Boycott China: ई-कॉमर्स साइट प्रोडक्ट कहां बना उस देश का नाम बताने के लिए नोटिस जारी

Boycott China: ई-कॉमर्स साइट प्रोडक्ट कहां बना उस देश का नाम बताने के लिए नोटिस जारी
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जनहित याचिका में एक वकील ने लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट 2009 को लागू करने और इसके तहत उन नियमों को लागू करने की मांग की, जिनके अनुसार ई-कॉमर्स वेबसाइटों पर बेचे जा रहे उत्पादों पर, उन्हें किस देश में बनाया गया है, इसका उल्लेख करना जरूरी है.

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नई दिल्ली. दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (Ministry of Commerce and Industry) समेत ई कॉमर्स वेबसाइट अमेजन (Amazon), फ्लिपकार्ट (Flipkart), स्नैपडील (Snapdeal) और अन्य को नोटिस जारी किया है. एक याचिका दिल्ली हाई कोर्ट में दायर हुई है जिसमें कहा गया है कि इंडिया में बने प्रोडक्ट्स की बिक्री को बढ़ाने के लिए ई कॉमर्स वेबसाइट अपनी साइट पर प्रोडक्ट्स के बारे में पूरी जानकारी दे कि कहा किन देशों में इसका निर्माण हुआ है. इससे इंडिया में बने प्रोडक्ट्स की बिक्री बढ़ेगी. इसी याचिका पर सुनवाई के दौरान ई कॉमर्स वेबसाइट और मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री को हाई कोर्ट ने नोटिस जारी किया है.

ई-कॉमर्स वेबसाइट पर बेचे जाने वाले उत्पादों को किस देश में बनाया गया है, इसकी जानकारी देने के लिए दायर जनहित याचिका पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र से राय मांगी है. मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने केंद्र और ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों अमेजन, फ्लिपकार्ट और स्नैपडील को नोटिस जारी कर 22 जुलाई तक याचिका पर अपना पक्ष रखने के लिए कहा है.

केंद्र सरकार के स्थायी वकील अजय दिग्पाल ने उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की ओर से नोटिस स्वीकार किया. जनहित याचिका में एक वकील ने लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट 2009 को लागू करने और इसके तहत उन नियमों को लागू करने की मांग की, जिनके अनुसार ई-कॉमर्स वेबसाइटों पर बेचे जा रहे उत्पादों पर, उन्हें किस देश में बनाया गया है, इसका उल्लेख करना जरूरी है.



याचिका में दावा किया गया है कि ई-कॉमर्स संस्थाओं के संबंध में इस आदेश को लागू नहीं किया गया. याचिका में कहा गया कि केंद्र सरकार ने भारतीय वस्तुओं को बढ़ावा देने और खरीदने की अपील की है और ऐसे में जरूरी है कि इस आदेश को लागू किया जाए. याचिकाकर्ता अमित शुक्ला ने सुनवाई के दौरान कोर्ट से कहा कि जब बॉर्डर पर चीन और हम आमने सामने है ऐसे समय पर अपने देश मे बने प्रोडक्ट को बेचने के लिए उसे बढ़ावा देने के लिए तमाम कदम उठाए जा रहे है ऐसे में जरूरी है कि ई कॉमर्स वेबसाइट अपने वेबसाइट पर बेचे जा रहे सामान कि पूरी जानकारी दे कि उस सामान का निर्माण किस देश मे हुआ है.
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