हो सकता है. इसमें पीपीएफ से ज्यादा ब्याज मिलता है और पीपीएफ से 18 महीने पहले आपका पैसा दोगुना हो जाता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 30, 2020, 6:27 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. नौकरी करने वालों निवेश को लेकर यही ख्याल होता है कि उसका पैसा सुरक्षित रहे और जल्द से जल्द उसका पैसा दोगुना हो जाए. अगर आप जॉब करते हैं और पीपीएफ से ज्यादा रिटर्न चाहते हैं तो आपके लिए वॉलेंटरी प्रोविडेंट फंड (VPF) बेहतर विकल्प हो सकता है. इसमें पीपीएफ से ज्यादा ब्याज मिलता है और पीपीएफ से 18 महीने पहले आपका पैसा दोगुना हो जाता है. VPF में निवेश करने के लिए आपको अलग से कोई खाता खोलने की जरूरत नहीं है. ऐसे में आप सोच रहे होंगे कि आखिर वीपीएफ है क्या और इसमें किस तरह निवेश किया जा सकता है.

ऐसे करें वीपीएफ में निवेश
वॉलंटरी प्रोविडेंट फंड (VPF) कर्मचारी भविष्य निधि (EPFO) की ही एक योजना है. इस योजना के तहत लाभ लेने वाले कर्मचारी अपनी इच्‍छा से अपने वेतन का कोई भी हिस्सा वॉलंटरी प्रोविडेंट फंड खाते में योगदान कर सकता है. यह योगदान सरकार द्वारा अनिवार्य 12 फीसदी पीएफ की अधिकतम सीमा से अधिक होना चाहिए. आपको बता दें कि कंपनी वीपीएफ की ओर से किसी भी राशि का योगदान करने के लिए बाध्‍य नहीं है.

ये भी पढ़ें: बेटी का भविष्य सु​​रक्षित करने के लिए जान लें बातें, पैसा और टैक्स दोनो बचेगा
अलग से खाते की जरूरत नहीं


VPF के लिए अलग से खाता खोलने की जरूरत नहीं है. एक कर्मचारी अपने मूल वेतन और डीए का 100 फीसदी योगदान वीपीएफ में दे सकता है. इस पर ब्‍याज दर ईपीएफ के समान होगी और यह राशि ईपीएफ योजना के खाते में जमा की जाएगी, क्‍योंकि VPF के लिए कोई अलग खाता नहीं है.

निवेश की सीमा
PPF की तरह वीपीएफ भी रिस्क-फ्री और टैक्स फ्री इनवेस्टमेंट का ऑप्शन है. अगर आप अपना रिटायरमेंट प्लान कर रहे हैं तो वीपीएफ आपके लिए एक बेहतर ऑप्शन हो सकता है. पीपीएफ में निवेश की सीमा सालाना 1.5 लाख रुपये तक होती है, जबकि वीपीएफ में ऐसी कोई लिमिट नहीं होती. इसमें निवेश करने के लिए अलग से किसी भी खाते की जरूरत नहीं है. कोई भी कर्मचारी मूल वेतन और डीए का 100 प्रतिशत योगदान वीपीएफ में कर सकता है.

ब्याज दर
वीपीएफ पर ब्याज दर ईपीएफ के बराबर ही मिलती है. मार्च में सरकार की तरफ से ईपीएफ की ब्याज दर में 0.10 फीसदी की कटौती की गई थी. इस समय ईपीएफ के साथ ही वीपीएफ पर ब्याज दर 8.50 फीसदी है. क्योंकि वीपीएफ की राशि ईपीएफ अकाउंट में ही जमा होती है, इस कारण दोनों की ब्याज दर भी एक समान रहती है. दूसरी तरफ मौजूदा समय में पीपीएफ पर 7.1 फीसदी की ब्याज दर है.

ये भी पढ़ें: किसी स्कीम में निवेश से पहले जान लें कब आपका पैसा होगा दोगुना, जान लें ये नियम

इस बात का रखें ध्यान
VPF के साथ निकासी को लेकर बंदिशें हैं. पूरी रकम केवल रिटायरमेंट पर ही निकाली जा सकती है. VPF में पैसा लगाते समय आपको इस बात की अनदेखी नहीं करनी चाहिए.

जानें कब होगा डबल पैसा?
फाइनेंस का एक खास नियम है रूल ऑफ 72. एक्सपर्ट्स इसे सबसे सटीक रूल मानते हैं, जिससे यह तय किया जाता है कि आपका निवेश कितने दिनों में डबल हो जाएगा. इसे आप ऐसे समझ सकते हैं कि अगर आपने PPF में निवेश किया और यहां आपको सालाना 7.1% ब्याज मिलता है.
- ऐसे में आपको रूल 72 के तहत 72 में 7.1 का भाग देना होगा.
- 72/7.1= 10.14 साल, यानी PPF में आपके पैसे 10.14 साल में दोगुने हो जाएंगे.
- वहीं VPF में ब्याज दर 8.50 फीसदी है. आपको 72 में 8.50 से भाग देना होगा. 72/8.50= 8.47 साल, यानी VPF में आपका पैसा 8.47 साल में डबल हो जाएगा. इसका मतलब है वीपीएम में आपका पैसा PPF से 1.6 साल पहले डबल होगा.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading