वन नेशन, वन मार्केट के लक्ष्य के लिए जरूरी है रोड, रेल और जलमार्ग के बीच इंटीग्रेशन: गोयल

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (फाइल फोटो)

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (फाइल फोटो)

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने संबंधित सभी स्टेकहोल्डर्स से अपील की है कि वे सर्विस प्रोवाइडर्स के बजाय नॉलेज प्रोवाइडर्स बने.

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नई दिल्ली. बढ़ती महंगाई को काबू करने और किसानों के फसलों व कल कारखानों में तैयार माल को बाजारों तक किफायती दर पर पहुंचाने के लिए लॉजिस्टिक कॉस्ट कम करने के लिए केंद्र की मोदी सरकार हर संभव कोशिश कर रही है. मेरीटाइम इंडिया समिट 2021 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने कहा कि देश में वन नेशन, वन मार्किट के लक्ष्य को पूरा करने के लिए रोड, रेल और जलमार्गों को एक दूसरे से इंटिग्रेट किया जाना चाहिए. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लॉजिस्टिक कॉस्ट (परिवहन लागत) कम करने के लिए केंद्र सरकार मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक सॉल्यूशन पर काम कर रही है.

पीयूष गोयल ने हितधारकों से की ये अपील
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने संबंधित सभी स्टेकहोल्डर्स से अपील की है कि वे सर्विस प्रोवाइडर्स के बजाय नॉलेज प्रोवाइडर्स बने. गोयल ने कहा कि अगर स्टेकहोल्डर्स तकनीकी रास्ते मसलन रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बड़े डेटा एनालिटिक्स को अपनाना चाहिए ताकि हम और सेफ रह सके. इससे हमारा देश अधिक सस्टेनेबल, तेज, फ्यूचरिस्टिक और एफिशिएंट बन सके. पीयूष गोयल ने जानकारी दी कि आने वाले 6 सालों में देश के बड़े बंदरगाहों की क्षमता दुगुनी हो जाएगी. कोस्टल इकोनॉमिक जोन के साथ स्मार्ट सिटी और इंडस्ट्रियल पार्क को जोड़ने का काम कर रहे है. केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया कि तमाम कोशिशों की वजह से घरेलू लॉजिस्टिक कोस्ट 13-14 फीसदी से घटकर वैश्विक स्तर 8 फीसदी तक पहुंच जाएगी. उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए मोदी सरकार के 3 मंत्र है-अपग्रेड, क्रिएट और डेडिकेट.

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समुद्र किनारे लगाया जाए उद्योग


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने उद्योग जगत से अपील की कि वे समुद्र किनारे उद्योग धंधे लगाए. कोस्टल रीजन को इज ऑफ लिविंग और इज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए रोल मॉडल बनाने की दिशा में केंद्र सरकार काम कर रही है. पीयूष ने कहा कि राज्यों के साथ भी साझेदारी के तौर पर काम करेंगे.

ट्रिपल इंजिन के साथ काम करने की जरूरत
कड़ी वैश्विक प्रतिस्पर्धा और समय की मांग को देखते हुए आज ट्रिपल इंजन के साथ काम करने की जरूरत है. तीन इंजनों में एक केंद्र सरकार, दूसरा राज्य सरकार और तीसरा मजबूत मेरीटाइम सेक्टर शामिल है. पीयूष गोयल ने कहा कि मेरीटाइम सेक्टर में आपार संभावनाएं है जिससे लाखों युवाओं को नौकरियां मिल सकती है.

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कोरोना काल के बावजूद रेलवे सामानों का रिकॉर्ड लदान कर रही है
केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि 28 फरवरी 2021 को भारतीय रेलवे ने 110 करोड़ मीट्रिक टन सामानों का लदान किया. 28 फरवरी 2020 को भी रेलवे ने इतने सामानों का लदान किया था यानी कोरोना काल के बावजूद रेलवे ने प्री कोविड लेवल तक सामानों का परिवहन कर रही है. दिसंबर 2023 तक पूरा रेलवे का इलेक्ट्रिफिकेशन हो जाएगा जबकि 2030 तक पूरा भारतीय रेलवे नवीकरणीय ऊर्जा से चला करेगी. साथ ही पीयूष गोयल ने कहा कि आंध्रप्रदेश में रोड, रेल और पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर काम किया जा रहा है.

प्रधानमंत्री ने किया था उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरीटाइम इंडिया 2030 विज़न कार्यक्रम का उद्घाटन और संबोधित किया था. प्रधानमंत्री ने सेक्टर के लिए प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए कहा था कि 3 लाख करोड़ रुपये के निवेश होने से 20 लाख लोगों को नई नौकरियां मिलेगी. पीएम ने कहा था कि सागरमाला परियोजना में निवेश होने से देश के मेरीटाइम इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिलेगा. यहीं नहीं इससे हमारे फ्रेट कॉरिडोर को दुरुस्त किया जा सकेगा.
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