कच्चा तेल हुआ 13 फीसदी तक सस्ता, जानिए कितना होगा पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों पर असर!

पेट्रोल की कीमत में बढ़ोतरी का सिलसिला छठे दिन भी जारी रहा
पेट्रोल की कीमत में बढ़ोतरी का सिलसिला छठे दिन भी जारी रहा

ग्लोबल स्लोडन (Global Slowdown) के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल (Crude Price) के दाम लगातार गिर रहे है. पिछले दो महीने में ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमतें 13 फीसदी से ज्यादा लुढ़क गई हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 4, 2019, 12:06 PM IST
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ग्लोबल स्लोडन  (Global Slowdown) के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल (Crude Price) के दाम लगातार गिर रहे है. पिछले दो महीने में ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमतें 13 फीसदी से ज्यादा लुढ़क गई है. वहीं, घरेलू स्तर पर पेट्रोल-डीज़ल (Petrol Diesel Price) की कीमतों में इसका खास असर नहीं दिख रहा है. इस पर एक्सपर्ट्स का कहना है कि क्रूड तो सस्ता हो रहा है, लेकिन अमेरिकी डॉलर (US Dollar) के मुकाबले रुपया (Indian Rupee) गिर रहा है. जिसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चा तेल खरीदना सस्ता हुआ है. लेकिन रुपये के गिरने से भारत में इसका इंपोर्ट महंगा हो गया है. आपको बता दें कि पिछले दो महीने में डीज़ल की कीमतें 1.24 रुपये प्रति लीटर तक कम हो गई हैं. जबकि, पेट्रोल के दाम 0.89 रुपये तक घटे हैं. भारत सालाना तकरीबन 20 करोड़ टन कच्चा तेल खरीदता है.

क्यों सस्ता हो रहा है कच्चा तेल- केडिया कमोडिटी के एमडी अजय केडिया ने न्यूज18 हिंदी को बताया है कि क्रूड कीमतों में गिरावट की मुख्य वजह डिमांड में कमी और सप्लाई का बढ़ना है. ग्लोबल स्लोडाउन के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चा तेल सस्ता हो रहा है. साथ ही, वर्ल्ड बैंक समेत कई बड़ी एजेंसियों ने ग्लोबल ग्रोथ का अनुमान घटा दिया है. इससे उसकी कीमतों पर दबाव पड़ा है.

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कच्चे तेल पर निर्भरता घटाने के लिए सरकार की नई योजना- केंद्र की मोदी सरकार ने मंगलवार को बड़ा फैसला लेते हुए इथेनॉल की सप्लाई बढ़ाने को मंजूरी दे दी है. नए फैसले के तहत सरकारी तेल कंपनियां (HPCL, BPCL, IOC) अब चीनी से बनाए गए इथेनॉल की खरीदारी भी कर सकेंगी. सरकार को उम्मीद है कि इथेनॉल की खरीद बढ़ाकर वह इस वर्ष तेल आयात बिल में एक फीसद की कमी कर सकेगी.



कैसे तय होते हैं पेट्रोल-डीज़ल के दाम- जिस कीमत पर हम पेट्रोल पंप से पेट्रोल खरीदते हैं उसका करीब 48 फीसदी बेस प्राइस यानी आधार मूल्य होता है.इसके बाद बेस मूल्य पर करीब 35 फीसदी एक्साइज ड्यूटी, 15 फीसदी सेल्स टैक्स और दो फीसदी कस्टम ड्यूटी लगाई जाती है.

क्या है ईंधन का बेस प्राइस? तेल के बेस प्राइस में कच्चे तेल की कीमत, प्रोसेसिंग चार्ज और कच्चे तेल को रीफाइन करने वाली रिफाइनरियों का चार्ज शामिल होता है.

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