1 साल में 21 रुपये महंगा हुआ पेट्रोल, 19 राज्यों में 100 के पार- जानिए कितना वसूल रही सरकार आपसे टैक्स?

पेट्रोल-डीजल (Petrol-Diesel Price)

लगातार महंगे हो रहे पेट्रोल-डीजल (Petrol-Diesel Price) ने आम आदमी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. देश के 19 राज्यों में इस समय पेट्रोल के दाम 100 के पार जा चुकें हैं, तो वहीं कई शहरों में 110 रुपये के पार पहुंच चुका है.

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    नई दिल्ली. भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें (Petrol-Diesel Price) अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर हैं. देश के 19 राज्यों में इस समय पेट्रोल के दाम 100 के पार जा चुकें हैं, तो वहीं कई शहरों में 110 रुपये के पार पहुंच चुका है. मई की शुरुआत से घरेलू ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है. अगर पेट्रोल-डीजल के रेट की बात करें तो बीते 1 साल में ही पेट्रोल 21 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ है.

    पिछले साल जुलाई में था 80 रुपये लीटर
    अगर हम पिछली जुलाई की बात करें तो 21 जुलाई को दिल्ली में पेट्रोल 80.43 रुपये और डीज़ल 81.64 रुपये प्रति लीटर था, जो आज बढ़कर पेट्रोल 101.84 रुपये और डीजल 89.87 रुपये प्रति लीटर हो गया है. यानी की इस 1 साल में पेट्रोल 21.41 रुपये प्रति महंगा हुआ है.

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    19 राज्यों में पेट्रोल 100 के पार
    देश के कम से कम 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के स्तर को पार कर गई है. जिनमें महाराष्ट्र, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, राजस्थान, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, जम्मू और कश्मीर, ओडिशा, लद्दाख, बिहार, केरल, पंजाब, सिक्किम और नागालैंड शामिल है.

    इस तरह तय होती हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें
    भारत में ईंधन की कीमत अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों, रुपया-डॉलर विनिमय दर पर निर्भर करती है. इसके अलावा, केंद्र सरकार और राज्य पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क और मूल्य वर्धित कर (वैट) जैसे विभिन्न कर लगाते हैं. ईंधन की कीमत में डीलर का कमीशन और भाड़ा शुल्क भी जोड़ा जाता है. यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि पेट्रोल और डीजल माल और सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में नहीं आते हैं.

    जानिए सरकार कितना वसूल रही टैक्स
    7 साल पहले पेट्रोल की खुदरा कीमतों में करीब दो-तिहाई हिस्सा कच्चे तेल का होता था. आज लगभग इतना ही हिस्सा केंद्र और राज्यों के टैक्सेज का हो गया है. आंकड़ों से पता चलता है कि पेट्रोल पर केंद्र सरकार राज्यों के मुकाबले ज्यादा टैक्स ले रही है. औसतन देखें तो राज्य सरकारें हर एक लीटर पेट्रोल पर करीब 20 रुपये का टैक्स ले रही हैं, जबकि केंद्र सरकार करीब 33 रुपये प्रति लीटर. राज्य सरकारों द्वारा पेट्रोल-डीजल पर लगाया गया बिक्री कर या वैट हर राज्य में अलग-अलग होता है.

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    13 बार बढ़ाई गई एक्साइज ड्यूटी
    बता दें कि वर्तमान में केंद्र सरकार प्रति लीटर पेट्रोल पर बेसिक एक्साइज, सरचार्ज, एग्री-इन्फ्रा सेस और रोड/इन्फ्रा सेस के नाम पर कुल 32.98 रुपये वसूलती है. डीज़ल के लिए यह 31.83 रुपये प्रति लीटर है.​ अब तक सरकार ने 13 बार एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई है. पेट्रोल और डीजल पर आखिरी बार मई 2020 में पेट्रोल पर 13 रुपये और डीज़ल पर 16 रुपये प्रति लीटर सरचार्ज बढ़ाया था.

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