खुलासा! इस शख्स के पीएफ खाते में 102 करोड़ रुपये, 1.23 लाख अकाउंट में 62,500 करोड़ रुपये जमा

शीर्ष 20 उच्च आय वर्ग के लोगों के खातों में करीब 825 करोड़ रुपये जमा हैं.

शीर्ष 20 उच्च आय वर्ग के लोगों के खातों में करीब 825 करोड़ रुपये जमा हैं.

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) में योगदान करने वाले 4.5 करोड़ पीएफ अकाउंट (PF Account) हैं. इनमें 1.23 लाख ऐसे अकाउंट हैं, जोकि मोटा सैलरी पाने लोगों (HNI) की है और इनमें कुल 62,500 करोड़ रुपये जमा है. एक शख्स तो ऐसा भी है जिसके पीएफ अकाउंट में 102 करोड़ रुपये जमा हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 5, 2021, 7:32 AM IST
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नई दिल्ली. कर्मचारी भविष्य निधि फंड (EPF) में जमा पैसों को लेकर एक चौंकाने वाले आंकड़ा सामने आया है. पता चला है कि देशभर में मोटी सैलरी पाने वालों (High Net worth Individuals) के पीएफ अकाउंट में 62,500 करोड़ रुपये की राशि जमा है. सूत्रों से मिली जानकारी से पता चला है कि इसमें एक ऐसा भी शख्स है, जिसके पीएफ अकाउंट (PF account) में 103 करोड़ रुपये है. ज्ञात हो कि आम बजट 2021-22 (Union Budget 2021-22) में सरकार ने फैसला लिया है कि अगर कोई व्यक्ति अपने पीएफ अकाउंट में सलाना 2.5 लाख रुपये से ज्यादा का योगदान करता है तो उन्हें मिलने वाली ब्याज पर टैक्स छूट का लाभ नहीं मिलेगी.

वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) के रेवेन्यू विभाग (Revenue Department) के सूत्रों के हवाले से PTI की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन खाते में योगदान करने वाले कुल सब्सक्राइबर्स की संख्या में 4.5 करोड़ है. इनमें 0.3 फीसदी से भी कम यानी 1.23 लाख अकाउंट धनाढ्यों यानी मोटा वेतन पाने वालों के हैं. ये लोग अपने ईपीएफ अकाउंट में हर महीने एक बड़ी रकम जाम करते हैं.

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शीर्ष 100 HNI के खातों में 2,000 करोड़ रुपये जमा
अधिक ब्याज पाने वालों को टैक्स के दायरे में लाने को वाजिब ठहराते हुए एक सूत्र ने कहा कि उच्च श्रेणी की आय वाले इन लोगों के PF खाते में फिलहाल 62,500 करोड़ रुपये जमा हैं और सरकार उन्हें टैक्स छूट के साथ 8 फीसदी का निश्चित रिटर्न दे रही है. यह लाभ उन्हें ईमानदार निम्न और मध्यम आय, वेतनभोगी और अन्य करदाताओं की कीमत पर मिल रहा है. सूत्रों के अनुसार इनमें एक शख्स के खाते में 103 करोड़ रुपये से भी अधिक जमा है. वहीं दो अन्य ऐसे लोगों के खातों में 86-86 करोड़ रुपये से अधिक जमा हैं.

टैक्स छूट का साथ उठा रहे 8 फीसदी सुरक्षित रिटर्न का लाभ

शीर्ष 20 उच्च आय वर्ग के लोगों के खातों में करीब 825 करोड़ रुपये जमा हैं, जबकि शीर्ष मोटी सैलरी पाने वाले 100 HNI के खातों में 2,000 करोड़ रुपये से अधिक राशि जमा हैं. उसने कहा कि बजट में किए गए प्रस्ताव का मकसद कंट्रीब्यूटर्स के बीच असामानता को दूर करना है और उन उच्च आय वर्ग के लोगों पर लगाम लगाना है जो निश्चित उच्च ब्याज दर के प्रावधान का लाभ लेने के लिए बड़ी राशि जमा कर रहे हैं और ईमानदार टैक्सपेयर्स के पैसे की कीमत पर गलत तरीके से कमाई कर रहे हैं.



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सूत्रों ने यह भी कहा कि ये HNI कंट्रीब्यूटर्स EPF खाताधारकों की कुल संख्या का 0.27 प्रतिशत है और उनका प्रति व्यक्ति औसत कोष 5.92 करोड़ रुपये है. अत: वे टैक्स मुक्त निश्चित रिटर्न के साथ सालाना प्रति व्यक्ति 50.3 लाख रुपये की कमाई कर रहे हैं. यह कमाई वेतनभोगी वर्ग और अन्य करदाताओं की लागत पर की जा रही है. उसने कहा कि बजट में भविष्य में 2.5 लाख रुपये और उससे अधिक के कंट्रीब्यूशन पर ब्याज छूट को हटाना समानता के सिद्धांत पर आधारित है. व्यवस्था में इस खामी को दूर करने से औसत सामान्य EPF या GPF कंट्रीब्यूटर प्रभावित नहीं होंगे.
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