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Petrol Diesel Prices : आज चुनाव खत्‍म होते ही बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के रेट, जानें कितना महंगा होगा?

Petrol Diesel Prices : आज चुनाव खत्‍म होते ही बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के रेट, जानें कितना महंगा होगा?

कंपनियों ने करीब 120 दिनों से महानगरों में पेट्रोल-डीजल कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है.

कंपनियों ने करीब 120 दिनों से महानगरों में पेट्रोल-डीजल कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है.

यूपी सहित 5 राज्‍यों में विधानसभा चुनाव (Assembly Election in UP) का आज अंतिम दिन है. तेल कंपनियां भी इसी ताक में बैठी हैं कि सरकार का इशारा मिलते ही पेट्रोल-डीजल कीमतें बढ़ाना शुरू कर दें. ग्‍लोबल मार्केट में क्रूड के भाव 130 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहे, जो कंपनियों पर कीमतें बढ़ाने के लिए लगातार दबाव डाल रहे हैं. मंगलवार से आपको भी महंगे पेट्रोल-डीजल के लिए तैयार रहना चाहिए.

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नई दिल्‍ली. यूपी में विधानसभा चुनाव (Assembly Election in UP) का अंतिम चरण सोमवार को समाप्‍त हो रहा है और इसी के साथ तेल कंपनियों पर लगी लगाम भी खत्‍म हो जाएगी. इस बात के पूरे आसार हैं कि तेल कंपनियां मंगलवार सुबह से ही पेट्रोल-डीजल कीमतों में बदलाव (Change in Petrol Diesel rate) शुरू कर देंगी.

दरअसल, ग्‍लोबल मार्केट में कच्‍चे तेल के दाम 2008 के बाद सबसे ज्‍यादा महंगे हो चुके हैं. सोमवार सुबह ब्रेंट क्रूड (Brent crude) 139 डॉलर प्रति बैरल के भाव को भी पार कर गया, जो एक दिन में ही 10 फीसदी से ज्‍यादा का उछाल है. हालांकि, यह बाद में थोड़ा नीचे आया लेकिन अब भी 130 डॉलर प्रति बैरल के आसपास टिका हुआ है. अब तेल कंपनियों पर भी कीमतें बढ़ाने का दबाव अपने पीक पर पहुंच चुका है.

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कंपनियों पर कैसे बढ़ा इतना ज्‍यादा दबाव
सरकार ने 15 जून, 2017 के बाद तेल कीमतों में बदलाव को पूरी तरह बाजार पर निर्भर कर दिया है. इसका मतलब है कि ग्‍लोबल मार्केट में क्रूड के भाव के सापेक्ष ही कंपनियां घरेलू बाजार में भी पेट्रोल-डीजल के रेट तय करेंगी. लेकिन, असलियत ये है कि 5 राज्‍यों में चुनावों को देखते हुए सरकार के दबाव में कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ाए, जो चार महीने से स्थिर हैं. इस दौरान क्रूड के दाम करीब दोगुना बढ़ चुके हैं, जिससे पेट्रोलियम कंपनियों पर कीमतें बढ़ाने का दबाव काफी ज्‍यादा हो गया है.

कल से सरपट भगेगा तेल का रेट?
एनर्जी मार्केट और कमोडिटी एक्‍सपर्ट अजय केडिया का कहना है कि भारतीय पेट्रोलियम कंपनियों का मार्जिन लगातार घटता जा रहा. चार महीने पहले वे जिस भाव पर क्रूड की खरीदारी करतीं थी, अब उससे दोगुनी कीमत चुकानी पड़ रही. अनुमान है कि पहले दिन से ही कंपनियां 50 पैसे से ज्‍यादा की बढ़ोतरी कर सकती हैं. यह सिलसिला लगातार कुछ दिन चला तो पेट्रोल और डीजल के खुदरा दाम 5 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ जाएंगे.

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सरकार भी देगी झटका…वापस ले सकती है शुल्‍क कटौती
कुछ एक्‍सपर्ट ये भी अनुमान जता रहे कि कंपनियां अपने मार्जिन की भरपाई के लिए सरकार पर भी दबाव बना रहीं हैं. उनकी मांग है कि पिछले दिनों उत्‍पाद शुल्‍क में की गई कटौती को अब वापस लेने का समय आ गया है. चूंकि, सरकार पर भी चुनाव की ‘नैतिक जिम्‍मेदारी’ अब समाप्‍त हो रही है लिहाजा उसके पास भी उत्‍पाद शुल्‍क में कटौती वापस लेने का पूरा मौका है.

अब…10 रुपये प्रति लीटर का लग सकता है झटका
अगर सरकार ने भी उत्‍पाद शुल्‍क कटौती खत्‍म करने का ऐलान किया तो पेट्रोल कीमतों में एकमुश्‍त 5 रुपये का इजाफा होगा. वहीं, कंपनियां भी धीरे-धीरे कीमतें बढ़ाकर अपने मार्जिन में 5 रुपये का इजाफा करती हैं तो कुल बढ़ोतरी 10 रुपये प्रति लीटर पहुंच जाएगी. हालांकि, डीजल पर सरकार ने 10 रुपया उत्‍पाद शुल्‍क घटाया जिसे पूरी तरह वापस लेने की ज्‍यादा संभावना नहीं है. इस पर भी 5 रुपये की कटौती होती है तो यहां भी कीमतें 10 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ जाएंगी.

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ऐसा होता है तो…महंगाई की चौतरफा मार के लिए हो जाएं तैयार
पेट्रोल-डीजल महंगा होने से आपके लिए न सिर्फ वाहन चलाना महंगा हो जाएगा, बल्कि इसकी वजह से चौतरफा महंगाई की मार पड़नी शुरू हो जाएगी. डीजल महंगा होने से माल ढुलाई पर असर पड़ेगा और सब्‍जी-फल सहित अन्‍य खाने-पीने की चीजें महंगी होती जाएंगी. खुदरा महंगाई दर पहले ही 6 फीसदी के ऊपर पहुंच चुकी है, जो फरवरी और फिर मार्च से और रुलाएगी. खाने के तेल की महंगाई भी और बढ़ जाएगी जिसका ज्‍यादातर आयात बाहर से होता है.

Tags: Assembly elections, Petrol price hike

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