पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों पर दिल्ली HC का केंद्र को निर्देशः प्राइज कंट्रोल के लिए देखें प्रेजेंटेशन

मामले में याचिकाकर्ता पूजा महाजन ने कोर्ट से अपनी याचिका में कहा है कि एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट 1955 के तहत केंद्र सरकार की ये जिम्मेदारी है कि वह आवश्यक वस्तुओं को सही दामों पर आम लोगों तक पहुंचाए.

Amit Singh | News18Hindi
Updated: September 12, 2018, 11:19 PM IST
पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों पर दिल्ली HC का केंद्र को निर्देशः प्राइज कंट्रोल के लिए देखें प्रेजेंटेशन
सांकेतिक तस्वीर
Amit Singh | News18Hindi
Updated: September 12, 2018, 11:19 PM IST
पेट्रोल-डीजल में लगातार हो रही बढ़ोतरी के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. दिल्ली हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा है कि वो केंद्र सरकार को मामले में 4 सप्ताह के अंदर प्रेजेंटेशन दें की कैसे पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी आ सकती है.

हाई कोर्ट ने मामले में टिप्पणी करते हुए ये भी कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमत सरकार की नीतियों पर निर्भरत करती है लिहाजा वह इस मामले में आदेश नही दे सकते हैं. लेकिन हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता की याचिका को देखते हुए केंद्र सरकार से ये जरूर कहा कि वो याचिकाकर्ता की प्रेजेंटेशन को देखें कि कैसे पेट्रोल और डीजल की कीमत में कमी आ सकती है.

मामले में याचिकाकर्ता पूजा महाजन ने कोर्ट से अपनी याचिका में कहा है कि एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट 1955 के तहत केंद्र सरकार की ये जिम्मेदारी है कि वह आवश्यक वस्तुओं को सही दामों पर आम लोगों तक पहुंचाए.

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी पर लगाम लगाने के लिए इस याचिका में कोर्ट से गुहार लगाई गई थी कि वो केंद्र को तुरंत निर्देश दें, ताकि लोगों को पेट्रोल और डीजल के बढ़े दामों से कुछ राहत मिले.

याचिका में कहा गया है कि तेल कंपनियां फिलहाल जिस रेट पर पेट्रोल और डीजल बेच रही हैं वह सीधे तौर पर एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट 1955 के सेक्शन 3(1) का खुला उल्लंघन है. इसके लिए उन पर जुर्माना लगाया जाना चाहिए.

केंद्र सरकार को अब 4 सप्ताह में याचिकाकर्ता के प्रेजेंटेशन पर निर्णय लेना है.

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