NPS और अटल पेंशन योजना में पैसा लगाने वालों के लिए सरकार ने उठाया बड़ा कदम, मिलेगी राहत

NPS और अटल पेंशन योजना में पैसा लगाने वालों के लिए सरकार ने उठाया बड़ा कदम, मिलेगी राहत
पीएफआरडीए ने नेशनल पेंशन सिस्‍टम और अटल पेंशन योजना के सब्‍सक्राइबर्स की शिकायतों के समाधान के लिए लोकपाल की नियुक्ति कर दी है.

पेंशन फंड रेग्‍युलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने नेशनल पेंशन सिस्‍टम (NPS) और अटल पेंशन योजना (APY) से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए एक लोकपाल (Ombudsman) की नियुक्ति कर दी है. लोकपाल को आदेश पारित करने और जुर्माना लगाने (Impose Fine) का अधिकार होता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 27, 2020, 11:43 AM IST
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नई दिल्‍ली. पेंशन फंड रेग्‍युलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने नेशनल पेंशन सिस्‍टम (NPS) और अटल पेंशन योजना (APY) से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए एक लोकपाल (Ombudsman) की नियुक्ति कर दी है. यह इस तरह की दूसरी नियुक्ति है. पहले पीएफआरडीए लोकपाल विनोद पांडे ने 2016 से 2019 तक कार्यालय में अपनी सेवाएं दी और सब्‍सक्राइबर्स की समस्‍याओं का समाधान किया. बता दें कि हाल के वर्षों में दो पेंशन योजनाओं की सदस्‍यता लेने का चलन तेजी से बढ़ा है. ऐसे में लोकपाल की नियुक्ति विशेष रूप से अहम हो गई थी.

लोकपाल को होता है जुर्माना लगाने का अधिकार
अटल पेंशन योजना के सब्‍सक्राइबर्स की संख्‍या 20 अगस्‍त 2020 को 2.4 करोड़ को पार कर गई है. वित्त वर्ष 2019-20 के आखिर तक एनपीएस के सब्‍सक्राइबर्स की संख्‍या 1.3 करोड़ हो गई थी. पीएफआरडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पेंशन सब्‍सक्राइबर्स के लिए शिकायतों (Grievances) के निस्‍तारण के लिए एक स्वतंत्र प्राधिकरण काफी अहम हो जाता है. लोकपाल को आदेश पारित करने और जुर्माना लगाने (Impose Fine) का अधिकार होता है.

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लोकपाल के पास कब भेजी जाती है शिकायत


नियमों के मुताबिक, लोकपाल 10 लाख रुपये तक के आदेश दे सकता है. शिकायतों में सब्‍सक्राइबर के वेतन से काटे जा चुके योगदान को एनपीएस खाते में ट्रांसफर नहीं करने जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं. शिकायतों को पहले सेंट्रलाइज्‍ड ग्रीवांसेस मैनेजमेंट सिस्‍टम CGMS) में दर्ज किया जाना जरूरी है. इसके 30 दिनों के भीतर संतोषजनक समाधान नहीं होने पर इन्हें एनपीएस ट्रस्ट में स्थानांतरित किया जा सकता है. अगर एनपीएस ट्रस्ट 30 दिनों में भी शिकायत का समाधान नहीं कर पाता है तो इसे लोकपाल को दिया जा सकता है.

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सरकारी कर्मियों के लिए शुरू हुई एनपीएस
एनपीएस और एपीवाई में सब्‍सक्राइबर्स को हर महीने, तिमाही या हर छमाही तय राशि का निवेश करना होता है. इसके बाद सब्‍सक्राइबर को रिटायरमेंट के बाद निश्चित राशि हर महीने पेंशन के तौर पर दी जाती है. एनपीएस में 18 से 60 साल तक का कोई भी भारतीय नागरिक शामिल हो सकता है. केंद्र सरकार ने इसे 1 जनवरी 2004 को पेश किया था. इस तारीख के बाद ज्वाइन करने वाले सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए यह योजना जरूरी है. साल 2009 के बाद से योजना को प्राइवेट सेक्टर में काम करने वालों के लिए भी खोल दिया गया. रिटायरमेंट के बाद कर्मचारी एनपीएस का एक हिस्सा निकाल सकते हैं. वहीं, बाकी रकम से रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम के लिए एन्‍युटी ले सकते हैं.

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असंगठित क्षेत्र के लिए है अटल पेंशन योजना
अटल पेंशन योजना असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए है. इसमें 1000 से 5000 रुपये हर महीने पेंशन का प्रावधान है. इस योजना से 18-40 साल तक के लोग जुड़ सकते हैं. इस योजना का लाभ वे लोग ही उठा सकते हैं, जो इनकम टैक्स स्लैब से बाहर हैं. योजना के तहत कम से कम 20 साल तक निवेश करना होगा. इस योजना में निवेश से रिटायर होने के बाद आप हर माह पेंशन पाने के हकदार हो जाते हैं. सब्‍सक्राइबर की असमय मौत होने पर उसकी पत्नी और पत्नी की मृत्यु के बाद बच्चों को पेंशन मिलने का प्रावधान है.
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