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पेंशनर्स के लिए PFRDA ने पेश कीं तीन नई ऑनलाइन सुविधाएं, जानें इनके बारे में सबकुछ

पेंशन फंड रेग्‍युलेटर पीएफआरडीए ने एनपीएस सब्‍सक्राइबर्स के लिए तीन नई ऑनलाइन सुविधाएं शरू की हैं.
पेंशन फंड रेग्‍युलेटर पीएफआरडीए ने एनपीएस सब्‍सक्राइबर्स के लिए तीन नई ऑनलाइन सुविधाएं शरू की हैं.

पेंशन फंड नियामक पीएफआरडीए (PFRDA) ने नेशनल पेंशन स्‍कीम के सब्‍सक्राइबर्स (NPS Subscribers) के लिए नई ऑनलाइन सुविधाएं (Online Facilities) शुरू की हैं. इनके जरिये सब्‍सक्राइबर्स एनपीएस अकाउंट (NPS Account) से सीधे अपने बैंक अकाउंट (Bank Account) में पैसे ट्रांसफर (Money Transfer) कर सकते हैं. इसके अलावा उन्‍हें वीडियो आधारित पहचान प्रक्रिया पूरी करने की सुविधा भी मिलेगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 2, 2020, 8:02 AM IST
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नई दिल्‍ली. कोरोना संकट को देखते हुए पेंशन फंड रेग्‍युलटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने नेशनल पेंशन स्‍कीम के सब्‍सक्राइबर्स (NPS Subscribers) के लिए तीन नई ऑनलाइन सुविधाएं शुरू कर दी हैं. हाल में पीएफआरडीए ने डी-रेमिट (D-Remit) सुविधा शुरू की थी. इसके तहत नेशनल पेंशन स्‍कीम सब्‍सक्राइबर्स अपने एनपीएस अकाउंट (NPS Account) से सीधे बैंक अकाउंट (Bank Account) में पैसे ट्रांसफर (Money Transfer) कर सकते हैं. साथ ही उन्‍हें उसी दिन की नेट एसेट वैल्‍यू (NAV) के आधार पर भुगतान किया जाता है.

एनपीएस में म्‍यूचुअल फंड की तर्ज पर कर सकते हैं SIP
डी-रेमिट सुविधा के तहत सब्‍सक्राइबर्स म्‍यूचुअल फंड (Mutual Funds) के लिए सिस्‍टेमैटिक इंवेस्‍टमेंट प्‍लान (SIP) की तर्ज पर एनपीएस में भी निश्चित अंतराल पर निवेश (Regular Investment) कर सकते हैं. पीएफआरडीए ने हाल में नॉमिनेशन में बदलाव करने के लिए ई-सिग्‍नेचर आाधारित ऑनलाइन सुविधा शुरू की है. इसके तहत एनपीएस सब्‍सक्राइबर्स जब चाहें अपने नॉमिनी का नाम बदल सकते हैं. इससे पहले पेंशन फंड रेग्‍युलेटर ने वीडियो आधारित ग्राहक पहचान प्रक्रिया की शुरुआत की थी. इससे सब्‍सक्राइबर्स को ऑनलाइन निकासी की सुविधा मिलने लगी.

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एनपीएस के लिए ऐसे इस्‍तेमाल करें डी-रेमिट सुविधा


डी-रेमिट के तहत एनपीएस सब्‍सक्राइबर की ओर से शनिवार, रविवार और अवकाश के दिनों को छोड़कर सभी दिन सुबह 9.30 बजे तक ट्रस्‍टी बैंक को मिली स्‍वैच्छिक सहयोग राशि को उसी दिन की एनएवी देने के लिए स्‍वीकार किया जाएगा. बता दें कि डी-रेमिट सुविधा के तहत कम से कम 500 रुपये की सहयोग राशि ही स्‍वीकार की जाएगी.

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>> डी-रेमिट सुविधा का इस्‍तेमाल करने के लिए एनपीएस सब्‍सक्राइबर के पास वर्चुअल आईडी (Virtual Account) होनी जरूरी है. सब्‍सक्राइबर सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसी (CRA) के पोर्टल को एक्‍सेस करें.

>> इसके बाद सब्‍सक्राइबर को परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (PRAN) में रजिस्‍टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा.

>> वर्चुअल आईडी को सिर्फ एक बार जेनरेट करना होता है. इसके बाद ये आईडी डी-रेमिट के लिए स्‍थायी तौर पर पीआरएएन के साथ अटैच हो जाती है.

>> टीयर-1 और टीयर-2 एनपीएस अकाउंट के लिए खास वर्चुअल आईडी होती हैं.

>> नेट बैंकिंग सुविधा का इस्‍तेमाल करने वाले एनपीएस सब्‍सक्राइबर आर-रेमिट फीचर का इस्‍तेमाल भी कर सकते हैं.

>> नेट बैंकिंग में लॉगइन करने के बाद सब्‍सक्राइबर को लाभार्थी के तौर पर अपनी वर्चुअल आईडी ट्रस्‍टी बैंक की आईएफएससी डिटेल्‍स के साथ जोड़नी होती है. इसके बाद सब्‍सक्राइबर के बैंक अकाउंट से कॉन्ट्रिब्‍यूशन ऑटो डेबिट हो जाएगा. साथ ही सब्‍सक्राइबर फंड भी ट्रांसफर कर सकता है.

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एनपीएस नॉमिनेशन में ऐसे कर सकते हैं ऑनलाइन बदलाव
>> एनपीएस सब्‍सक्राइबर अपने सीआरए सिस्‍टम में लॉगइन करें. इसके बाद डेमोग्राफिक चेंजेस मैन्‍यु में अपडेट पर्सनल डिटेल्‍स पर क्लिक करें.

>> इसके बाद एड/अपडेट नॉमिनी डिटेल का ऑप्‍शन चुनें. फिर नॉमिनी का नाम, उससे अपना रिश्‍ता और उसकी हिस्‍सेदारी का प्रतिशत जैसी मांगी गई जानकारियां भरें.

>> सभी जानकारी सेव और कंफर्म करने पर सब्‍सक्राइबर को रजिस्‍टर्ड मोबाइल नंबर पर मिले ओटीपी के जरिये डिटेल्‍स का सत्‍यापन करें.

>> फिर ई-सिग्‍नेचर के जरिये नॉमिनेशन में किए गए बदलावों का सत्‍यापन करें. इसके बाद एनपीएस रिकॉर्ड में नॉमिनेशन डिटेल्‍स अपडेट हो जाएंगी.
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